भयग्रस्त अहंकार की भयाभय स्थिति,स्वार्थवत संकल्प सर्वकल्याण,समद्धि में बड़ी बाधा स्वर्णयम समय गबाति सत्ताये संरक्षण नही गौवंश को जीने का नैसर्गिक अधिकार चाहिए स्वराज मुख्य संयोजक व्ही.एस.भुल्ले ने माना म.प्र. के मुख्यमंत्री का आभार

 म.प्र.-विलेज टाइम्स समाचार सेवा

म.प्र.मे हालिया खबर ये है कि म.प्र.की सत्ता अपने 2018 के घोषणा पत्र अनुसार म.प्र. मे देश की पहली गौ केबिनेट का गठन किया गया है जिसकी पहली बैठक अगर मालवा के सालरिया गौ अभ्यारण में गोपाष्टमी के दिन दोपहर 12 बजे की जायेगी हालाकि की इस केबिनेट मे ग्रह,कृषि,पशुपालन, पंचायत ग्रामीण विकास,वन के मंत्री शामिल होगे ।

ज्ञात हो इससे पूर्व कमलनाथ की सत्ता ने भी म.प्र. मे 1000 गौशाये खोलने की शुरूआत की थी मगर उनकी सत्ता जाने के बाद अब नई सत्ता के
रूप में शिवराज ने गौसंरक्षण संर्बधन की शुरूआत का बिगूल फूका है जिसके लिये स्वराज के मुख्य संयोजक व्ही.एस.भुल्ले ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।

ज्ञात हो कि गौसंरक्षण भी शिक्षा की तरह एक वैचारिक अभियान बना जिससे सियासी लोगोका ध्यान 2018 मे गया और पहले गौशाला अब गौसंरक्षण की शुरूआत समृद्ध जीवन के लिये सराहनीय कही जा सकती है मगर इन प्रयासो की सार्थकता तब सिद्ध होगी जब गौवंश के नैसर्गिक अधिकार उन्है मिलेगे।अगर सत्ताओ को सर्बकल्याण मे सिद्ध होना है और जन जीव जीवन को समृद्ध खुशहाॅल बनाना है तो सत्ता के अहंकार तथा भय को त्याग निस्वार्थ भाव से नैसर्गिक प्रतिभा बिद्या  विद्यबानो का साथ लेना होगा और यह तभी सम्भव है जब सत्ताये हाइटेक सलाहकार विद्याचोर प्रबृति से दूर उनका साथ ले उनसे सीधे सम्पर्क स्थापित कर उन्है उचित समय सम्मान दे वरना खुशहाॅल जीवन,शिक्षा,रोजगार समृद्धि तो हम देख ही रहै है कही आत्मर्निभर का मूल मंत्र भी हाथो से न जाता रहै नही तो यह मौजूद ही नही आने बाली पीड़ी और स्वंम सत्ता के साथ बड़ा अन्याय होगा आज यही सभी को समझने बाली बात होना चाहिए।

जय स्वराज

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