सत्ताधारी दल की फाॅयरब्रान्ड नेता पूर्व मुख्यमंत्री का शराब पर सबाल कितना सार्थक या निर्रथक
वीरेन्द्र शर्मा म.प्र. विलेज टाइम्स समाचार सेवा
चंद दिनो पूर्व ही ग्रहमंत्री और शराब दुकान म.प्र. मे खोलने की बात अबैध शराब बिक्री रोकने को लेकर कही थी जिस पर भा.ज.पा. की फाॅयर ब्रान्ड नेता पूर्व मुख्यमंत्री का शराब से राजस्व पर कहा है कि उनके पास फाॅरमूला है कि बगैर शराब बिक्री के कैसै अधिक राजस्व शासन को मिल सकता है ज्ञात हो उमा भारती भाजपा कि वही नेता है जिन्होने तिरंगे की खातिर मुख्यमंत्री पद त्याग कानून का सम्मान किया मगर अपुष्ट सूत्रो की माने तो उस समय वह एक षड़यत्र कारी सियासत की शिकार हुई थी मगर लोगो को यह नही भूलना चाहिए की उनके मुख्यमंत्री रहते ही म.प्र. मे शराब माफिया टूटा और कमजोर हुआ था क्योकि म.प्र. की मुख्यमंत्री रहते जिस तरह उन्होने राजस्व की परवाह किये बगैर लोगो को रोजगार देने की गरज से दुकान आबंटन मे लाटरी सिस्टम का सहारा किया उससे लोगो को रोजगार तो मिला ही साथ ही राजस्व मे बड़े उछाल के साथ म.प्र. मे शराब माफिया भी छिन्न भिन्न हो गया था आज जब उमा भारती न तो सत्ता का भाग है न ही मुख्यमंत्री है ऐसे मे वह कितना कुछ कर पायेगी फिलहाॅल देखने बाली बात होगी ज्ञात हो कि हाल ही मे मुरैना मे अबैध शराब के सेवन से लगभग 25 लोगो की मौत हुई है जिस पर ग्रहमंत्री की ओर से कहा गया था कि सरकार बैध दुकानो संख्या बढ़ा अबैध शराब पर रोक लगायेगी देखना होगा सत्ताधारी दल से ही उठ रहै सबालो पर सरकार क्या संज्ञान लेती है ।

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