ठगो की बस्ती मे रेतमाल की दुकान.............तीरंदाज ?


व्ही. एस. भुल्ले 


विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. 

भैया - अब ठीक है ठगो के बीच मने भी रोजगार पा लिया और रेतमाल के मरहम से मने भी म्हारा फूटा भाग्य चमका लिया म्हारे को तो विश्वास ही नही की ठगो की बस्ती मे मने भी रोजगार पा जायेगा और हाथो हाथ कुबेर पति बनने  म्हारा धन्धा भी रातो रात चमक जायेगा या फिर ठगो की बस्ती मे म्हारा हण्डा कुण्डा भी बै भाव बिच जायेगा आखिर थारा मगज कै बोले । कै मने ठीक किया और चमकता धंधा सही बस्ती मे खोल लिया । 

भैयै - तने फिर म्हारा मगज खाने आ गिया कै थारे को कोरोना महान का कहर नही दिख रहा जो तने कर्फयू मे भी बिचरने निकल पढ़ा कै थारे को मालूम कोणी कोरोना महान के राज मे गाॅब गली ही नही नगर शहरो मे फुल डाउन चल रहा है कोरोना से गुस्ताखी करने बाले या उसकी अनदेखी करने बाले किसी न किसी एक का हर रोज जनाजा उठ रहा है और दवा , अर्थी शामग्री का बाजार खूब फलफूल रहा हेै ।

भैया - मने भी चेहरे पर ग्लास सहित डबल मास्क लगाया है और हाथो का सेनेट्र्ाइज कर सेनेट्र्ाइजर को गमछे मे फसा साथ लाया हुॅ फिर शाॅसल डिस्टेन्थ भी तो कोई चीज हौबे मने थोड़े ही कोरोना प्रोटोकाॅल का उल्लंघन कर आया हुॅ सच बोल्यू तो घर मे बैठै बैठै मन नही लग रहा था इसलिये ठगो की जमात का सच सुनने थारे पास तक चल पढ़ा कै थारे को मालूम कोणी मने भी ठगो की बस्ती मे रेतमाल की दुकान खोल डाली है बस अब म्हारी भी करोड़पति बनने की बारी है । सुना है आजकल दारू बन्द दवा का बाजार खूब चल रहा है और जरूओ , खोसो का भरके सीजन चल रहा है काड़ू बोल्या हाॅल मे म्हारी जांबाज पुलिस ने कुछ को उठाया है और कितने माल कितने मे बैचा पूरा आकड़ा टी. वी. अखबारो मे छाया है । इसलिये मने भी रेतमाल की दुकान खोली है जिससे पुरानी चीजो को चमका उनके सही दाम कमा सकू और दवा दारू छोड़ कबाड़े से ही अकूत दौलत कमा लू । 

भैयै - चुप कर गर किसी ने सुन लिया तो थारा धंधा तो मंदा होगा ही बैसै भी सारा बाजार अब कोरोना महान पर ही चलने बाला है और कबाड़े की दुकान पर न तो कोई बैचने खरीदने बाला है सो म्हारी माने तो कुछ दिन के लिये चुप कर जा और कोरोना महान के कहर से बचना है तो घर के अन्दर ही कुछ ऐसा जमा तब तो थारी चल जायेगी अगर ज्यादा फड़फड़ाया तो थारी आवाज भी ठीक से नही निकल पायेगी । देश के डाॅक्टरो ने बोल्या है अब तो न 14 न ही 10 दिन लग रहै है कुछ मामलो मे तो परिणाम 3 ही दिनो मे मिल रहै है । सो भाया जिन्दा रहैगा तो और भी धन्धे मिल जायेगे गर निकल लिया तो फिर न तो फिर थारे रूपा किस काम आयेगे और रेगमाल के थारे काउन्टर किसी कबाडे मे नजर आयेगे । इसलिये मने तो बोल्यू संकट बड़ा है घर से निकलते ही कोरोना का कहर किसी को भी नही छोड़ रहा है ।

भैयै - मने समझ लिया थारा इसारा मगर कै करू रोजाना मौतो संक्रमण के पुराने आंकड़े टूट रहै है कुछ मौत के भय से तो कुछ चिकित्सा सेवा संसाधनो के अभाव मे बिलख रहै है हालिया आकड़ा लाखो तो मौतो का आंकड़ा हजारो मे चल रहा है कही आॅक्सीजन तो कही दवा तो कही डाॅक्टर का अकाल चल रहा है मगर म्हारे को अभी भी विश्वास है म्हारे माई बाप सब सम्हाल लेगे और कोरोना किलर को गो कोरोना कहकर ही बिगड़ी स्थति को हाथो हाथ सम्हाल लेगे । फिर भाया मगज भी तो कोई चीज होबे सारे के सारे अटे पड़े है कोरोना न फैले इसलिये दिन रात जुटे है । तो कुछ कोरोना पर्यटन को निकल पढ़े है गर म्हारे माई बापो की निष्ठा मे कोई कमी हो तो बता मगर घर से निकले बगैर भाई लोगो को चैन कहां सो भाया डबल मस्कक्त करनी पढ़ रही है । इसलिये ही अभी तक संक्रमण और मौतो की गति नही थम रही है । फिर भी कोरोना किलर को ढूढ़ उसे भगाने की कोसिश दिन रात चल रही है कोरोना हारेगा हम जीतेगे । जय स्वराज । 


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