मुफतखोरी की आत्म निर्भरता


सर्बकल्याण में सत्ता का अचूक अस्त्र 

कर्तव्य विमुखता मे बिलखती मानवता बिलबिलाते लोग 

वीरेन्द्र शर्मा 


16 जनवरी 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. 

सर्बकल्याण मे सत्ता के लिये अचूक अस्त्र साबित होती मुफतखोरी की आत्म निर्भरता अब भले ही सत्ता सियासत का सिरमौर बन चुकी हो और अनुशासनहीनता , कर्तव्य बिमुखता बिलबिलाती मानवता बिलखते लोगो के लिये दोषी करार सिद्ध हो मगर वह प्रगतिशील समाज और न ही किसी समृद्ध शाली जीवन के लिये कभी सफल सिद्ध घोषित करार नही दिये जा सकते ये अलग बात है कि आज के सियासी दौर मे सत्ता का मार्ग मुफतखोरी की सियासत से होकर गुजरता हो मगर यह सर्बकल्याण का सार्थक मार्ग कभी घोषित नही हो सकता यह आज कर सेवाभावी , सामथ्र्यशाली पुरूषार्थी , समझदार समर्पित त्यागशील मानव के लिये समझने बाली होना चाहिए जो सर्बकल्याण को ही सबसे बड़ा कर्म और निष्ठापूर्ण कर्तव्य निर्वहन को धर्म मानते है क्योकि जीवन में परिश्रम ही वह सबसे बड़ा समृद्धि का मार्ग कहा गया है जो कड़ी मेहनत के लिये सार्थक सार्थी सिद्ध रहा है । आज जब सत्ता के सहारे सेवा कल्याण मे जीवन का योगदान देने बालो के लिये मुफतखोरी का अस्त्र सबसे सफल सक्षम सिद्ध हो रहा है ऐसे मे परिश्रम की बात करना बैईमानी हो जाती है । अगर यही हाॅल सत्ता हासिल करने सियासी दलो या सत्तासीन लोगो का बना रहा तो यह जीवन की बड़ी अनुशासन हीनता ही कही जायेगी जिसका दण्ड आज कई सियासी दल भोगने पर मजबूर है तो कई कतार में अगर समय रहते सत्ता सियासत को यह सच समझ नही आया तो वह दिन दूर नही जब मुफतखोरी के दैत्य को सम्हालना मुश्किल ही नही न मुमकिन होगा । जो किसी के भी हित मे नही होगा । जय स्वराज । 


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