साख खोती सरकार
अराजकता को आमंत्रित करते जबाबदेह लोग
सरकार की चुप्पी पढ़ सकती है भारी
हड़ताल हड़ताल से थर्राया शिवपुरी शहर
कचरे ढेर और कंगाली को लेकर पनपता आक्रोश
वीरेन्द्र शर्मा
17 दिसंबर 21 शिवपुरी
सेवा कल्याण के धरासायी होते सपनो के बीच जिस तरह से शिवपुरी मे हड़ताल हड़ताल का खेल कुछ दिनो से चल रहा वह कब घातक सिद्ध हो कहा नही जा सकता मगर जिस तरह की चिंगारी देखी जा रही है वह किसी डराबने सपने से कम नही । नगर पालिका से लेकर जिला चिकित्सालय तक चल रही सफाई कर्मियो की हड़ताल तो समझ आती है कि उनके वेतन भत्तो का मसला नही सुलझ रहा जिसके चलते गदंगी के अंबार इकटठे होते जा रहै है । तो वही दूसरी ओर आचरण व्यवहार को लेकर म. क्षै. वि. वि. कम्पनी के अधिकारियो और अभिबाषको के बीच छिड़ी जंग अपना व्हंगम रूप दिखा रही है तो वही लोक निर्माण की साख पर लगा बटटा भी कुछ कम नही अगर अपुष्ट खबर की माने तो गत दिनो बुलाई निविदा मे एक भी फाॅर्म नही बिचा परिणाम की शासन के विज्ञापन मे पैसा तो खर्च हुआ मगर कोई ठेकेदार निविदा डालने नही पहुॅचा इससे स्पष्ट है कि सरकार की साख किस स्तर पर जा पहुॅची बहरहाॅल जो भी हो जिस तरह के हालात जबाबदेह लोग शिवपुरी मे बनाते जा रहै वह किसी बड़े खतरे से कम नही माने जा सकते मगर सरकार की अनदेखी कही उसी पर ही भारी न पढ़ जाये । यह यक्ष सबाल अभी भी चर्चा का बिषय आम जनमानस मे बीच बना हुआ है ।
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