मुखिया ने माना माफिया के खिलाफ कार्यवाही न काॅफी


सैल्फ असिस्मेंन्ट होगा सुशासन का पैमाना 

वीरेन्द्र शर्मा 


विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. 

मैराथन वीडियो काॅन्फ्रेन्स मे मुखिया ने साफ कर दिया है कि फिलहाॅल माफिया के खिलाफ कार्यवाही न काफी है 29 दिन डटकर काम और एक दिन मूल्याकंन हो सुशासन का माध्ययम 

उन्होने स्पष्ट किया कि वह भी नियमित स्वयं का मूल्याकंन करते है अर्थात सैल्फ असिस्मेन्ट भले ही मैराथन बैठक से बाहर आयी खबर मे स्पष्टता न हो मगर इतना तो तय है कि मुखिया ने एक मर्तबा फिर से सुशासन पर संज्ञान लिया है और अब म.प्र. मे भी बाबा की सरकार की भाॅति हटाने लगाने का दौर शुरू हो चुका है लेकिन यहाॅ यक्ष सबाल यह है कि अघोषित माफियाओ से पटी सियासत सेवा कल्याण विकास संसाधनो के दोहन को रोकने सरकार के पास क्या ब्लूप्रिन्ट और तैयारी है निश्चित ही उ.प्र. की तरह बड़े संकल्प सुचिता की आवश्कता होगी और सबसे बड़ी बाधा तो सत्ता के शक्ति केन्द्रो को लेकर जब कि उ.प्र. मे एक ही शक्ति केन्द्र है मगर कहते है बाधाये कितनी ही क्यो न हो अगर संकल्प पवित्र है तो असंम्भव कुछ भी नही देखना होगा बैठको सुनवाई जानकारियाॅ भोपाल भिजवाने मे ब्यस्थ मातहत मुखिया की समझाइस को या उनके सुझाये सुशासन के मंत्र को किस तरह से लेते है ।


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