डिटेल न डी. पी. आर आत्मनिर्भर हुआ सुराज , सम्राज्य की तलाश मे जुटे सियासी सरोकार

 

भटकते बैरोजगार , निराशा मे डूबा सेवा कल्याण 

व्ही. एस. भुल्ले 

29 सितंबर 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. 


विज्ञापनो की बाढ़ और सुखर््िायो मे डूबा सेवा कल्याण भटकते बैरोजगार बैकारी को जो भी नाम दे मगर सम्राज्य की तलाश मे जुटे सरोकारो की हकीकत यह है कि बगैर डिटेल डी.पी.आर. के आत्मनिर्भर सुराज अब सरचढ़कर बोल रहा है ये अलग बात है कि अपनी कृतज्ञता से देश को कृतार्थ करते देश के प्रधानमंत्री जो भी उम्मीद जाहिर करे ओर देश को मिले अवसर को भुनाने कितना ही जोर क्यो न दे मगर हकीकत यह है कि स्वार्थवत सियासी सरोकार उस पवित्र मंशा को पारघाट लगने देगे इसको लेकर चर्चा आजकल कुछ ज्यादा ही सरगर्म है । ऐसा नही कि सुराज लाने बाले ही अपने अपने सियासी गणित को बैठाने मे लगे हो अगर यो कहै कि एक दूसरे को कोसने बाले भी सुराज की तरफ भृरकुटी तानने के बजाये एक ईमानदार कोसिश पर सबाल खड़े कर रहै है जो सियासी गलियारो के कान खड़े करने काॅफी है मगर कहते है जिन्है सेवा मे भी सियासी नफा नुकसान नजर आता हो और जिनको के स्वार्थो के आगे जन राष्ट्र् कल्याण भी गौड़ नजर आता ऐसी सियासत से उम्मीद भी क्या कि जा सकती हे जिस आत्मनिर्भरता की खातिर अनेको अवसर आज सामने है मगर सियासत के आगे सब बौने नजर आ रहै है देखना होगा कि आखिर कब सियासत सम्राज्य का जुनून त्याग सेवा कल्याण के रास्ते आत्मनिर्भरता के मार्ग पर अपनी सिद्धता साबित कर मानवीय कुतज्ञता को सुशोभित कर मानव जीवन को धन्य कर राजधर्म का पालन कर पाती है जय स्वराज । 

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