थिगड़ा, घटिया सड़को से चिकनी सड़को की बसूली
बैबस सत्ता, बैलगाम माईबाप, बैरहम बसूली
व्ही. एस. भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा
एन. एच. ए. आई के नाम से जग प्रसिद्ध संस्था यू तो भारत सरकार के नवरतनो मे से एक कहा जाती है मगर चिकनी साफ सुथरी सुविधा युक्त सड़को के नाम जो बैरहम बसूली अपने लोगो द्वारा अपने ही लोगो से की जा रही है वह किसी से छिपी नही है मगर हर 60 कि. मी. पर स्थापित टाॅल टैक्स इस बात का परिणाम है एक बैबस सत्ता के आगे किस तरह से माईबाप बैलगाम हो चुके है । थिगड़ा लगी सड़को से सरेयाम चिकनी सड़को की बसूली जारी है अगर मुझे ठीक से याद है तो एन ए एच आई के एक जिम्मेदार अफसर ने कहा था कि अगर अच्छी चिकनी सड़के चाहिए तो टोल तो देना ही होगा । मगर अब सबाल यह है कि रोड टैक्स इन्कमटेक्स, हर उपयोग की बस्तु पर टैक्स ईधन और वाहन पर टैक्स उस पर भी टोलटैक्स मगर फिर भी थिगड़ा सड़क मगर कहते है समरथ को नही कहाॅ दोष गुसाई सो जो हो जाय वह अच्छा शायद प्रधान मंत्री जी ने माहौल हल्का करने ही सही वैक्सीन लगबाते वक्त सही ही कहा था कि देखकर लगाना नेताओ कि चमड़ी मोटी होती है । कभी कभी मजाक मे ही सही प्रधानमंत्री जी भी सटीक बात कह ही जाते है अब यह नेक दिल इन्सान का दर्द था या पीढ़ा यह तो प्रधानमंत्री ही जाने मगर हालात जनकल्याण के यही रहे तो वह दिन दूर नही जब लोग का विश्वास उन संस्थाओ से उठने लगेगा जो जिन पर आम नागरिको की अगाध आस्था है । जय स्वराज ।

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