सत्ताओ का शोषक क्रूर स्वार्थी चेहरा शर्मनाक

 


सेवा के नाम कोरोना योद्धाओ का तिरस्कार  , घातक 

व्ही. एस. भुल्ले 

26 जून 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. 


म.प्र. - कोरोना कहर के दौरान जिस तरह से आयुष डाॅक्टरो , नर्सिगं स्टाफ ने अपनी जान जोखिम मे डालकर लोगो को कोरोना से बचाने का कार्य किया वह अधभुत ही नही सराहनीय कहा जायेगा जब अच्छे अच्छे पहुॅच बाले डाॅक्टर , प्रायवेट हाॅस्पीटल चलाने बाले लाखो की पगार व हजारो की प्रतिदिन प्रक्टिस करने बाले कोरोना के भय से प्रतिष्ठान पर ताला डाल घरो मे बैठ चुके थे तब इन्ही कोरोना योद्धाओ ने कम संसाधनो के बीच जान की परबाह न कर सच्ची स्वास्थ सेवा का परिचय दे सत्ता शासन की इज्जत बचाने का काम नेताओ और सरकारो को कलंक से बचाने का कार्य इन्ही योद्धाओ ने किया । ये अलग बात है कि शासकीय सेवा मे लोग निश्चित तौर पर जीवन के बैहतर भरण पोषण के लिये आते है फिर चाहै वह सुरक्षा से जुड़ा कार्य हो या फिर नागरिको की सुरक्षा से लेकर सीमाओ की सुरक्षा का कार्य हो मगर यह भी सत्य है कि जान जोखिम मे डालने का कार्य सच्चे सेवक जनसेवा मे विश्वास करने बाले ही करते है जैसा कि इन आयुष डाॅक्टर नर्सिंग स्टाफ ने किया अगर मुझे ठीक से याद है तो किसी सत्ता के अहंकारी जीव ने कही कहा था कि यह तो रोजगार के लालच मे सेवाये दे रहै है तो ऐसे लोगो को समझ होनी चाहिए कि इस ऐसे योद्धाओ को सच समझ आ गया तो सत्ताओ को उनके नाम लेने बाले पानी देने बाले ढूढ़े से नही मिलेगे तब जनता का आक्रोश ऐसे सत्ता धारियो पर कहर बन कर टूटेगा इसलिये सत्ताओ को अब स्वार्थ और शोषण के रास्ते त्याग समझदारी से काम लेना चाहिए । और शर्मनाक आचरण का प्रदर्शन निष्ठा के प्रति नही करना चाहिए कोरोना कहर के बीच बड़े बड़े सत्तापतियो की क्या हालत थी सबने देखा है सारे अचूक हथियार लाखो की पलटन ज्ञान विज्ञान संसाधन लोगो की जान कोरोना से बचाने अक्षम हो गये और म. प्र. मे ही हमारे बीच हमारे अपने हमे रोता बिलखता छोड़ गये अगर हम म.प्र. मे ही हुई मौतो का आकड़ा देखे तो हमे हमारे 8000 से अधिक लोग इस कोरोना कहर मे गबांने पढ़े है और रोजगार को भटकते ही शोषण तिरष्कार का शिकार यह कोरोना योद्धा भी अपनी जान छिपा कर अनन्य लोगो की तरह बैठ जाते तो क्या हालत होती यह अंदाजा लगाया जा सकता है इसलिये इन्सानियत को कलंकित होने से बचाना सत्ताओ का धर्म होना चाहिए और उसको संरक्षित करना कर्म तभी हम सच्चे और अच्छे नागरिक होने के साथ सर्बकल्याण मे आस्था रखने बाली व्यवस्था को मजबूत कर सेवा कल्याण के मार्ग मे सिद्ध कहलायेगे । जय स्वराज । 


 

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