भीषण जंग के बीच कमांडरो की कावलियत पर सबाल

 

रशद पानी की आपदा को लेकर  जंग जल्द खत्म करने का बड़ा दबाब 

गुरिल्ला युद्ध माहिर किलर कोरोना फिलहाॅल हुआ निढाल 

वीरेन्द्र शर्मा 


विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. 

यू तो कुछ शर्तो के साथ कुछ जिलो मे कोरोना कर्फयू का हटना तय है और लोगो का भी घरो से निकलना तय है अब हालिया निढाल हो चुके किलर कोरोना का क्या रूख होगा जिसके परिणाम भी आने बाले दिन ही तय करेगे मगर इतना तय है कि जो संक्रमण रोकने की पहली शर्त भी है कि आम लोगो के बीच एक भी संक्रमित मरीज नही रहना चाहिए । ये अलग बात है कि संक्रमण का दायरा भले ही सिमिट कर शून्य की ओर अग्रसर है मगर वह अभी भी लोगो के बीच है जिसमे बदलते उसके नये नये रूप ने तो समझने बालो को सांसत मे डाल दिया है । इस बीच यह भी सच है कि बधाई देने लेने बालो का भी सिलसिला शुरू हो चुका है पहले जबाबदेह बुद्धिजीवियो का निर्धारित दायरा फिर सलाह मशिविरो का मसौदा भी चिंतन मनन पश्चात आ ही जायेगा कि अब जीवन को किस चाल से कोरोना किलर के बीच चलना है ऐसे मे एक कहावत का उल्लेख करना जरूरी हो जाता है कि चल गया तो जादू और चूक गये ................सो एक लम्बे अन्तराल के बाद खुली हवा का क्या रूख होगा यह फिलहाॅल देखने बाली बात होगी । मगर रसद पानी के अभाव मे कोरोना के खिलाफ लड़ रहै जंग के लोगो का दबाब सरदारो पर बढ़ना स्वभाविक था क्योकि भले कोरोना के खिलाफ छिड़ी जंग मे हम या हमारे चिंतक वह सप्लाई लाइन ही मजबूत नही कर सके जो कोरोना ही नही कोरोना की सात पुस्तो का सर्बनाश करने मे सक्षम होती बहरहाॅल थोड़ा कहा अधिक समझने मे ही समझदारी है सो फिलहाॅल मौजूद जीवन के कवच मास्क लगाना हाथ धोते रहना और व्यक्ति से व्यक्ति की दूरी का ख्याल अवश्य रखे और जितनी जल्द हो सके वैक्सीन अवश्य लगवाले क्योकि फिलहाॅल इससे बढ़कर जिन्दगी और जीवन बचाने का और कोई कारगार अस्त्र नही । 



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