अवसर तलाशती सत्ता
मिलता तो , न भटकती प्रतिभाये और समृद्ध होता प्रदेश
68 देशो से अढ़ाई हजार से अधिक प्रवासी होगे शामिल
इन्दौर में एक और ग्लोबल समिट
तीन दिन तक 314 कंपनियो से वन टू वन
प्रवासी सम्मेलन पश्चात होगी ग्लोवल इंवेस्टर्स समिट
वीरेन्द्र भुल्ले
5 जनवरी 2023 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.
ये अलग बात है कि रोजगार समृद्धि के अवसर तलाशती सत्ता कि एक और ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट इन्दौर में होने जा रही है जिसमे 68 देशो के लगभग अढ़ाई हजार से अधिक प्रवासी भारतीयो के भाग लेने की संभावना है तो वही देश के चोटी के उद्योगपतियो को भी न्योता भेजा गया । तो कुछ से फोन पर भी संपर्क किया गया है । जिससे अधिक से अधिक निवेश म.प्र. में आ सके । मगर हालिया खबर यह है कि जो कंपनिया अपना बौरिया बिस्तर चीन से समेटना चाहती है वह म.प्र. की ओर रूख करे जिसके लिये पहले 8 जनवरी से 10 जनवरी तक 17वाॅ भारतीय प्रवासी दिवस का आयोजन किया गया है तो 11 और 12 जनवरी को ग्लोवल इंवेस्टर्स समिट का आयोजन रखा गया है जिसमें देश ही नही विदेशी मेहमान भी शामिल होगेे साथ ही देश के चोटी के उद्योगपति भी भाग लेगे ये अलग बात है कि इससे पूर्व भी कई समिट हो चुकी है मगर अभी तक कोई भी ऐसा ऐतिहासिक परिणाम प्रदेश के सामने नही जिस पर प्रदेश गर्व कर स्वयं को गौरान्वित मेहसूस कर सके । जबकि म.प्र. देश का प्रतिभा व संपदा समृद्ध एक ऐसा प्रदेश है जहां अपार संबृद्धि की जबरदस्त संभावना है । मगर दुर्भाग्य कि जिस कस्तूरी की तलाश में जिस तरह से मृग जिन्दगी भर भटकता रहता है जो उसकी नाभि में होती है वही हाॅल इस संबृद्ध प्रदेश का है । आज जब भारत जी 20 का नेतृत्व कर रहा है । ऐसे में वह सिर्फ म.प्र. ही एक ऐसा राज्य हो सकता है । जिसकी कस्तूरी सिर्फ म.प्र. , देश ही नही सारे विश्व को अपनी खुशबू से महका सकती है । ऐसी ही कस्तूरी लिये कई प्रतिभाये अवसर की तलाश में आज भी भटक रही है । मगर अवसर अभाव ये सिद्ध करता है कि समृद्धी के प्रयास पूर्ण मनोयोग के अभाव में अधूरे ही रहै मगर जिस तरह से समृद्धि कि कोसिसे विभिन्न माध्ययमो से जारी है वह स्वागत योग्य है मगर उनकी सार्थकता कितनी होगी यह हमें इतिहास में देखना होगा । कहते है किसी भी सफलता में ईमानदारी बफादारी का बड़ा योगदान होता है फिर उसका स्वरूप जो भी हो कल्याणकारी हो या विनाशकारी स्वयं को सिद्ध वही कर पाते है जो स्वयं जीवन और अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार होते है और जिस भी प्रदेश देश ने इस पैमाने को अपनाया प्रतिभा को सहज अवसर व्यवसाय विकास के प्रति ईमानदारी निभाई वह समृद्ध होते चले गये और आज समुचे विश्व में वह स्थापित है काश हम इस सच को पूरी निष्ठा से स्वीकार पाये तो यह सिर्फ हमारी ही नही मौजूद सत्ताओ की समृद्धि के लिये किये जा रहै प्रयासो की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी । काश हम इवेन्ट से निकल , मूमेन्ट को सार्थक कर सर्बकल्याण में स्वयं को समर्पित कर जीवन को सिद्ध कर पाये तो यह हर जीवन की अपने जीवन के प्रति बड़ी सिद्धि और सार्थकता होगी । जय स्वराज ।

Comments
Post a Comment