कोरोना क्राइसेस का हल जल्द जरूरी , जीवंत व्यवस्था , जन सहयोग से निकलेगा हल
जागो जल्द जागो कही देर न हो जाये
व्ही. एस. भुल्ले
विलेज टाइम्स समाचार सेवा
दूसरी लहर के बीच जिस तरह से कोरोना अपना कहर बरपा रहा है । कोरोना को लकर जिस तरह से लोग अतंकित भयभीत है उसे देखते हुये इसका हल खोजना अब जरूरी हो गया है हालाकि अभी हमारे पास पर्याप्त संसाधन वैक्सीन और कोरोना से बचने सावधानी का मार्ग उपलव्ध है । मगर एक लम्बे समय से कोरोना के परिणाम भोगता आम जन मानस इसे लेकर हैरान परेशान है । जो आज शासन सरकारो को बड़े चिन्ता का बिषय होना चाहिए क्योकि जिस तरह से बड़ते कोरोना संक्रमण ने हमारी मौजूद चिकित्सीय व्यवस्था को चारो खाने चित कर रखा हे अगर कोरोना के चलते जीवन निर्वहन मे इसी तरह अवरोध बढ़ते रहे और हमने मौजूद व्यवस्था को जन सहयोग जन भागी दारी से दुरूस्त नही किया तो वह दिन दूर नही जब कई क्षैत्र मे इससे बुरी अव्यवस्था देखने मिले जिसे रोक पाना बड़ी टेड़ी खीर होगी इसी लिये जो राष्ट्र्जन के बारे मे उसके कल्याण के बारे मे बैहतर सोच रखते है उन्है आगे आकर व्यवस्थाओ का मोर्चा मानव धर्म की रक्षा के लिये अवश्य सम्हालना चाहिए क्योकि आज भी सत्ता सरकारो के अन्दर और समाज के अन्दर ऐसे कई लोगो है जो एक बैहतर व्यवस्था दे सकते है । और यह संभव है सिर्फ प्रयास भर साथ मिलकर करना है हो तो यह पहले भी सकते थे मगर जीवन मे अहंकार भी तो जीवन का ही भाग है यह अलग बात है कि इस अहंकार की कीमत मानव अनादि काल से चुकाता आ रहा है मगर कहते है जीवन मे कोशिसे कभी खत्म नही होना चाहिए । सो एक कोसिश तो होना ही चाहिए फिर सफलता मिले या न मिले मगर कहते है कोशिसे हमेशा कामयाब होती है । अगर हम कोरोना से लड़ने उसे परास्त करने तथा आम जीवन निर्वहन के मार्ग अलग अलग करने मे कामयाव हुये तो कोरोना भी परास्त होगा और लोग भी अपना समृद्ध जीवन जीने मे कामयाव होगे यह कार्य आसान है मगर लगता नही कि सियासत स्वस्वार्थ से इतर सत्ताये सरकारे ऐसा कुछ कर पाये क्योकि इनको संचालित करने बाले लोग भी तो हमारे ही बीच से हे काश मानव जाति पर आये इस महासंकट की घड़ी मे कुछ लोगो को सदबुद्धि आ जाये तो निश्चित ही कोरोना को भी परास्त किया जा सकता है और आम लोगो के समृद्ध जीवन को भी सुरक्षित किया जा सकता है । कहते है समझने बाले को थोड़ा कहा बहुत होता है । अगर आज भी हम न चेते तो भबिष्य स्वयं अपना परिचय सामर्थ पुरूषार्थ अनुरूप देखा यह सुनिश्चित है इसमे किसी को कोई संदेह नही होना चाहिए । जय स्वराज ।

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