माँ नर्मदें की शरण में सेवा संस्कार श्रीमंत यशोधरा राजे ने की नर्मदा घाट पर आरती

वीरेन्द्र भुल्ले

विलेज टाइम्स समाचार सेवा।

म.प्र। आत्मनिर्भर प्रदेश में प्रभावी योगदान की जमीन तलाशती म.प्र. से शासन की कद्दावर मंत्री श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया
भले ही कोरोनाकाल में कौशल विकास को धार दे उसे जमीनी स्तर पर उतार सेवा कल्याण के रास्ते आत्मनिर्भरता की उपायदेयता सिद्ध करने विभागीय मातहतों के साथ सतत बैठक और संस्थानों के भ्रमण पश्चात प्रभावी भूमिका में स्वयं के विभाग को देखती हों। जिसके लिए उन्होंने आलाधिकारियों को प्रभावी योजना के साथ प्रमाणों की प्रमाणिकता सिद्ध करने लगा रखा है। मगर इसी दौरान जब वह माँ नर्मदा के तट पर आरती करते दिखीं। इससे जाहिर होता है कि सैकड़ौं जर्जर पडे मंदिर भवनों के जीर्णोउद्धार के साथ माँ नर्मदें के आषीर्वाद से वह उन सफलतम संभावना की तलाश में है जो उन्हें अपनी माँ स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया से संस्कार के रूप में प्राप्त हुये है। देखना होगा कि आज की सियासत में उनके सेवा कल्याण और आत्मनिर्भर प्रदेष के महा अभियान में योगदान को कितनी धार मिल सफलता मिल पाती है।


Comments

Popular posts from this blog

खण्ड खण्ड असतित्व का अखण्ड आधार

संविधान से विमुख सत्तायें, स्वराज में बड़ी बाधा सत्ताओं का सर्वोच्च समर्पण व आस्था अहम: व्ही.एस.भुल्ले

श्राफ भोगता समृद्ध भूभाग गौ-पालन सिर्फ आध्यात्म नहीं बल्कि मानव जीवन से जुडा सिद्धान्तः व्यवहारिक विज्ञान है अमृतदायिनी के निस्वार्थ, निष्ठापूर्ण कत्र्तव्य निर्वहन, त्याग तपस्या का तिरस्कार, अपमान पडा भारी जघन्य अन्याय, अत्याचार का दंश भोगती भ्रमित मानव सभ्यता