खबर सही है तो आशा अकांक्षाओ का टूटना तय


अब माननीयो पर सत्ता मेहरबानी होगी खत्म 

वीरेन्द्र शर्मा 

11 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. 


सियासत मे पल बढ़ रहै दागीयो के चुनाव न लड़ने की तल्खी के बाबजूद संख्या घटने के बजाये बढ़ने से चिंतित न्याय की सर्बोच्य संस्था ने अपने तल्ख अंदाज मे यह किलियर कर दिया कि लगता है दागियो को चुनाव से दूर रखने मे दलो कि शायद दिलचस्वी नही क्योकि कई बार दिशा निर्देशो के बाबजूद वह मंशा मूर्तरूप नही ले सकी जिसमे दागी अपराधियो को चुनावो से दूर रखने की बात कही गई अब यह लोकशाही की खामी है या बैबसी जो सीमा का हवाला दे न्याय की सर्बोच्य संस्था को कहना पढ़ा कि लंबे इन्तजार से देश के लोगो का धैर्य जबाब दे रहा है सरकार के विधायी पक्ष की राजनीति के शुद्धिकरण के प्रति कोई प्रतिबद्धता नजर नही आ रही है । कुछ दलो पर आर्थिक जुर्माने के साथ यह भी अब स्पष्ट हो गया कि नेताओ के केस बापसि इतनी सरल सहज नही रहेगी क्योकि सर्बोच्य न्यायालय ने सरकार या लोक अभियोजक हाई कोर्ट की बगैर मंजूरी के आपराधिक प्रक्रिया संहिता  सी आर पी सी के तहत आरोपी सासंदो विधायको के खिलाफ मामले बापस नही ले सकते । बल्कि यह भी स्पष्ट किया है कि 16 दिसम्बर 2020 के बाद बापिस लिये गये मामलो कि हाई कोर्ट जांच कर सकेगे । निश्चित ही यह लोक तंत्र के लिये समझने बाली बात होना चाहिए । मगर लगता नही कि अभी भी हमारे सियासी दल इससे कोई सबक लेने बाले है । जो सुखद नही कहा जा सकता । 

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