गौसंरक्षण की सत्ता ने भरी हुकार, क्या सत्ता होगी कामयाब

स्वराज को मिला को मिला सत्ता का आधार

व्ही. एस. भुल्ले

म.प्र.-विलेज टाइम्स समाचार सेवा

यू तो अनादिकाल से ही सत्ता का आधार जन और सर्वकल्याण रहा है। अगर ऐसे में स्वराज के लिये सत्ता का आधार मिल रहा है तो इसे सुखद और कल्याणकारी ही कहा जायेगा क्योकि सत्ता के इस कदम से सिर्फ आत्मनिर्भरता का ही आधार मजबूत नही होगा बल्कि हमारे पूज्यनीय महान गौवंश की सेवा के साथ उनके जीवन और उनकी हजारों साल की कृतज्ञता के साथ भी न्याय होगा मगर सत्ता की यह घोषणा भर है या फिर उसका निष्ठापूर्ण संकल्प यह तो सत्ता ही जाने क्योकि इससे पूर्व भी सत्ता खुशहाॅल जीवन बनने आनन्द मंत्रालय तक का गठन कर चुकी है मगर मूल मंत्र के अभाव मे उसके सार्थक परिणाम समाज को नही मिल सके इसके अलाबा सत्ता शिक्षा का स्तर सुधारने की गरज से स्वयं और मातहतो के माध्यम से सुधार का असफल प्रयास कर चुकी है कारण साफ है जब तक सभी को साथ लेकर सार्थक कोसिश समन्वय के साथ शुरू नही की जाती तब तक सार्थक परिणाम असंभव ही रहने बाले है। हालाकि गौवश संरक्षण का खाका तो ठीक है मगर सारा दरोमदार क्रियान्वयन पर होगा तभी स्वराज का आधार मजबूत हो गौवंश आत्मनिर्भर का आधार बन सकेगा । जय स्वराज 


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