बुजुर्ग , बड़े , विधि , विधान की न सुनने , पहचानने बालो कम से कम अब स्वयं की विवेक बुद्धि की ही मान लो

 

 किलर कोरोना बगैर पहचाने लोगो की जाने ले रहा है 

क्या छोटे क्या बड़े , युवा , नौजवान किसी को नही वख्श रहा

व्ही. एस. भुल्ले 


विलेज टाइम्स समाचार सेवा 

कुछ दिन घर के अन्दर रहना , मुॅह पर मास्क और बार बार हाथ धोना या सेनेटाइजर लगाना तथा व्यक्ति से व्यक्ति की दूरी ही हमारी और हमारे अपनो की बहुमूल्य जान बचा सकती है इसलिये जरा सी सावधानी हमे इस किलर कोरोना से बचा सकती है अब फैसला हमे और आपको लेना है । जगह जगह लगते लाॅकडाएन कोरोना कर्फयू चिकित्सा के लिये भटकते हजारो लोग आय दिन उठने बाली अर्थी शमशानो मे अन्तिम क्रिया का इन्तजार करते मृत शरीर बहुत कुछ कहते बताते दिखाते है मगर उसके बाबजूद भी लापरबाही किसी भी कीमत पर हमारी जान माल की रक्षा नही कर सकती इसलिये अभी समय है हम जागे और जहां भी उपलब्ध हो वैक्सीन लगवाले तथा मास्क का इस्तमाल , बार बार हाथ धोना सेनेट्र्ाइज कर साॅसल डिस्टेन्थ का ध्यान अवश्य रखे क्योकि अब हमारे सामने सिर्फ जान बचाने की चुनौती ही नही बल्कि अपने अपनो की जान माल की रक्षा का दायित्व भी हमारा ही है आप समझ रहे है हम क्या कहना चाह रहै है सो थोड़ा कहा बहुत समझना अगर आज भी हमने बड़े बुजुर्ग विधि विधान की अनदेखी की तो आने बाला समय हमारी कतई नही सुनेगा जैसै इलाज के लिये तड़फते लोगो की कोई नही सुन रहा हम देख रहै है सुन रहै है हालात क्या है शासन सत्ता मौजूद संसाधनो के बीच भरसक मदद करने की कोसिश कर रहै है मगर अब तो कई जगह संसाधन भी पूरे नही पढ़ रहै । जो कोरोना का मतलब समझने काॅफी है अस्पताल भरे जा रहै है नये नये अस्थाई अस्पताल बनाये जा रहै है क्या हम अपने और अपनो की जान बचाने इतना भी नही कर सकते की कुछ दिन कर पर ही रह मास्क लगा हाथ साफ कर दूरी वना गुजार सके हमे मानव ही नही माता पिता दादा दादी भाई बहिन मित्र इन्सान बन इस संकट की घड़ी मे इतनी तो जबाबदेही निभानी ही पढ़ेगी आज की स्थति मे हमारा सबसे बड़ा और अहम काम होना चाहिए क्योकि जब जीवन बचेगा तभी तो सपनो का संसार बसेगा अगर जरा सी हमारी आपकी लापरबाही से ऐसे ही श्मशान आवाद होते रहै अस्पतालो मे चिकित्सा के लिये लोग तड़फते रहै तो आने बाले समय मे किसी का भी जीवन सुरक्षित नही बाला फिर चाहे वह आम व्यक्ति हो या खास संकट सभी पर आने बाला है आज यही सबसे बड़ी समझने बाली बात है । जय स्वराज । 

 

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