बगैर रोडमैफ के बर्षता सेवाकल्याण


अनुभूति के अभाव मे विलखती आशा अकांक्षा

व्ही. एस. भुल्ले 


विलेज टाइम्स समाचार सेवा 

जब से विकास कल्याण सर्बकल्याण की ब्यार म.प्र. मे चली है तब अनुभूति के अभाव मे आशा अकांक्षाये कलफने पर मजबूर है कारण बगैर रोडमैफ के सरपट भागता सेवाकल्याण और शोर मचाता सर्बकल्याण मगर समस्या यह नही की परिणाम क्या रहै समस्या तो यह है कि विजय रथ पर सबार सियासत आम जीवन को कहाॅ ले जाकर छोड़ेगी फिलहाॅल कहना मुश्किल है मगर इतना तो तय है कि अगर सियासत का यही हाॅल रहा तो परिणाम सुखद रहने बाले नही क्योकि जिस तरह से प्रतिभा संपदा का तिरस्कार हो रहा है और संसाधनो का दुरूपयोग हो रहा है वह किसी से छिपा नही सच तो यह है कि जो शिक्षा प्रकृति नैसर्गिक भाव मे छिपी है उस ज्ञान विज्ञान को न तो कोई जानना समझना चाहता है न ही विचार करना चाहता जीवन सार्थकता और सफलता तभी सम्भव है जब हम जीवन मे मौजूद रोडमैफ अनुरूप सृजन मे प्रयास करे जो फिलहाॅल न तो सम्भव जाना पढ़ता है न ही कोई जानना चाहता है बहरहाॅल फिलहाॅल तो मौजूद सियासत के बीच यही उम्मीद की जा सकती है सेवा कल्याण और सर्ब कल्याण को ईश्वर सदबुद्धि दे फिलहाॅल आज सियासत को सबसे बड़ी समझने बाली बात होना चाहिए । जय स्वराज । 



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