बारिस की तबाही के बीच राहत और रायसुमारी


अनियंत्रित विकास का जनाजा , जीवन हुआ हलाकान 

न डिटेल न डी. पी. आर , हजारो लोगो की बची जान 

मुख्यमंत्री के बाद पूर्व मुख्यमंत्री करेगे दौरा 


वीरेन्द्र शर्मा 

5 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. 

म.प्र. के ग्वालियर चंबल मे जिस तरह से विगत दिनो से बारिस ने कहर बरपा रखा उससे आम जीवन तक बैहाल हो चुका है बारिस के कारण रोद्र रूप धारण कर चुकी क्षैत्रीय नदिया सिंध , पार्वती , कूनो , सीप , महुअर , कुआरी इत्यादि नदियो ने कहर बरपा रखा है जिसके चलते 5 पुल वह गये तो कई पुल पुलिया जल समाधि ले चुके है तो नीचले भाग मे बचे लोगो की जान पर बन आयी । मगर इस सबके बीच बगैर डिटेल डी पी आर के विगत एक दशक से दौड़ रहै विकास एक झटके मे ऐसे दम टूटेगा किसी ने सपने न सोचा होगा मगर ऐसा ही हुआ फिलहाॅल यह बैपरिणाम रहने बाली जांच का भाग हो सकता है मगर जनता का करोड़ो रूपया बैभाव ही अनियंत्रित विकास की भेट चढ़ गया और यही लोकतंत्र की सबसे सुन्दर खूबी है हालाकि बर्तमान मुख्यमंत्री इस तबाही के मंजर का हवाई अवलोकन कर चुके है और पूर्व मुख्यमंत्री करने बाले है मगर होगा क्या ? यह सभी जानते है इस बीच केन्द्र से समय पर मिली राहत की सराहना होना चाहिए जो उसने समय रहते 8 हैलीकाॅप्टर लोगो की जान बचाने लगा दिये और सेना सहित एन डी आर एफ की टीमे उतार दी जिससे कई लोगो की जानो को बचाया जा सका । देखा जाये तो समय समय पर नदी मे पानी वहाव की गणना होती और संधारित होती रहती तो आज यह दिन न देखना पड़ता जबकि देखा जाये तो 100 बर्ष पुराने पुल इस भीषण बारिस मे यथावत बने हुये है मगर अभी कुछ ही बर्षो पूर्व बन कर तैयार हुये यह पुल तास के पत्तो की तरह बह गये जो जबाबदेहो को शर्मनाक होना चाहिए और विकास को उताबली सत्ता को बताना को बताना चाहिए की 20 , 30 प्रतिशत निर्धारित दर से कम पर कार्य नही होते सबसे कम दर का फाॅरमूला क्या क्या दिन दिखा सकता है यह तो आने बाले समय मे सिद्ध होगा मगर यह तो टेलर मात्र है । भगवान न करे कभी पूरी की पूरी फिल्म देखना पढ़े तो वह दुखद भी हो सकता है । और आम जन के लिये जान लेवा । 


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