म.प्र. मे बड़ी , बड़े निवेश , रोजगार की सम्भावना


अंगीकार लोकतंत्र मे बैरोजगारो को बढ़े अवसर 

युवाओ में खुशी की लहर , बड़े ब्रान्डो पर मड़राया संकट 

वीरेन्द्र शर्मा 


19 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. 

म.प्र. - जब से म.प्र. मे बड़े निवेश की सुगबुहाहट शुरू हुई तब से प्रदेश के युवाओ की बांछे खिल हुई है अंगीकार लोकतंत्र मे बड़े ब्रान्डो को चुनौती देने दो स्तरो पर निवेश की जो संभावनाये बढ़ रही है उसमे एक तो सीधा निवेश हो सकता है तो दूसरा सामूहिक निवेश जिसे सहकारिता भी कहा जा सकता है । अगर अपुष्ट सूत्रो की माने तो यह चर्चा गाॅब गली में बड़े जोर शोर से है कि अगर नये निवेशक हिम्मत जुटाते है तो मौजूद ब्रांडो की बाठ लगना तय है क्योकि निवेश मे समझ रखने बालो का स्पष्ट मानना है कि मौजूदा हालात मे बाजार की कोई कमी नही बल्कि उपभोक्ताओ मे नये ब्रांडो को लेकर काॅफी उत्सुकता है और वह चल रही चर्चाओ से रोमांचित भी जो नये निवेश के लिये शुभ संकेत कहा जा सकता है क्योकि विगत दो दशक से गुणवत्ता और विश्वास का जो संकट आम लोगो के बीच घर कर गया है वह भले ही मौजूद बड़े ब्रांडो के लिये चिंता का बिषय न हो मगर यह नई संभावनाओ के लिये शुभ संकेत है अब देखने बाली बात यह होगी कि नये निवेशक इस संभावना को कैसै लेते है यह सही है कि समुचा बाजार पुराने ब्रान्डो से अटा पड़ा है अगर ऐसे मे नये प्रोडक्ट क्वालिटी और कीमत के पैमाने पर आम लोगो के बीच विश्वास बनाने बड़ाने मे सफल होते है तो निश्चित ही यह म.प्र. और म.प्र. के बैरोजगार कामगार युवाओ को दूर की कोणी साबित हो सकता है मगर यह इतना सरल भी नही क्योकि जो संसाधन धन मौजूद ब्रांडो के पास है भले ही विश्वसनीयता का संकट हो मगर संभावनाओ को नही नकारा जा सकता । 

 

Comments

Popular posts from this blog

खण्ड खण्ड असतित्व का अखण्ड आधार

संविधान से विमुख सत्तायें, स्वराज में बड़ी बाधा सत्ताओं का सर्वोच्च समर्पण व आस्था अहम: व्ही.एस.भुल्ले

श्राफ भोगता समृद्ध भूभाग गौ-पालन सिर्फ आध्यात्म नहीं बल्कि मानव जीवन से जुडा सिद्धान्तः व्यवहारिक विज्ञान है अमृतदायिनी के निस्वार्थ, निष्ठापूर्ण कत्र्तव्य निर्वहन, त्याग तपस्या का तिरस्कार, अपमान पडा भारी जघन्य अन्याय, अत्याचार का दंश भोगती भ्रमित मानव सभ्यता