बातो के बतासो से संघर्षरत जीवन, हुआ मुहाल

 वीरेन्द्र शर्मा 

विलेज टाइम्स समाचार सेवा 

म.प्र.- विगत 25 बर्षो मे सियासी दाॅव पैच के चलते जिस तरह से जीवन संघर्षरत हुआ है और सहज जीवन स्वछन्द जीवन के लिये मुहाल हुआ है वह आज कि सियासत के लिये कभी न धुलने बाला कलंक ही कहा जायेगा सेवा सुविधा के नाम जिस तरह से विधि की आढ़ मे सरेआम जन भावनाओ की लूट मची है उससे आज कोई भी अछूता नही ऐसे मे गाॅंब से लेकर नगर महानगरो तक सजे सियासी बातो के बतासो के बाजार से मानो समुचा जनतंत्र सजा हो जहाॅ सहर्ष जीवन तक मुहाल है हर 60 कि. मी. पर चिकनी सड़को के नाम जनधन की बसूली को सजे टाॅल इस बात के प्रमाण है कि आने बाले समय मे जीवन और कितना संघर्ष पूर्ण होने बाला है जबकि हालिया हकीकत यह है सूविधा युक्त सड़को के नाम घटिया सड़के लोगो के जीवन के मौत का सामान बन रही है खासकर जिस तरह के भयानक एक्सीडेन्ट झाॅसी कोटा को जोड़ने बाले एन. एच. 76 पर बढ़े वह विचारणीय होना चाहिए क्योकि मानव जीवन बढ़े नसीब बालो को मिलता है मगर भाई लोगो को फुरसत कहाॅ जो वह यह देख सके की कहाॅ क्या हो रहा है बैचारे लोग सड़को पर सुरक्षित यात्रा के नाम बैबजह बहुमूल्य जीवन गवाने मे जुटे है काश आज की सियासत सत्ताये जीवन की इस पीड़ा को समझ इसका तत्काल समाधान खोज लोगो के जीवन और उनकी जान बचा पाये तो आज के समय मे यह बड़ी उपलब्धि होगी ।

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