मुश्कराकर झूठ बोलने बाले ,जनता को सच बताये
बड़ी तबाही पर जबाबदेही तय हो , सिर्फ घोषणा नही - कमलनाथ पूर्व मुख्यमंत्री म.प्र.
वीरेन्द्र शर्मा
7 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.
होचपौच भरे माहौल मे शिुरू हुई पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रेस वार्ता में बाढ़ से तबाही का मंजर देख पूर्व मुख्यमंत्री बोले कि सबाल शासन प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली मंशा को लेकर कई है मगर वह इस मौके पर सिर्फ वही सबाल करना चाहेगे जो जनता के है आपदा पर सियासत करने की काॅग्रेस की परम्परा नही मैने काॅग्रेस के सभी कार्यकर्ताओ नेताओ से कहा है वह इस आपदा मे लोगो की मदद करे जरूरत हो तो सरकार की भी मदद करे मगर लापरबाही व भृष्ट आचरण पर सबाल न हो यह ठीक नही आज जनता सबाल कर रही है इस आपदा मे 8 लोगो ने जाने गबाॅई है करोड़ो की जन धन हानी हुई है सिर्फ घोषणा और मुश्कराकर झूठ बोलने से काम नही चलेगा न कि मीडिया को संतुष्ट करने से बल्कि शिवराज समय तारीख बताये जबाबदेही तय करे न कि सिर्फ घोषणा उन्होने प्रति प्रश्न करते हुये कहा कोरोना के दौरान कई घोषणाये हुई थी कितनो को अभी तक राहत मिल सकी है । उन्होने अपने 15 माह के कार्यकाल की चर्चा करते हुये कहा कि 4 माह चुनाव आचार संहिता 1 माह सौदेबाजी और शेष 11 माह मे 27 लाख किसानो के कर्ज माफी , माफिया के सफाये और हर गाॅब मे गौशाला हो इसमे लगाये उन्होने कहा मे घोषणा नही काम करता हुॅ । विलेज टाइम्स के सबालो पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि म.प्र. से गैग गिरोहबन्द सियासत से मुक्ति अक्टुबर 2023 तक हो जायेगी और काॅग्रेस का विश्वास जोड़ने मे है तोड़ने मे नही क्योकि देश कि संस्कृति विभिन्न जाति धर्मो का सुन्दर प्रतिबिम्ब है यह हमे नही भूलना चाहिए । काॅग्रेस एक विचार है जो सभी के कल्याण संरक्षण मे विश्वास रखता उन्होने इन्दिरा गाॅधी के समय देश मे लाये गये कानूनो की सार्थकता बताते हुये कहा कि काॅग्रेस सभी के समान फलनेफूलने मे विश्वास रखती है चाहै वह मेहनत कश लोगो का मसला हो या फिर स्वस्थ व्यापार किसानो के हित सम्मान से जुड़ा मसला काॅग्रेस ने कभी सत्ता के लिये समझौता नही किया और जनता के सामने हमेशा सच रखा मगर उन्होने अफसोस जाहिर करते हुये कहा कि लोग आज तो देश के सदनो मे मुश्कराकर झूठ बोलते है कि देश मे कोरोना के दौरान आॅक्सीजन की कमी से एक भी मौत नही हुई । तो वही उन्होने कृषि के नये तीनो कानूनो को काले कानून बताया जिससे किसानो का भला नही होने बाला । आज देश के गरीब किसान को संरक्षण की जरूरत है न की उद्योगपतियो को जो क्योकि छोटा किसान गुजारे की खेती करता है व्यापार की नही । अन्त मे उन्होने कहा की विगत 15 बर्षो के भाजपा शासन काल मे गरीब मजदूर , बेरोजगार युवा , किसानो का बड़ा नुक्सान हुआ है इतने सढ़े पुल की वह बारिस मे भरभरा कर बह गये । और शासन चुप है । आखिर जनता के सबालो का जबाब कौन देगा ।

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