कर्ज कमीशन के बीच घोेषणाओ की बौछार

 

लगातार दो सभाओ मेे झौका सेवा आधार 

आत्मसम्मान को झझकोरता बटौना राज 

राजधर्म के अभाव में दम तोड़ता जन कल्याण 


वीरेन्द्र भुल्ले 

19 अगस्त 2023 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. 

म.प्र. ये सही है कि अभी चुनावी घोषणा भले ही न हुई हो मगर लिस्टे आना अभी से शुरू हो चुकी है । बारिस भले ही अभी आॅख मिचैली कर रही हो मगर घौषणाओ कि जबरदस्त बारिस हो रही है । यह अलहदा बात है कि नैतिकता और आत्मसम्मान को कलंकित करने बाली व्यवस्था अभी भी राजधानी में आन्दोलनरत कोरोना बौरियर्स कि बैबसी पर मत्रमुग्द हो उसका उपहास उठा नैतिकता के सभी रिकाॅर्ड तोड़ रही हो मगर सत्ता के लिये और सतत सत्ता में बने रहने सियासी दलो में जबरदस्त होड़ मची है । हालिया खबर यह है कि विपक्षी दल खबरनबिसो के बीच बिगत 19 बर्षो के तथाकथित घोटालो कि लिस्ट खोली है और मिस्टकाॅल कर पोलखोल से जुड़ने कि अपील कि है । मगर कर्ज में डूबी रेबड़िया बाटती 19 बर्ष पुरानी सत्ता का क्या ? जो अभी भी आय दिन कोई न कोई घोषणा मंचो से करने में लगी है । खबर तो यहां तक है कि कमीशन को अब तो मामला कोर्ट कचहरी थाने जा पहुॅचा है । अब सच क्या है यह तो आरोप लगाने और रपट लिखाने बाले जाने मगर एक और बायरल वीडियो मे एक ठेकेदार के दाबे ने खबरो कि दुनिया और गरम कर दी है । मगर राज के लिये धर्म को तिलांजली देने बालो का जो न तो नैतिकता को ही बख्शना चाहते है न ऐसी किसी नीति पर चलना चाहते है जिससे लोगो का आत्मसम्मान भी बचा रहै और वह वैचारिक आधार जो लोक कल्याण का सपना लेकर राजनीति में आये । कहते सच्चा राजधर्म जिसका उल्लेख महाभारत काल मे भी हुआ कि श्रेष्ठ राजधर्म वह होता है जो अपनी आवाम को भयमुक्त माहौल दे सके उनके जीवन और जीवन मूल्यो की रक्षा कर सके । मगर आज सत्ता लालसा बस जिस तरह का सियासत मे नंगा नाच आचार विचार व्यवहार को लेकर चर्चा में वह शर्मनाक ही नही दर्दनाक भी है । बहरहाॅल हालिया खबर यह है कि म.प्र. के शिवपुरी जिले में लगातार प्रदेश के मुखिया दो सभाये अलग अलग दिन होने बाली है जिसमें समुचा संभागीय प्रशासन और जिला प्रशासन तैयारियो मे जुटा है जहा हजारो लोग इकटठे होने है और निधार्रित कार्यक्रम अनुसार वह लोकप्रिय भाषण जिसके लिये म.प्र. कि जनता लगता है अब तो हर रोज लालाहित दिखती है । सूत्रो कि माने तो इस बीच अगर कर्ज कमीशन पर सबाल है तो निश्चित ही हो सकता है कि जबाब सुनने को मिले मगर लगता नही कि ऐसा कुछ होगा क्योकि अभी तक जो हुआ वह भी जन कल्याण के लिये था और भबिष्य में भी जो होगा वह जनकल्याण कि ही खातिर होगा । 


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