माॅंग बढ़ने से सेवा कल्याण धड़ाम .............? तीरंदाज

 

पांॅच अंको के रिकार्ड स्तर को छुआ 

व्ही. एस. भुल्ले 

28 जून 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. 


भैया - बढ़ती माॅग , चढ़ते सूचकांक के बीच भले ही सेवा कल्याण का  बाजार गाॅब गली में अपने रिकार्ड स्तर को छू चुका हो , मगर आशा अकांक्षाओ की उम्मीदे अभी भी बरकरार है । उन्है उम्मीद है कि वह अपने अपने लक्ष्य को भेद पाने में सक्षम सफल होगी मगर मने न लागे की भाया इस महासंग्राम में ऐसा कुछ होने बाला है । काड़ू बोल्या कि कितने ही चरण क्यो न पूरे हो जाये मगर उस सेवा कल्याण का क्या होगा जो सत्ता के रथ पर सबार सर्बकल्याण का परचम फहरा चक्रबृति सम्राट बनना चाहता है । उधर जरूआ खोसोओ के झुण्ड ने तो म्हारी दिन रात बराबर से खराब कर रखी है । मगर यह भी सत्य है कि सेवा कल्याण की खातिर अलग अलग खेमो मे बटे लश्कर अपने अपने सेनापतियो , सिपहसालारो के इसारे के इन्तजार में है इसारा मिलते ही मैदाने जंग मे गाॅब गली की सत्ता के लिये जबर दस्त सियासी जंग छिड़ेगी जिसमे किसको जीत तो किस को हार हासिल होगी यह तो समय ही तय करेगा मगर इतना तो तय है कि हार जीत जिसकी भी हो मगर जरूआ खोसोओ कि अवश्य चल निकलेगी । 

भैयै - मुये चुप कर और संहिता का लिहाज कर गर किसी राष्ट्र् भक्त ने थारी सुन ली तो थारी तो थारी म्हारी भी हलक से खीच ली जायेगी और बोलने को भी थारी और म्हारी काठी आने बाले समय में तरस जायेगी । इसलिये मने तो बोल्यू कि तने भी आजादी कि इस अमृत बैला पर शुभ शुभ बोल और हो सके तो इस लोकतंत्र के महाकुंभ में थोड़ा मुस्करा , पैर छू और पत्ते मत खोल तब तो थारी चल जायेगी बरना थारी काठी शेष दिनो में भी इसी तरह इस लोकतंत्र में ऐसे ही धक्के बिलबिलायेगी फिर कौनहु तजबीज मरहम थारे नासूर को नही सुखा पायेगी । थोड़ी कही बहुत समझना । 

भैया - अब बात धक्का मुक्की तक सीमित नही रही अब तो बात मांग और बढ़ते सूचकांक पर आ टिकी है । और खुलते बाजार एक एक शेयर की कीमत गाॅब गली में आसमान छू रही है । काड़ू बोल्या फिलहाॅल भाव पाॅच अंको स्तर छू रहा है और दो पाॅच के शेयर का भाव 20 पर जा पहुॅचा है और भारी भरकम निवेश से बाजार उछलपढ़ा है बढ़ती निवेश संभावनाओ ने अच्छे अच्छे पूूॅजीपतियो के हलक सुखा रखे है और अब सिर्फ गाॅब गली ही नही नगर महानगरो में भी सेवा कल्याण ने बढ़े बढ़े झण्डे गाड़ दिये है । 

भैया - मने समझ लिया थारा इसारा पूॅजीगत बाजार में मने भी अब बगैर किसी संकोच के सफल होने , मने भी भर भर कर दाॅब लगाउगा कैसै भी हो अब तो बाजी अपने नाम कर सेवा कल्याण का ऐसा सूचकांक लाउगा कि बढ़े बढ़े निवेशक भी मुॅह मे उगलिया दबाने बैबस हो सोचने पर मजबूर होगे और उपभोक्ता भी मुॅह मांगी मुराद पूरी होती देख स्वयं को धन्य मेहसूस कर रहै होगे । क्योकि भाया मने जाड़ू म्हारे को भी अब इस नई व्यवस्था में स्वयं को सिद्ध करना ही होगा और कैैसै भी करके गाॅब गली की आशा अकांक्षाओ पूरा करना होगा । तभी तो मने भी सच्चा सेवक प्रहरी कहलाउगा सेवा कल्याण के नाम गांब गलियो की सड़को पर बिछ बिछ जाउगा तब चल जायेगी दिन रात एक कर सेनापति न सही कम के कम सिपहसालार तो बन जाउगा । जय स्वराज । 


Comments

Popular posts from this blog

खण्ड खण्ड असतित्व का अखण्ड आधार

संविधान से विमुख सत्तायें, स्वराज में बड़ी बाधा सत्ताओं का सर्वोच्च समर्पण व आस्था अहम: व्ही.एस.भुल्ले

श्राफ भोगता समृद्ध भूभाग गौ-पालन सिर्फ आध्यात्म नहीं बल्कि मानव जीवन से जुडा सिद्धान्तः व्यवहारिक विज्ञान है अमृतदायिनी के निस्वार्थ, निष्ठापूर्ण कत्र्तव्य निर्वहन, त्याग तपस्या का तिरस्कार, अपमान पडा भारी जघन्य अन्याय, अत्याचार का दंश भोगती भ्रमित मानव सभ्यता