बैमिशाल इन्जीनियरिंग का कायल हुआ शिवपुरी शहर


72 घन्टे की बाद आने बाली बिजली आयी 22 घन्टे में 

उपभोक्ताओ में खुशी की लहर 

वीरेन्द्र शर्मा 


19 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. 

म.प्र. शिवपुरी - शिवपुरी मे इन्जीनियरिंग की जितनी प्रसंशा की जाये उतनी कम है क्योकि शिवपुरी मे आते ही इन्जीनियरिंग बैमिशाल जो हो जाती है यू तो इस शहर की सेवा मे इन्जीनियरिंग के बड़े बड़े इतिहास सड़क पानी भवन को लेकर बनते रहै है तो कई विभागो ने ऐसे ऐसे कीर्तिमान अपनी निष्ठा के स्थापित किये है कि उनकी कृतज्ञता से मानो समुचा शहर स्वयं को धन्य समझता है । मगर जो इतिहास बिजली ने आजादी के दिन से पूर्व और स्वतंत्रता दिवस के बाद आजादी के बाद रचा है उसके लिये वह सभी कृतज्ञ महानूभाव भी बधाई के पात्र है । जिनकी निष्ठा के बारे मे अब तो यहां तक लोग कहने से नही चूक रहै कि ऐसो इति न भूतो न भविष्यति मगर दुर्भाग्य की ऐसी कृतज्ञता पर स्वतंत्रता दिवस पर एक को भी सम्मानित नही किया गया । शहर के लिये यह उपलब्धि तब है जब कि शासन से तन्खा प्राप्त एक भी जबाब देने के लिये बाध्य नही और फिर हो भी क्यो जब सबाल जबाब सदनो मे ही नही हो रहै तो फिर तनखइया जबाब क्यो दे भरी सभा मे अदने व्यक्ति को हड़काने बाला आला अफसर जब कह सकता है कि में जबाबदेने बाध्य नही तो बधाई देने बाले बेचारे कहां जाये मगर जो प्रसंशा आज बिजली मेहकमे की हो रही है शायद ही आजादी के बाद इन 75 बर्षो मे हुई हो बल्कि समुचे प्रदेश मे पदस्थ अन्य इन्जीनियरिंग को शिवपुरी भ्रमण कर शिवपुरी मे प्रदर्शन कर रही इन्जीनियरिंग और सुशासन की सीख लेना चाहिए जिससे ऐसी समृद्ध साहसपूर्ण इन्जीनियरिंग सुशासन का लाभ समुचे प्रदेश को मिल सके और शिवपुरी की साथ ही समुचा म.प्र.  भी शिवपुरी की इन्जीनियरिंग सुशासन पर गर्व कर स्वयं को गौरान्वित मेहसूस कर सके । 


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