1 लाख रोजगार सृजन और बैलगाम मशीनरी पर शिकंजा कसने की तैयारी
शौर्य सामर्थ की कुर्बानी पर बढ़ता सेवाकल्याण का काॅरबा
वीरेन्द्र भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.
जिस तरह से म. प्र. की सत्ता ने हर माह 1 लाख रोजगार सृजन का आगाज कर बैलगाम मशीनरी पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रखी है उसके परिणाम तो आने बाले समय मे सिद्ध होगे मगर म. प्र. मे हालिया तौर पर सत्ता सियासत मे पैर जमाती नई जोड़ी आज की सियासत मे सेवाकल्याण के क्षैत्र मे कितना सिद्ध कर पायेगी यह देखने बाली बात होगी ये अलग बात है कि जिस शौर्य सामर्थ की कुर्बानी सेवाकल्याण को लेकर म. प्र. की सियासत मे हुई है वह बदले काॅरबा मे कितनी सिद्ध होगी इस का लेकर सियासी गलियारे मे सबाल हो सकते है मगर शंका करना उस निष्ठावान शख्शियत के साथ बड़ा अन्याय होगा । मगर सियासत है सो सियासत का क्या कब किसको जीरो और कब किसको हीरो बना दे यह कहना मुश्किल होता है मगर एक बात मौजूद सत्ता सियासत के बारे मे अवश्य कही जा सकती है कि कंगाल खजाने पर जिस तरह से आशा अकांक्षाओ को बहलाने की कोशिस हो रही है उससे बहुत कुछ होने बाला नही । कहते है कि स्वार्थ और अहंकार कभी किसी के सगे नही हुये मगर सेवा कल्याण की ध्वजा चिरस्थाई रही है और हर युग मे उसकी कीर्ति स्थापित हुई है क्योकि जीवन भोगना और दूसरो के कल्याण के लिये जीना ही जीवन की सार्थकता रही मगर भोग पर उतारू सत्ता सियासत क्या समझे कि देश राजा के लिये नही राजा देश के लिये होता है और समय भी सिर्फ उस पुरूषार्थ को याद रखता है जो सर्बकल्याण मे स्वयं को स्थापित करने मे कामयाव सिद्ध कर जीवन की श्रेष्ठता सिद्ध करता है । जय स्वराज

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