अविश्वास का दंश झेलता देश , अहम मे डूबे सरोकार , संबाद से इतर न तो सरकार न ही अन्नदाता झुकने तैयार
व्ही. एस. भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.
बिगत डेढ़ महिने से दिल्ली की सीमाओ पर चल रहे अन्नदाताओ के आन्दोलन का परिणाम जो भी रहै मगर इससे इतना तो साफ हो गया कि अविश्वास आमजन ही नही सत्ता सियासत मे कितना घर कर गया है जो कोई भी संबाद से इतर सरोकारो की खातिर झुकने तैयार नही हालिया खबर यह है कि अगर अन्नदाताओ की ओर से सकारात्मक जबाब नही रहा तो 26 जनबरी को दिल्ली की सड़को पर टेªक्टर मार्च होना तय जो दुर्भाग्य पूर्ण ही कहा जायेगा अब समाधान न होने के पीछे के कारण जो भी रहै मगर गणतंत्र दिवस के दिन सड़क पर सरकार से खिन्न लोगो के हुजूम से न तो देश न ही नागरिक सत्ता सियासत का मान सम्मान बढ़ने बाला है न ही कोई समाधान होने बाला है मगर विधि विधान विरूध विरोध का परिणाम क्या होगा यह कहना जल्द बाजी होगी लेकिन समय रहते सार्थक समाधान हो जाता तो यह अंगीकार व्यवस्था को सार्थक सिद्ध करने दूर की कोणी साबित होती मगर समय रहते ऐसा न हो पाना नियती ही कहा जा सकता है जिसके मूल मे अविश्वास एक कारण हो सकता है जिस विचार अवश्य सभी को करना चाहिए आज के लिये यही सबसे बड़ी समझने बाली बात सभी के लिये होना चाहिए ।

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