सेवा सुशासन की छबि धूमिल करती आपदाये


शांत सुस्ंकृत शहर मे सेवाओ की बाढ़ 

इतिहास रचती कृतज्ञता 

वीरेन्द्र शर्मा 


20 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. 

म.प्र. के शिवपुरी शहर मे सेवाओ की बाढ़ से सुशासन भले ही कृतज्ञ न हुआ हो मगर शांत सुस्कृत आवाम अवश्य वाह वाह कर रही है फिर चाहै वह संचार सेवाओ का मामला हो या फिर पेयजल बिजली की निरंतर सप्लाई का मामला हो जिसमे शहर को जिस तरह साफ सुन्दर रखने मे कृतज्ञता दिन रात एक किये हुये वह देखने लायक ही नही सराहनीय भी है घर घर से कचरा एकत्री करण समय पर शुद्ध पेयजल और दिन रात समुचे शहर को रोशन करने बाली बिजली की निरंतर सत्लाई तथा बिजली सेवा मे जुटे महकमे की सत्कार पूर्ण व्यवहार की चर्चाये आम हो यह शहर के सौभाग्य की ही बात है कि कैसी भी बारिस आधी तूफान क्यो न आये मगर सप्लाई निरंतर बनी रहती है यह उस निष्ठा पूर्ण कृर्तव्य निर्वहन का कमाल है जिसे करने बैचारे मातहत दिन रात जुटे रहते है इतना ही नही जहां तक आम शिकायतो का सबाल है तो बर्षो से निरंतर चल रही जनसुनबाई ने तो अपनी निरंतरता के चलते मानो सारे रिकार्ड ही धरासायी कर दिये अगर कम शब्दो मे कहै तो विगत बर्ष से गाॅब गली मे जो राम राज्य देखने मे आ रहा हे उससे प्रदेश के अन्य जिलो को सबक लेना चाहिए । जिस तरह से बारिस की आपदा पहाड़ बनकर शिवपुरी पर टूटी है जिसने मुख्य मार्ग एन. एच. 3 एम. पी. आर. डी. सी. ही नही लोकनिमार्ण ,प्रधान मंत्री ग्रामीण सड़क मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क पुल पुलियो का कचुमर बना दिया जो निश्चित ही बढ़ी तबाही है मगर खुशी की बात यह है कि सरकार ने कहा है कि वह इस आपदा से अपने सेवको और संसाधनो के बल पर निकाल ले जायेगी , हर नुक्सान का मुआबजा जो राहत लिस्ट मे है करोड़ो मे बट रहा है जिसे नही मिला उसे भी कोरा नही छोड़ा जा रहा बल्कि आश्वासन मिल रहा है इतना ही इस आपदा के बीच खदानो से धन और रोजगार बरस रहा है यह उस कृतज्ञता का कमाल है जिसकी शिवपुरी की जनता कायल हो चुकी है । अब देखना होगा कि सरकार के आलाअफसर कब इस ऐतिहासिक सेवा मे कृतज्ञता पर संज्ञान ले शिवपुरी माॅडल को समुचे प्रदेश मे लागू कर इस शहर को धन्य करते है । 

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