आयना दिखाता इतिहास
राजकोष को सबसे बड़ा खतरा राजपुरूषो से
सेकड़ो बर्ष बाद सार्थक होता सबाल
वीरेन्द्र भुल्ले
18 फरबरी 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा
नन्द वंश की भरी सभा मे शास्त्रार्थ के दौरान चाड़क्य के छात्र का वह जबाब आज सार्थक होता नजर आ रहा है जिसमें उसने शिक्षक द्वारा पूछे गये सबाल के जबाब मे कहा था कि राजकोष को सबसे बड़ा खतरा राजपुरूषो से होता है । उस बालक का यह जबाब तत्कालीन सत्ता प्रमुख को शायद पसंद नही आया हो मगर सबाल , सबाल था और जबाब जबाब खेर इसे तो अब इतिहास की ही बात की जा सकता है । मगर जब बर्तमान के धरातल पर वह सेकड़ो बर्ष पुरानी बात यथार्त नजर आये तो क्या कहा जाये । निश्चित ही आज भी यह बात बर्तमान सत्ता प्रमुखो और राजपुरूषो को नगवार लगे मगर आज यथार्त यही है जिसे नकारा नही जा सकता । मगर दुर्भाग्य की अब न तो ऐसे शासक बचे न ही ऐसे गुरूजन और न ही ऐसे शिष्य सो ऐसे मे जो हो जाये वह कम ही कहा जा सकता है । मगर यह सत्य है कि जब या तब या फिर आज भी सत्ताओ का जो अस्तित्व है या रहा है वह आम जीवन की सुरक्षा उसकी समृद्धि और कल्याण के लिये रहा है और आज भी है । मगर लगता है अब मायने बदल रहै है लगता है आज सत्ता के हर उत्तरदायित्व की मुॅह माॅगी कीमत चुकाना हर जीवन की नियत बन गयी है । और सत्ताये साहूकार अब बदले इस परिवेश का परिणाम क्या होगा यह तो आने बाला समय ही तय करेगा मगर इतना तो तय अगर कुछ दिन ऐसा ही चलता रहा और आम जीवन को जिन्दा रहने ऐसी ही कड़ी परीक्षाओ से पीढ़ी दर पीढ़ी गुजरना पढ़ा तो वह दिन दूर नही जब जीवन अपने संरक्षको से ही बगाबत पर उतारू दिखे तो इसमें कोई अतिसंयोकित किसी को नही होनी चाहिए। जय स्वराज ।
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