इन से न हो पायेगा , बैलगाम कोरोना का इन्तजाम ..........?
जनशक्ति ही लगायेगी विराम
व्ही. एस. भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा
भैया - मने न लागे कि अब इनसे बैलगाम कोरोना का कोई स्थाई इन्तजाम हो पायेगा अब तो अगर जागी जनशक्ति तो ही कोरोना पर विराम लग पायेगा । प्राण वायु आॅक्सीजन ढोते रेल और जहाज बिलबिलाते दम तोड़ते बैगुनाह अब कहै भी तो किससे शिकायत करे भी तो किससे मने तो लागे असली गुनाहगार का तो अभी तक कोई अतापता ही नही अब इस बिकट घड़ी मे सबाल अनेक है जबाब सिर्फ एक ही है कुछ नही होगा जल्द कराते है । हिम्मत रखे अधिक परेशान न हो ,संसाधनो की कोई कमी नही सिर्फ आपका हौसला रखना है जंग हम जीतेगे कोरोना हारेगा । और अहंकार आज भी किसी अपने कुनवे को छोड़ किसी की भी नही मानेगा क्योकि अगर श्रेष्ठजनो की समय रहते मानी होती तो आज यह दिन देखना ही क्यो पढ़ता क्यो संक्रमण के अम्बार और लासो के ढेर पर लोग मातम रहै होते । ऐसे मे मने म्हारे महान रावण की याद बहुत आबे क्योकि वह तो परम ज्ञानी था सो उसका सामर्थ पुरूषार्थ तो तभी सिद्ध हो लिया जब उसने अपने आगे किसी की भी न मान अपनी पूरी की पूरी कौम प्रभु राम के हाथो तरवा ली और राक्षसी कलंक से पूरी नस्ल ही तरवा ली मगर कै करू अब न तो मर्यादा पुरूषोत्तम प्रभु राम ही दिख रहे न ही रावण जैसा प्रखाण्ड बिद्धावान राजा और न ही प्रभु भक्त भगवान हनुमान , आखिर इस मरही मे कौन बचेगा क्योकि खबर है जिन्है पहले कोरोना हो चुका उन्है भी दुबारा यह संक्रमित कर रहा है । अब सिर्फ बूढ़े ही नही युवाओ को भी यह निगल रहा है । संक्रमितो के आकडे अब सेकड़ो हजारो मे नही लाखो मे जा पहुॅचे है । और मरने बालो के आकड़े सिर्फ श्मसान की शान्ति भंग कर लोगो को डरा रहै है । मने तो कलेजा मुॅह को आबे और साढ़ा काड़ू सुबह सुबह अच्छी खबर सुनाने दिखाने के बजाय संक्रमित और मरने बालो का आकड़ा बताबे अब तू ही बता भाया मने कै करू म्हारे महान गाॅब गली की हालत कुछ ठीक नही पंचायती राज दिवस पर मन की बात बाले भी बोल्ये की कोरोना से हमे गाॅबो का भी बचाना है पिछली बार भाया कैसै भी हम बच लिये थे इस बार कैसे बचेगे अगर कोई नुख्सा थारे पास हो तो हाथो हाथ बता और इस मरने जीने के संघर्ष से कम से कम म्हारे गाॅब गली को ही बचा सुना है विधान को त्याग विधि को अंगीकार करने बालो मे थारी खासी पकड़ है । फिलहाॅल संक्रमण से शेष म्हारी कौम को न तो आॅक्सीजन न ही रेमडेसिवर की जरूरत है कोरोना से जान कैसै सुरक्षित हो उस फारमूले की जरूरत है । क्योकि बढ़ती संक्रमितो की संख्या इस बात का प्रमाण है कि जान बची तो सब कुछ हो जायेगा अगर संक्रमित हुई तो आखिर मे तमाम जददोजहद के बाद सिर्फ पी. पी. किट ही मिल पायेगी और थारी न म्हारी काठी भी राम नाम सत्य को भी तरस जायेगी ।
भैयै - मुये चुप कर तने कै अर्र बर्र वके जा रहा है के थारे को देश पर आया इतना बड़ा संकट नजर नही आ रहा है म्हारी सरकारे शासन सैना समाजसेवी सभी तो दिन रात एक कर रहै है । कोई आॅक्सीजन तो कोई इन्जेक्शन बैड की व्यवस्था करने मे जुटे है फिर म्हारे हाई से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक भी तो स्वतः संज्ञान ले आवश्यक निर्देश सरकारो को मय जबाब तलब के कर कड़ी फटकार लगा रहै उद्योगपति भी अब सारी आॅक्सीजन अस्पतालो को दे रहै है । देश मे युद्ध स्तर पर बड़े बड़े अस्पताल खुल रहै है जिसमे आमजन सहित समाजसेवी संगठन भी हजारो बिस्तर बाले अस्पताल खोल रहै है अब मालवा को ही लो 6000 बिस्तरो बाले अस्पताल की व्यवस्था हो रही है । नये नये आॅक्सीजन प्लांट शुरू होने के चर्चे हो रहै है । फिर तने इस बिकट घड़ी मे जीने मरने की बात कर रहा है लगता है थारे पर भी मुये उस काड़ू का असर हो लिया है । कै थारे को मालूम कोणी कल तक तू और थारा काड़ू जिसे बिकाउ मीडिया कह रहा था आज वही सबसे ज्यादा सत्ता के नशे मे चूर भाई लोगो की बखिया उधेड़ रहा है।
भैया - मने जाड़ू मगर कुछ हो क्यो नही पा रहा है अस्पतालो को आॅक्सीजन तो मरीजो को इलाज कराने दवा तो गंभीर मरीजो को बैड क्यो नही मिल पा रहा है व्यवस्था को लेकर चहुॅओर चीथपुकार मची है गाॅब गली तक अर्थिया सजी पढ़ी है कोई किट तो कोई बगैर किट के ही इस दुनिया से बिदा हो रहा है किसी को अन्तिम दर्शन तो किसी को तो अन्तिम दर्शन का मौका तक नही मिल रहा है ये कैसी घड़ी है जिसमे कुछ भी आड़े नही आ रहा है भाग्यशाली को छोड़ दे तो कईयो को तो जान बचाने तक का अन्तिम मौका नही मिल पा रहा है ।
भैयै - गर अब जान बचाना है तो अभी भी कुछ देर न हुई है अगर जरूरी न हो तो घर से बाहर न निकले अपने घर मे ही रहै अगर घर के बाहर जाना बहुत जरूरी हो तो नाक मुॅह को मास्क से ठीक से ढक ले और किसी भी सूरत मे मुॅह नाक से मास्क न हटने पाये , साथ ही बार बार सेनेटाइजर या साबुन से हाथ धोते रहे और किसी के भी सम्पर्क मे आने पर उचित दूरी 2 गज का अवश्य ख्याल रखे घर बापस लौटने पर घर के बाहर ही समस्त बस़्त्र सर्फ या साबुन से ठीक से साफ करे जूते चप्पल बाहर ही सेनेट्र्ाइज या सर्फ से धो ले और साबुन से ठीक से स्नान नहाने के पश्चात ही घर मे प्रवेश करे । साथ ही साबधानी बतौर घर पर एक कोरोना टूल बाॅक्स भी रखे जिसमे एक थर्मामीटर , एक ओक्सोमीटर , जिससे शरीर का तापमान एवं आॅक्सीजन लेवल घर पर ही नापा जा सके तथा इसके अलावा भाप लेने एक सटीमर ,गर्म पानी रखने एक थर्मस , एक एक पत्ता पैरासीटामोल , एन्टी एलर्जी , एन्टी एसिड , इम्नियुटी बढ़ाने विटामिन सी ,काढ़ा तथा हल्दी डाल कर दूध ले , साथ ही व्यायाम रोजाना करे , मास्क सेनेटाइजर भी घर पर रखे इससे बहुत हद तक कोरोना से स्वयं को बचाया जा सकता है । साथ ही जितनी जल्द हो नजदीकी किसी भी सेन्टर पर कोविड वैक्सीन जरूर लगवाले जिससे शरीर को प्रभावी कवच मिल सके ।
भैया - मगर मे कै करू भाई लोग माने जब न वह तो आज भी अहंकारी संस्कृति मे मानने तैयार नही , वह न तो मास्क लगाकर न ही घरो के अन्दर कुछ दिन रह कर किस बिपदा को वह संरक्षित कर बढ़ाबा दे रहै है और वोट कबाड़ू अभी भी मुॅह मे मुसीका फसा चुपचाप बैठै है कि कही उनका वोट बैंक न बिगड़ जाये और चमचे छर्रे सेवा का ढोग कर सत्ता की मलाई मे घपने तैयार बैठै है । उन्है विश्वास है कि उनकी बारी भी मलाई मे घपने की आज नही तो कल सेवा के चलते अवश्य आयेगी इसलिये चुप रहने मे ही भलाई है । मगर भाया ये कोरोना है जो बगैर भेदभाव के व्यवहार कर रहा है जिसके लपेटे मे गर कोई आया तो बड़ी मुश्किल से छोड़ रहा है । इसलिये मने तो बोल्यू कोरोना को हल्के मे न लिया जाये और सभी को साथ लेकर सामना किया जाये अभी भी समय है अगर यह समय भी जाता रहा तो यकीन मानना कोई बचाने नही आयेगा सिस्टम तो अभी से हाफनी भर रहा है यह बैठ गया तो हाथो हाथ कहां से डाॅक्टर दवा आॅक्सीजन का इन्तजाम हो पायेगा। मने तो बोल्यू कि काश ये आजादी इस कदर सर पर न चढ़ी होती तो हजारो बर्ष पुरानी समृद्ध विरासत इस तरह तार तार नही हो रही होती । जय स्वराज ।

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