अर्थहीन संग्राम में डूबी सियासत
जीत की जुगत में जुटे , सियासी दल
चुनाव से पूर्व भूत, बर्तमान , भबिष्य की समीक्षा अहम
सजगता से संभव है खुशहाली
व्ही.एस. भुल्ले
18 अक्टुबर 2023 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.
निर्वाचन तिथियो की घोषणा पश्चात अभी भी कई सियासी दल टिकिट बांटने काटने में लगे हो मगर अर्थहीन संग्राम में डूबी सियासत आखिर कहां जा कर रूकेगी यह कहना फिलहाॅल मुश्किल है । क्योकि जिस तरह से जीत की जुगत मेें सियासी दल जुले है । उससे लगता नही कि आने बाले समय में ऐसा कोई भोकाल होने बाला है जिस पर आने बाली पीढ़ियां स्वयं पर गर्व कर गौरान्वित हो सके । इसलिये चुनाव पूर्व अहम हो जाता है कि सिर्फ प्रत्याशी ही नही उन दलो के भी भूत बर्तमान भबिष्य की समीक्षा होनी चाहिए और उन मतदाताओ कि भी जो आज तक बोट देते लेते रहै है । साथ ही यह सुनिश्चित भी होना चाहिए कि हर हाल में मतदान अवश्य करने जाये जिससे लोकतंत्र कि ताकत का एहसास और हर मतदाता की भागीदारी इस महा अभियान में सिद्ध हो पाये तभी हम एक मजबूत लोकतंत्र बन पायेगे । यह सही कि चुनावो के दौरान सभी अपनी अपनी बात और योग्यता सक्षमता बताते है अगर ऐसे में वोट मांगने बालो से सबाल और समीक्षा अवश्य होना चाहिए कि सेवा कल्याण के क्षैत्र में या सार्बजनिक जीवन मे उनका क्या और कैसा योगदान रहा है और उनके साथ आम जीवन का बर्तमान ही नही भबिष्य कैसा रहने बाला है । अगर सजगता के साथ मतदान हो तो यह सुनिश्चित है कि हम अच्छे और सच्चे प्रतिनिधि चुनने में अवश्य सफल होगे और एक मजबूत समृद्ध लोकतंत्र खड़ा करने में सिद्ध होगे जो निश्चित ही समृद्ध खुशहाल जीवन का सारथी होगा मगर यह तभी संभव है । जब हम सजग रह मतदान करे और अव्छे सच्चे प्रत्याशी चयन में अपनी अपनी भूमिका मतदान के माध्यम से सुनिश्चित करे ।

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