अन्दर बाहर की अदाबत से सनाके मे सियासत

 

सफर करता सेवा कल्याण और जीवन सरोकार 

वीरेन्द्र शर्मा 

14 जुलाई 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. 


म.प्र. की सियासत मे हालिया तौर पर दो अन्दर खाने की खबरे सुख्र्रिया बनी हुई है । जिससे म.प्र. की सियासत का पारा चढ़ना तय है जिसमे पहली खबर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के हिन्दु विरोधी व्यानो को लेकर पार्टी के ही नेता के उस पत्र का जिक्र है जिसमे काॅग्रेस आलाकमान को इस व्यान बाजी से अवगत कराया गया है कि इस तरह के ब्यानो से काॅग्रेस को लम्बे से समय से नुकसान हो रहा है । तो दूसरी खबर सत्ता धारी दल से है जिसकी सरकार के एक मंत्री दूसरे मंत्री से बैबजह मुंहबाद मे भिड़ गये यह मामला म.प्र. सरकार के दो कैबीना मंत्री श्रीमंत यसोधरा राजे सिंधिया और अरबिन्द भदौरिया के बीच का है जिन्है तीसरे मंत्री विश्वास सांरग ने समझाइस दे शांत कराया अब इन बाद बिबादो के पीछे असल मसला क्या है यह तो सियासत मे दखल रखने बाले लोग या सियासी दल ही जाने मगर इन घटनाक्रमो से इतना तो तय है कि म.प्र. मे सब कुछ ठीक नही चल रहा जिसके शिकार दोनो ही दल जान पढ़ते है । अगर यो कहै कि बर्तमान मे घोषित अघोषित तौर दोनो ही दलो को लीड कर रहै नेताओ कि पकड़ कुछ कमजोर हो रही तो किसी को कोई अतिसंयोक्ति नही होनी चाहिए । मगर सेवा के लिये सियासत मे सरोकारो को दरकिनार कर बाद बिबाद शायद किसी के हित मे नही आज बात अधिकार की नही जबाबदेही कि होनी चाहिए जिस पर सियासत कि चुप्पी सेवा कल्याण मे घातक हो सकती है ।  


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