सेवा की सुलगती आग मे स्वाहा होते सरोकार


कंगाली के बीच पनपता बसूली का कारोबार 

व्ही. एस. भुल्ले 


विलेज टाइम्स समाचार सेवा 

म.प्र. सेवा की सुलगती आग मे आजकल जिस तरह से समृद्ध खुशहाॅल जीवन से जुड़े सरोकार स्वाहा हो रहै है और कंगाली के बीच बसूली कारोबार को चार चाॅद लग रहै है उसके चलते कोहराम मचना तो तय था ही मगर अभी तो इसकी आग सत्ता की गंगोत्री तक सीमित है जैसै ही इस आग का रूख गंगा की ओर बढ़ेगा जिसके प्रदुषण से पहले ही से लोग हलाकान जीवन मुश्किल होने बाला है ज्ञात हो प्रदेश के सत्ता प्रमुख ने म.प्र. की सत्ता की बागडोर सम्हालते ही सार्बजनिक किया था कि वह प्रदेश से भृष्टाचार का खात्मा गंगोत्री अर्थात उपर से करेगे । मगर दुर्भाग्य की वह विगत 15 बर्षो मे भी ऐसा नही कर सके और गाहे बगाहे सेवा की सरपरस्थि मे सरोकारो का स्वाहा होना शुरू हो गया तो वही दूसरी ओर कोरोना मे कंगाली का लाभ उठा भाई लोग बसूली अभियान मे जुटे है खाली खजाने का बास्ता दे घर का पैसा ठेकेदारी मे लगा लोग दो दो बर्षो से भुगतान होने का इन्तजार कर रहै है मगर उनका भुगतान तो दूर उनकी कोई सुनने तक तैयार नही अगर अपुष्ट सूत्रो की माने तो अब तो सिर्फ उन्ही का भुगतान हो रहा है जिनके मौखिक आदेश भोपाल से मिल रहै है बैचारे गये थे परिवार पालने अब तो जमा पूजी लगाने के मूल पाने के लाले पढ़ रहै है बहरहाॅल सच क्या है यह तो पैट पालने बाले और सेवा विकास की गंगा वहाने बाले ही जाने मगर हालात ठीक नही है तो यह कहना कोई अतिसंयोक्ति न होगी । जय स्वराज । 

 

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