फिर छोटी छोटी समस्याओ पर बखेड़ा क्यो.....? सृजन में सार्थक समाधान का आधार रही है सत्ताये
व्ही. एस. भुल्ले
म.प्र. विलेज टाइम्स समाचार सेवा
म.प्र.- जब सत्ताओ का दायित्व ही आस्था या आधार बत लोगो की समस्या समाधान का हो तो फिर बखेड़ा क्यो यह सबाल किसी भी सम्प्रभु ब्यबस्था मे होना स्वभाबिक है क्योकि सार्थक समाधान ही सृजन मे सत्ताओ का आधार होता है 10 दिनो से दिल्ली को घेर सीमाओ पर डेरा डाले किसान अब स्थाई समाधान चाहते है जिस पर सत्ता की सहमती उसके प्रयास से सिद्ध है कि सत्ता सिर्फ संवेदनयशील ही नही बल्कि वह भी चाहती है कि राष्ट्र् के अन्नदाताओ कि समस्याओ का समाधान उनकी सहमती से हो जिससे उनका हक उन्है सम्मान जनक तरीके से हासिल हो ये अलग बात है कि भूगोलिक, आर्थिक विविधता के बीच सर्बमान्य हल ढूड़ पाना टेड़ी खीर है मगर कहते अगर प्रयास सर्बकल्याण के भाव के साथ हो तो उनकी सार्थकता भी सिद्ध होती है। और इस आन्दोलन का अन्जाम भी ऐसा ही होना चाहिए-जय स्वराज

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