जन सेवको की सेवा ,प्रतिनिधियो की आस्था से थर्राया जनतंत्र


ढसक मे डूबा सामथ्र्य पुरूषार्थ  


16 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. 

म.प्र. - यहां आज बात कर रहे है हम आज ऐसे ऐतिहासिक जिले जिसका एक सुनहरा तो एक कलंकित इतिहास है चूकि सोच सकारात्मक रहै इस लिये बात सिर्फ और सिर्फ सकारात्मक ही होना चाहिए सो समुचा फोकस सेवा और जन आस्था पर रहै तो वह पठनीय भी रहेगा और मौजूद पीढ़ी के विचारिणीय भी कहते सत्ता ने किसको छोड़ा है जिसे अहंकार न हो बस एक मौका मिल भर जाये मौका मिलते ही सेवक शासक तो वह जन जिसके वोट पर सत्ता विभिन्न माध्ययमो से हासिल होती है वह जनता बन जाती है जिसके कल्याण का भार ढोते ढोते सेवको की कमर चैड़ी तो जनता की घिग्गी बन्द हो जाती है संपदा का शोषण , धनार्जन अलग विषय मगर जिस अन्दाज मे सेवको की लाटरी सेवा मे लग जाती है वह किसी से छिपी नही ऐसा कुछ विगत 30 बर्ष से इस समृद्ध जिले मे देखने मिल रहा है जिसे लोग म.प्र. मे शिवपुरी जिले के नाम से जानते है जिसमे 5 विधान सभा पौहरी , कोलारस , शिवपुरी , करेरा , पिछोर तो संसदीय क्षैत्र गुना ग्वालियर लगते है  । यो तो इस जिले कि ख्याती के कई आयाम रहै है जिसने समय वे समय इस जिले को देश की चर्चा मे गाहै बगाहै रखा मगर नई चर्चा यह है कि गैंग गिरोहबंद सेवा से अब यह जिला थर्रा रहा है तो किसी को अतिसंयोक्ति नही होना चाहिए । सत्ता कि ढसक मे आम जन को खून के आंसू रूलाने बालो की नजीर पहली हो ऐसा भी नही जो जब भी सत्ता मे रहा कमोबेश हालातो मे कोई खास बदलाब नही आया चाहै विधि की आढ़ मे प्राकृतिक संपदा की लूट हो या फिर प्राकृतिक संसाधनो को ठियेठिकाने लगाने का मामला हो ऐसी ऐसी नजीरे देखने सुनने मिलती है जिस पर मानवता भी विलख जाये मगर जन आस्था मे डूबे ऐसे पुरूषार्थ सामथ्र्य का क्या ? जो जनाधार की

 ठसक मे जन जीवन उसके कल्याण से जुड़े मार्ग को रौध व्यवस्था ही नही सत्ता शासन को भी चिढ़ा रहा है जो स्वतः ही सेवा कल्याण पर एक प्रश्नचिन्ह है अब ऐसे मे विचार उन सामथ्र्यशाली पुरूषार्थी जन सेवको को करना चाहिए कि चन्द छदम लोग उनकी कीर्ति को कैसै कलंकित कर अपने स्वार्थ पूर्ति मे लगे है । यह वह सामन्य जीवन से जुड़ी पीढ़ा है जिसमे एक दो दिन नही बल्कि हजारो दिन रात ही नही बर्षो का त्याग समर्पण लगा हे समय रहते अगर चर्चा विचार न हुआ तो इस शहर का सारा गौरव वैभव जो कभी उसे हासिल था पुनः लौटने से पहले ही छिन्न भिन्न हो जाये तो इसमे किसी को अतिसंयोक्ति नही होना चाहिए । 


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