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Showing posts from September, 2022

समृद्धि के बीच ताल ठोकती तबाही

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  बैबस जीवन , बैलगाम पुरोधा  वोटोे की बैबसी अगर बाधा है तो समाधान अहम  व्ही. एस. भुल्ले  24 सितंबर 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा  जिस तरह की सियासत , सेवा , कल्याण का अस्तित्व आजकल सत्ता सौपानो में पैठ जमा चुका उससे लगता नही मौजूद जीवन में किसी का भी कल्याण होने बाला है ।फिर चाहै वह व्यक्ति , परिवार , समाज , राज्य , राष्ट्र् हो । परिणाम कि आज समृद्धि के बीच ताल ठोकती तबाही विकास के नाम इस कदर से बैलाम हो चुकी है कि उसके दुशपरिणाम विकास पुरोधाओ की नाक के नीचे बीच चैराहै ढकरा रहै है मगर सियासत और सत्ताये है कि वह यह मानने तैयार ही नही कि साधन संसाधन संपदा सामथ्र्य पुरूषार्थ समय किस बैरहमी से स्वार्थ बस बरबाद हो रहै है । और सुबिधा , सेवा , कल्याण के नाम गाॅब गली ही नही नगर शहर महानगरो में बैअहाई के बीच बिलाप हो रहै है । फिर मसला शिक्षा , स्वास्थ , संस्कारो का हो या फिर अर्थहीन बैलगाम विकास जिस तरह से प्राकृतिक संरचनाओ की अनदेखी कर विकास की गंगा बिगत बर्षो से बहाई गई अब उसके सिर्फ रूझान ही नही साक्षात परिणाम सामने आने लगे है जो बड़े ही डराने बाले और जान लेवा साबित हो...

वीर लड़ता है , भावुक बोल पर द्रवित भावना ........?

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नेक दिल इन्सान कि जुबानी , भावनाओ की कहानी  नेता के बोल पर कार्यकर्ता के आंशू  मसला ग्वालियर चंबल का  वीरेन्द्र शर्मा  11 सितंबर 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  मसला जनसेवा का हो जंगे मैदान का वह दिल ही होता है जो दिमाग तक अपना असर छोड़ता है फिर प्रसंग जो भी हो मगर आज कि सियासत में इसके क्या मूल्य शेष रहै है । यह भी किसी से छिपा नही इतिहास गबाह है लड़ाका न तो कभी थके है न ही कभी रूके है और न ही कभी डरे है फिर कीमत जो भी रही हो मगर अपने हमेशा साथ रहै है क्योकि उनके लिये जन जीवन मात्रभूमि सर्बोपरि रही है । और इसकी रक्षा वह अपना धर्म कर्म भी अनादिकाल से समझते समझाते रहै है । गंगेज से लेकर चाड़क्य और पृथ्वी राज से लेकर वीर छत्रपति शिवाजी वाजीराव , माहतजी , सदाशिव और भगत सिंह से लेकर लाला ,लाल बाल पाल तक एक बड़ी श्रंखला रही है । राष्ट्र् जनसेवा के लिये मर मिटने कि मगर जब आज हम जनतंत्र में है तो आज जंग का स्थान संघर्ष ने ले रखा है । संघर्ष लंबा भी हो सकता है और तनाब पूर्ण भी सफलता मिल भी सकती और नही भी मगर जो यकीकन तौर पर सर्बकल्याण के लिये संघर्ष होता है वह जीवन को...

आशा अकांक्षाओ , संभावनाओ के बीच जन्मदिन

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  17 को कूनो पालपुर आयेगे प्रधानमंत्री  म.प्र. शासन जुटा तैयारियों में  वीरेन्द्र भुल्ले  8 सितंबर 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.   जाप्ते की माने तो म.प्र. के श्योपुर जिला स्थित कूनो पालपुर अभ्यारण अपने जन्मदिन पर 17 सितंबर को आ रहै है । जहां वह दक्षिण अफ्रीका से लाये जा रहै चीतो को कूनो पालपुर के जंगल में छोड़ेगे । साथ ही जिस तरह की तैयारियो मे प्रशासन जुटा है उसे देखते हुये कहा जा सकता है कि प्रधानमंत्री उपस्थित जनसमूह को संबोधित भी करे मगर जहां तक आशा अकांक्षाओ की बात और इस क्षैत्र में संभावनाओ की बात है तो इस क्षैत्र में सिंचाई की एक वृहत परियोजना जिसकी लागत लगभग 5000 करोड़ है जिससे लगभग तीन चार जिलो के लाखो किसान लाभान्वित हो सकते है । तो वही दूसरी ओर पूर्व से पश्चिम को सीधे जोड़ने बाली झांसी - सबाई माधौपुर रेल लाइन भी बर्षो से प्रस्ताबित है जो सामरिक ही नही पर्यटन की दृष्टि से अहम है । जिससे रोजगार की व्यापक संभावना के साथ व्यापार व्यवसाय भी सीधा पूर्व पश्चिम से जुड़ जायेगा । हर दृष्टि से पिछड़े इस क्षैत्र का दुर्भाग्य यह है कि इस क्षैत्र में आजादी से ले...

ऐड़ी से चोटी के शिष्टाचार पर सूवासदर की चुप्पी ...?तीरंदाज

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अन्तिम सत्य पर मचा घमासान  व्ही. एस. भुल्ले  7 सितंबर 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  भैया - ये मने कै देख सुन रहा हुॅ कै थारे को मालूम कोणी आज से ठीक 15 बर्ष पूर्व भय , भूख , भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की बात हुई थी । अलीबाबा , बंटाढार से मुक्ति दिलाने बड़ी रैलंम पैल मची थी मगर जब आज ऐड़ी से लेकर चोटी तक में फैलै शिष्टाचार कि रपट क्या आई उस पर सूबेदारो ने अन्तिम सत्य न होने की बात कहकर अपनी झोली ही झाड़ ली और उस पर भी सूबासदर की चुप्पी ने म्हारे जैसै लोगो जमी जमाई चैसर ही बिगाड़ दी , बोल एक बार फिर से पौं बारह । शायद पांशे सही पड़ जाये ।  भैयै - तने तो ऐसे बोल रिया शै जैसै थारे में गंाधार नरेश की रूह समा ली हो और थारे कहै अनुसार बाजी एक बार फिर से थारे सिपहसालारो के ही हाथ आ ली हो कै थारे को मालूम कोणी किसी गली मोहल्ले नगर शहर से नही हमारे ऐतिहासिक लाल किले से शिष्टाचार के नाम व्यवस्था में फैली बिष बैल को समूल जड़ मूल से उखाड़ फैकने की बात हुई है । सुनते है भाई ने एक बार कह दिया मानो खलास ये अमृत महोत्सव है । भारत समृद्ध खुशहाॅल कैसै हो बस एक ही मकसद है । सो मने तो बो...

सटीक संदेश से बन्चित भव्य सभा

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  जोड़ो यात्रा की पूर्व संध्या पर सत्ता के खिलाफ हुकांर  वीरेन्द्र शर्मा  6 सितंबर 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  4 सितंबर को देश की राजधानी नई दिल्ली के रामलीला  मैदान में हुई भव्य सभा से यू बड़ा सटीक संदेश देश की आम आवाव को जा सकता था मगर दुर्भाग्य की ऐसा नही हो सका । और समुची सभा आरोप और सफाई में सिमट गई । उत्सुक देश को उम्मीद थी कि इस सभा से मॅहगांई सहित देश के भबिष्यो को कोई उम्मीद बनेगी । और सत्ता को अपने अप्रिय निर्णयो पर पुनः विचार करने पर बिवस होना पढ़े । जिसके लिये कोई स्पष्ट रोड मैप होगा । संदेश प्रभावी और आत्मसाती होगा । मगर सारा कुछ अपनो के आगे अपनो का शक्ति प्रर्दशन तक सीमित होकर रह गया । जिसे भी भबिष्य में दुर्भाग्यपूर्ण ही करार दिया जाये तो किसी को कोई अतिसंयोक्ति नही होना चाहिए । इससे स्पष्ट है कि आज भी यह दल देश की आम आवाम की नवज समझने में अक्षम असफल ही है । जबकि देखा जाये तो देश को आज बाह सुरक्षा के साथ आन्तरिक सुरक्षा सहित , सृजन युक्त शिक्षा संस्कार और संसाधनो की जरूरत है । देश जरूरत हर क्षैत्र में सहज सहयोग संर्बधन की जो केवल एक स्पष्ट ...