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अर्थहीन संग्राम में डूबी सियासत

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जीत की जुगत में जुटे , सियासी दल चुनाव से पूर्व भूत, बर्तमान , भबिष्य की समीक्षा अहम  सजगता से संभव है खुशहाली  व्ही.एस. भुल्ले  18 अक्टुबर 2023 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  निर्वाचन तिथियो की घोषणा पश्चात अभी भी कई सियासी दल टिकिट बांटने काटने में लगे हो मगर अर्थहीन संग्राम में डूबी सियासत आखिर कहां जा कर रूकेगी यह कहना फिलहाॅल मुश्किल है । क्योकि जिस तरह से जीत की जुगत मेें सियासी दल जुले है । उससे लगता नही कि आने बाले समय में ऐसा कोई भोकाल होने बाला है जिस पर आने बाली पीढ़ियां स्वयं पर गर्व कर गौरान्वित हो सके । इसलिये चुनाव पूर्व अहम हो जाता है कि सिर्फ प्रत्याशी ही नही उन दलो के भी भूत बर्तमान भबिष्य की समीक्षा होनी चाहिए और उन मतदाताओ कि भी जो आज तक बोट देते लेते रहै है । साथ ही यह सुनिश्चित भी होना चाहिए कि हर हाल में मतदान अवश्य करने जाये जिससे लोकतंत्र कि ताकत का एहसास और हर मतदाता की भागीदारी इस महा अभियान में सिद्ध हो पाये तभी हम एक मजबूत लोकतंत्र बन पायेगे । यह सही कि चुनावो के दौरान सभी अपनी अपनी बात और योग्यता सक्षमता बताते है अगर ऐसे में वोट मांगने ...

हिल सकती है , सियासी जमीन

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  एक गलत निर्णय कर सकता सूपड़ा साफ  सबसे अहम जनता का निर्णय  वीरेन्द्र भुल्ले  12 सितंबर 2023 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  17 नवम्बर मतदान की तारीख घोषणा पश्चात भले ही अभी भी कई प्रत्याशियो के नामो कि घोषणा राजनैतिक दलो में होना शेष हो मगर जिस तरह कि सियासी जमीन टिकिटो को लेकर तैयार होने की संभावना प्रबल हो रही है वह बड़ी ही डराने बाली है । खबर यह है कि जहां कमल दल में एक एक सीट को लेकर सर्बे और जबरदस्त मंथन हो रहा है । तो वही पंजे बालो के दल में भी सर्बे और स्थानीय रायशुमारी के नाम ऐसे कई नामो का मंथन चल रहा है या फिर फैसला चल रहा है जिनके परिणाम आते ही कोहराम मचना तय है । सूत्रो कि माने तो म.प्र. में सबसे बड़े सियासी गढ़ के रूप में आने के पश्चात सबसे ज्यादा उठापटक का माहौल शिवपुरी जिले में देखने मिल रहा है । जहां सिर्फ भाजपा ही नही काॅग्रेस भी फूक फूक कर आगे कदम बढ़ा रही है । मगर जिस तरह की रस्सा कसी काॅग्रेस में चल रही है उसे सुखद नही माना जा सकता खास उस काॅग्रेस के लिये जो सरकार बनने का मसूबा लिये विगत तीन बर्ष से सियासी संघर्ष में जुटी है यू तो इस जिले में 5...
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  वह विराट व्यक्तित्व , यह व्यथित पल  सहज शख्सियत की असहज यादे  वीरेन्द्र भुल्ले  30 सितंबर 2023 विलेज टाइम्स समाचार सेवा  आज ही का दिन जिसने एक ऐसे विराट व्यक्तित्व शख्सियत को खोया मुझे याद है उनकी वह बैबाक सभा जिसमें उन्होने सार्बजनिक मंच से स्वीकार किया कि बैंक रिणो की माफी सियासी लाभ के लिये उचित नही और इसके दूरगामी परिणाम ठीक नही हो सकते यह आज उन बैंको के लिये सही सिद्ध हुये जो आज या तो डूब चुके है या फिर सरकारो के रहमो करम पर जिंदा है । उनका सहज व्यवहार वह वाक्य में ही इस देश कि ऐसी धरोहर थी जिस पर हर कोई गर्व गौरव मेहसूस कर सकता है । देश हो विदेश हो उन्होने अपनी कृतज्ञता की ऐसी छाप छोड़ी है जिसे आसानी से भूल जाना असंभव ही नही नमुमकिन है । क्या बड़ा क्या छोटा उनके लिये सिर्फ इन्सान थे जिसे वह हमेशा पहले पायदान पर रखते थे न जाने कितनो को उन्होने रंक से इस लोकतंत्र में राजा होने का सौभाग्य दिलाया निश्चित ही वह आज हमारे बीच नही मगर उनकी वह महान कृतज्ञता सहजता अवश्य हमारे साथ और सार्बजनिक जीवन की वह निष्ठा जिसकी अपेक्षा हर मानव जीेवन होती है वह आज भी हमारे साथ ह...
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 लड़ सकती है श्रीमंत ..................? छुईमुई की तरह सिकुड़ सकती है, बांछे  खबर से गर्माई शिवपुरी की सियासत  मानो उधार बैठी थी , सियासत  एक खबर से समुचे प्रदेश में कोहराम  वीरेन्द्र भुल्ले  30 सितंबर 2023 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  म.प्र. ग्वालियर जब एक दैनिक समाचार पत्र में यह खबर क्या आई की श्रीमंत स्वास्थ कारणो के चलते शिवपुरी से चुनाव नही लड़ेगी । तब से मानो बर्षो ताक लगाये बैठै माफियाओ कि मानो बांछे खिल पड़ी हो और दबी जुबान यह चर्चा कुछ ज्यादा ही सरगर्म है और सियासी गैंग गिरोहबंदी भी खासी सरगर्म है जिसके लिये कुछ भाई लोगो ने गोल बन्दी भी खासी तेज कर दी है । चुनाव न लड़ने की खबर से पूर्व जिस तरह की गोल बन्दी बिगत 10 बर्षो से चल से शिवपुरी शहर में चल रही थी इससे श्रीमंत कितनी विज्ञ या अनभिज्ञ थी यह तो वही जाने मगर जिस तरह से उन्होने शिवपुरी की सैहत सूरत बदलने की कोसिस की फिर वह चाहै शिवपुरी गुना अब व्यावरा तक का एबी रोड़ फाॅर लेन का मामला हो जब पहली बार इसकी डीपीआर 600 करोड़ की एनएच ने तैयार की और जिसे केन्द्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य ंिसधिया...
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  जनाक्रोश के मंच पर खेला  सच साबित हुई संभावना  जमीनी नेताओ ने उगली आग  संकट में उलझी पाॅचो सीट और काॅग्रेस   अपमान से आहत नेताओ नें खोया आपा  राहुल मंशा और गाइड लाइन को पलीता लगाती महा त्वकांक्षाये  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  30 सितंबर 2023 म.प्र. - यू तो प्रदेश भर में चल रही आक्रोश यात्रा को लेकर काॅग्रेस खासी उत्साहित है जिसको लेकर ग्वालियर चंबल में भी खासा उत्साह है । और वही या़त्रा जब म.प्र. का सबसे बड़ा सियासी अखाड़ा बन चुके शिवपुरी शहर में विधान में विपक्ष नेता डाॅ गोविन्द सिंह के नैतृत्व में पहुॅची तो खासा स्वागत भी हुआ मगर सभा स्थल मंच पर मान अपमान को लेकर जो बखेड़ा हुआ और जिस तरह से प्रदेश उपाध्यक्ष और चार मर्तवा जिला अध्यक्ष रह चुके श्री प्रकाश शर्मा ने कुछ लोगो को आढ़े हाथो लिया वह अब छिपा नही रहा साॅसल मीडिया पर खूब वायरल हुआ । इतना ही नही जब दो दो बार के दो पूर्व विधायक गणेश गौतम और हरिबल्लभ शुक्ला , शहर काॅग्रेस अध्यक्ष मोहित अग्रबाल , युवा काॅग्रेस अध्यक्ष अमित शिवहरे भरी सभा से मंच छोड़ गये । मगर इस बीच जिस तरह से करैरा पूर...
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  शिवपुरी में दावेदारी को लेकर आक्रोस चरम पर  पार्टी लाइन की अनदेखी से खिन्न है काॅग्रेसी  राहुल की मंशा को पलीता लगा सकते सियासी पैराशूटर  न्याय के अभाव में खत्म हो सकती है सियासी जमीन  वीरेन्द्र भुल्ले  25 सितंबर 2023 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  अगर बात निष्ठा और जमीनी काॅग्रेस की चल ही पढ़ी है तो यह खुलासा होना भी जरूरी हो जाता है कि काॅग्रेस का शिवपुरी में इतिहास क्या रहा है और विगत 30 बर्षो से काॅग्रेस शिवपुरी में कैसै जिन्दा बनी रही अगर हम पूर्व के 40 बर्षो को बिसार दे तो 10 बर्ष तक दिग्विजय सिंह के नैतृत्व में काॅग्रेस सरकार रही और उसका परिणाम कि दिग्विजय को हार के बाद 10 बर्ष का सियासी सन्यास स्वयं की घोषणा अनुसार लेना पढ़ा और तब से आज तक म.प्र. में भाजपा की सरकार है । अर्थात विगत साढ़े उन्निस बर्ष से । हम देखे तो इन 19 बर्षो में 15 बर्ष से समुचे ग्वालियर चंबल में सिंधिया काॅग्रेस का झण्डा लिये समुचे प्रदेश में काॅग्रेस का इकबाल बुलंद करते रहै मगर जब 2018 में उन्है वह मान सम्मान जाते दिखा उन्है अनसुना किया गया तो वह काॅग्रेस छोड़ भाजपा में चले...
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  स्वस्वार्थ ने बिगाड़े सियासी हालात  प्राकृतिक और जनसंपदा हुई अनाथ  गैंग गिरोहबंद संस्कृति बनी , सत्ता और सियासत का आधार  बांझ सेवा कल्याण के आगे गिड़गिड़ाता सर्बकल्याण  महात्वकांक्षाओ की बाढ़ तबाह होते मूल और विचार  व्ही.एस.भुल्ले  25 सितंबर 2023 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  कहते है जब मूल पर चोट और विचार बेआधार हो महात्वकांक्षाओ कि बाढ़ में अपना अपना अस्तित्व निस्तनाबूत करने तैयार हो तो फिर शिकायत कैसी , जब किसी भी समाज या व्यवस्था में लूट का मंसूवा श्रेष्ठ और सियासी हालात बैकाबू हो और प्राकृतिक , जनसंपदा अनाथ हो बांझ सेवा कल्याण के आगे सर्बकल्याण गिड़गिड़ाये , बिलबिलाये तो सारी चर्चाये , संबाद , कयास स्वतः ही बैमानी हो जाते है । मगर महात्वकांक्षाओ का दुसाहस देखो कि वह आज भी भोले भाले , बैबस जन मानस , आम जीवन को मध्यकालीन या गुलामकालीन मान अपनी अपनी मंशाओ को परवान चढ़ाने का कोई मौका नही चूकती और उन पदो को उन संस्थाओ को अपनी बापौती मानने से नही सहमती जो बैशक सर्बकल्याण सेवा कल्याण का माध्यम और सृजन में श्रेष्ठ जीवन कर्तव्य निर्वहन का आधार है । आज जब...