पूॅंजीवाद की खड़ाउ ढोता, सम्राज्यवाद, बैघर हुआ विश्वास

 

कष्टदायी हुआ जीवन संघर्ष, संकट में सरोकार 

व्ही. एस. भुल्ले 


विलेज टाइम्स समाचार सेवा 

जिस तरह से सम्राज्यवाद अब पूॅजीवाद की खड़ाउ ढोने पर मजबूर नजर आता कभी यही पूॅजीवाद सम्राज्यवाद के तलबे चाट अपने अस्तित्व के लिये संघर्षरत हुआ करता था मगर जनतंत्र लोकतंत्र मे यह कब इतना शक्तिशाली हो गया कि किसी को एहसास ही नही हुआ और होता भी क्यु ? आखिर सत्ता की भूख होती ही ऐसी है जो बर्तमान की खातिर भविष्य का कत्ल करने मे तनिक भी संकोच नही करती बहरहाॅल कभी सेवाकल्याण मानव धर्म की रक्षा के लिये अपनी सल्तनते सम्राज्य कुर्बान कर गाजर मूली की तरह हजारो लाखो सर कलम करने करवाने बालो ने सपने में भी न सोचा होगा कि जिस पीढी की समृद्धि खुशहाॅली की खातिर वह अपने साम्राज्य और अपनो को कुर्बान कर रहै है वही पीढ़ी आने बाले भबिष्य मे उन्है इस तरह कलंकित करेगी ।

आज हमे यह नही भूलना चाहिए कि जिस विरासत को हम वैभाव लुटाने पर तुले वह फोकट में नही मिली न ही वह महान संस्कार जो पूर्व शासको ने हमे विरासत के रूप मे अपनी बैशकीमती धरोहर के रूप मे सौपे थे जिसमे शासक का धर्म होता था कि वह सिर्फ मानव धर्म ही नही सर्बकल्याण की रक्षा के साथ हमारे बहुमूल्य जीवन सिद्धांत , संस्कारो की भी अपनी आन वान शान दौलत सोहरत दांव पर लगा जान की परवाह किये बगैर किया करते थे तब वह शासक के रूप मे पूजे सराहे जाते थे मगर आज जो आचरण व्यवहार सत्ताओ का पूजीवाद से गलबैया का दिख रहा है यह मानव जीवन के लिये शुभ संकेत नही आज मानव जीवन मे स्थापित विश्वास टूट रहा है स्थापित संस्थाये बैबस लाचार नजर आती है तो कुछ तो अपना अस्तित्व बचाने ऐड़ी चोटी का जोर लगाने मे लगी है अगर विश्वास की बिना सत्ताये ऐसे ही फलती फूलती रही तो वह दिन दूर नही जब आस्थाओ को विचार ही नही व्यवहार भी बदलने बैबस मजबूर होना पड़े बैहतर हो समय रहते हम विचार कर पुरूषार्थ के लिये स्वयं को तैयार करे वरना हजारो बर्षो की त्याग तपस्या अनगिनत कुर्बानियाॅं सबाल करने बाली है यह हमे नही भूलना चाहिए आज यही सबसे बड़ी समझने बाली बात हर मध्ययम वर्ग नागरिक के लिये होना चाहिए क्योकि सबसे बड़ी जबाबदेही अनादिकाल से इसी वर्ग की रही है जिसने समय समय पर संघर्ष कर सत्ता व सज्जन पुरूषो का मार्गदर्शन कर जीवन की समृद्धि खुशहाॅली को सुरक्षित रखने मे अपना योगदान दिया है । जय स्वराज । 


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