अपार संम्भावनाओ की गढ़ है सिंधिया स्टेट की ग्रीष्मकालीन राजधानी शिवपुरी
पर्यटन ,कला ,खनिज ,फूड , फिल्मसिटी , ज्ञान विज्ञान ऐतिहासिक विद्या प्राकृतिक संपदाओ से पटा है क्षैत्र
वीरेन्द्र शर्मा
4 अक्टुबर 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.
हालिया खबर यह है कि एक मर्तवा फिर से सिंधिया स्टेट की ग्रीष्मकालीन राजधानी रही शिवपुरी को लेकर सारे देश में चर्चा सरगर्म है कारण ंिसधिया परिवार के बर्तमान मुखिया एक मर्तवा फिर राजनीति के केन्द्र मे है और म.प्र. के लोगो कि महात्कांक्षाये म.प्र. मे बड़ती हवाई सेवाओ को लेकर कुछ ज्यादा ही प्रबल है । कारण केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य की दरियादिली की उन्होने मंत्रालय संम्हालते ही म.प्र. के कई शहरो से हवाई सेवाओ की झड़ी लगा दी जिससे उत्साहित लोगो अब उन क्षैत्रो मे भी हवाई सेवाओ के विस्तार की चर्चा करने लगे है जो विकास के क्षैत्र मे नई सम्भावनाओ को फलीभूत करने मे सक्षम समर्थ है । ये अलग बात है कि एक समाचार मे पत्र से चर्चा मे उन्होने भी जन अकाक्षाओ की बात उन तक पहुॅचने की स्वीकार की है । मगर जो संभावना शिवपुरी को लेकर विकास के पटल पर फलीभूत हो सकती है वह सामथ्र्य वह प्राकृतिक संमृद्धि शायद अन्य जगह देखने जो ग्वालियर चंबल मे बसे शिवपुरी शहर मे है । रेल , फाॅर लाइन से पहले ही देश से जोड़ चुके सिंधिया से उम्मीद यू भी अधिक है कि आज वह स्वयं उडडयन मंत्री है और शिवपुरी मे हवाई पटटी भी है । अगर शिवपुरी की सम्भावनाओ पर गौर किया जाये तो यह म.प्र. के लिये सबसे अधिक विकास उन्मुख हवाई सेवा से जुड़ा शहर साबित हो सकता है । मगर ऐसे मे आवश्यक है एक सटीक योजना प्लानिंग की जो हर क्षैत्र मे गहन अध्ययन पश्चात एक ऐसी कार्ययोजना बने जो शिवपुरी सिद्धता विकास की अपार संभावनाओ पर खरी उतर सके जिससे केवल शिवपुरी ही नही समुचे ग्वालियर चंबल ही नही म.प्र. का गौरव स्थापित हो सकता है अब विचार सरकार और जन कल्याण राज्य कल्याण से जुड़े सरोकारो को करना है ।

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