घोटालो की बारूद पर घटिया निर्माण
म.प्र. के शिवपुरी मे बढ़े घोटालो की आशंका
शासन की निर्धारित दर से 30 फीसद कम दर पर कार्य
कई घोटाले दफन है तो कई दफन होने तैयार
वीरेन्द्र शर्मा
27 जुलाई 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.
जनसेवा विकास मे आस्था रखने बाले भले ही दिन रात एक कर जनसेवा विकास के कितने ही ककहरे क्यो न गढ़े मगर मगर खून पसीने से हासिल धन को माटियामेट कर खुद का घर भरने बालो को फुरसत कहां कि वह उन जन सेवको की त्याग तपस्या और जन धन पर रहम रखे भले ही सरकार भी आय दिन छापे मारी कर यह संदेश देने की कोसिश मे हो कि उसकी मंशा गुणवत्ता पूर्ण कार्य कराने की है जिससे आम जन को विकास के माध्यम से बैहतर सुबिधाये नसीब हो सके मगर आज के ऐसा संभव कहा विगत एक दशक मे लगभग सेकड़ो करोड़ के घोटालो को कफन दफन पहना चुके इन धन पिपासुओ क्या वह तो निरन्तर अपनी निष्ठा के बल अपने विकास पर भरपूर खून पसीना पूरी रिस्क के साथ बहा रहै है फिर चाहै वह जलसंसाधन हो जो आजकल बिना साधन के ही समय बैसमय सुर्खियो मे बना रहता है फिर नये नये रूप मे प्रकट वह संस्थाये हो जिनका गठन ही गुणवत्ता पूर्ण निर्माण के लिये किया गया है अगर हम बात करे प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क की तो यहां बर्तमान मे शासन द्वारा निरधारित दर से 30 फीसद दर पर लगभग 100 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है । तो वही ऐर नदी पर लगभग 2 हजार करोड़ तो वही सरकुला नदी पर लगभग 200 करोड़ का कार्य शुरू होने की प्रत्यासा मे है जिसमे मनरेगा तो जब से शुआ हुआ है तब से अब तक अगर 1000 करोड़ का आकड़ा पार गया हो तो किसी को अतिसंयोक्ति नही होना चाहिए । रहा सबाल जिला मुख्यालय पर चल रहे सीबर प्रोजक्ट और सिन्ध प्रोजक्ट का तो यह कब पूरे होगे यह तो निष्ठा मे लीन लोग ही जाने मगर इतना तो तय है कि चाहै वह पी. आई. यू. हो या फिर एम.पी. आर डी सी. या फिर ब्रिज से जुड़ी संस्थाये आज कोई भी अपनी निष्ठा मे कम तर दिखना नही चाहता अब इन निष्ठाओ का परिणाम आने मे भले ही देर हो मगर तब तक लिये तो सिर्फ यही कहा जा सकता है कि कार्य गुणवत्ता पूर्ण और पूर्ण निष्ठा के साथ सफर कर रहै है और कोई कर भी क्या सकता है जब समाज मे ही भृष्टाचार कोई बिषय नही रहा तो फिर विकास की बारूद भले फटने तैयार हो तो सबाल कहां बनता है सो चर्चा ही हो जाये यही आज की सबसे बड़ी सफलता मानी जानी चाहिए ।

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