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Showing posts from September, 2018

्स्वार्थवत सत्ताओं का पतन, सबसे बड़ा राष्ट्र धर्म जागरुक नागरिक बना सकते है समृद्ध, खुशहाल, जीवन और राष्ट्र सविनय अवज्ञा ही सार्थक रास्ता

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व्ही.एस.भुल्ले विलेज टाइम्स समाचार सेवा। कहते है किसी भी व्यवस्था में जब लोग राजनीति तथा अपने अधिकार और कत्र्तव्यों से अनभिज्ञ होते है और अपने निहित, छणिक, स्वार्थो के चलते अपने नैसर्गिक अधिकार कत्र्तव्य एवं मूल्य सिद्धान्तों के प्रति जागरुक नहीं रहते, ऐसे समाज, संस्था और लोगों का पतन सुनिश्चित होता है और जीवन कष्टप्रद रह, संघर्षपूर्ण हो जाता हैं। आज जिस तरह से लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वार्थवत सत्ता, संगठन, संस्थाओं के अपवित्र अघोषित गठबंधन के चलते स्वच्छंद जीवन में घुठन, फ्रसटेशन का वातावरण निर्मित हुआ है वह किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है। कहते है सत्य से संघर्ष और सत्य से संग्राम पहाड़ में सिर मारने के अलावा और कुछ नहीं।  जिस तरह से प्रकृति में हवा, पानी के प्रवाह को संपूर्ण रोक पाना असंभव है जो एक संपूर्ण सत्य है। उसी प्रकार किसी विचार, किसी की भावना उसकी आशा-आकांक्षाओं को रोक पाना असंभव है। क्योंकि न तो आज तक कोई सत्य को असत्य साबित कर पाया और न ही पलट पाया और जिसने भी इसे पलटने की असफल कोशिश की उसका आज इस महान भूभाग पर नामों निशान तक नहीं। फिर चाहे वह इत...

सरकुला बांध की स्वीकृति और विधायक की दाल बाटी

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  म.प्र. शिवपुरी। अब जबकि कुछ दिन शेष है चुनाव के उससे पूर्व सरकुला नदी पर 226 करोड़ की सिंचाई योजना की स्वीकृति पर सभी शुभचिन्तक, पत्रकार साथियों को भदैया कुण्ड पर्यटन स्थल पर पोहरी विधायक प्रहलाद भारती ने दाल बाटी की दावत दी। जिसमें बड़ी संख्या में पत्रकार एकत्रित हुए।  इस मौके पर विधायक ने अपने नौ वर्ष की उपलब्धियों को भी गिनाया। जिसमें पचीपुरा सिंचाई, जलावर्धन और सरकुला नदी पर स्वीकृत बांध प्रमुख रही। वहीं उन्होंने 64 कि.मी. लंबी मोहना, पोहरी रोड़ 116 करोड़ का भी उल्लेख किया तथा नौ वर्ष में उनके द्वारा बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, क्षेत्र में कराए गए निर्माण कार्यो की भी चर्चा की। 

संस्कारिक हुई कॉग्रेस, सिंधिया जनसंपर्क कार्यालय पर सर्वधर्म सभा और कन्या भोज

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म.प्र. शिवपुरी। यूं तो पित्र पक्ष का समय है और आज पूर्व केन्द्रीय मंत्री कै. श्रीमंत माधव की पुण्यतिथि। मगर क्षेत्रीय सांसद और म.प्र. चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया के जनसंपर्क कार्यालय पर आज सर्वधर्म सभा के साथ कन्या भोज का भी आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में बच्चें-बच्चियों व बुजुर्गो को भोजन कराया गया। इस मौके पर  कॉग्रेस जिला अध्यक्ष बैजनाथ सिंह यादव सिंधिया जनसंपर्क कार्यालय प्रभारी राजेन्द्र शर्मा सॉशल मीडिया प्रभारी कपिल शर्मा, छत्रपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में कॉग्रेसी मौजूद थे। 

नाथ के साथ शिव का भी आभार: व्ही.एस.भुल्ले मुख्य संयोजक स्वराज

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  वेजुबानों की दर्दुशा व उनके जीवन के अधिकार पर स्वराज के प्रयास पर पहले कॉग्रेस के कमलनाथ द्वारा गांव-गांव गऊशाला बनाने का बयान और अब म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज द्वारा गऊ मंत्रालय बनाने की घोषणा पर स्वराज के मुख्य संयोजक व्ही.एस.भुल्ले द्वारा आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया है। ज्ञात हो कि स्वराज संयोजक द्वारा दिनांक 23 अगस्त व 2 सितम्बर 2018 को प्रकाशित अपने आलेख में बेजुबान, पूज्यनीय गऊ माताओं की दर्दुशा व उनके साथ हो रहे जघन्य अत्याचार, अन्याय पर देश के दल, नेता, सरकारो, संगठनों, दलों का ध्यान आक्रशित किया था। आज जब म.प्र. में मौजूद सरकार व भविष्य में सरकार की सम्भावना देखने वाले दल के नेता द्वारा प्रभावी घोषणायें हुई है कम से कम म.प्र. के लिए यह शुभसंकेत कहे जा सकते है। 

सहज, सरल, संवेदनशील ही नहीं, वह विकास व सेवा के बड़े स्वप्न दृष्टा थे

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  गजब सोच के साथ सपनों को साकार करना उनका स्वभाव ही नहीं उनकी कार्यशैली में सुमार था। सरलता, सहजता, संवेदनशीलता ऐसी कि वे एक बड़े राजवंश के इकलौते उत्तराधिकारी और लोकतंत्र में चमत्कारिक नेतृत्व होने के बावजूद उन्होंने कभी आमो खास में कभी कोई फर्क नहीं समझा। छोटे से छोटे आम व्यक्ति के साथ उनका आत्मीय व्यवहार देखते बनता था। चुनौती पूर्ण लक्ष्यों को लेना जनहित से जुड़े बड़े से बड़े अकल्पनीय सपनों को साकार करना उनके स्वभाव में सुमार था।  आज कै. श्रीमंत माधवराव सिंधिया हमारे बीच भले ही न हो। मगर उनके अविस्मरणीय कार्य और उनकी ऐश्वर्य, गाथा आज हर उस सच्चे नागरिक को सोचने पर मजबूर करती है। वहीं उनकी व्यवहारिक सोच, संवेदनशीलता के वह प्रमाण भी उन्हें याद करने उत्साहित करती है।  यूं तो पत्रकारिता के शुरुआती दौरे और शिवपुरी में जन्म होने के नाते बतौर क्षेत्र के अभिभावक सांसद केन्द्रीय मंत्री होने के नाते श्रीमंत से कई मर्तवा संपर्क वार्तालाब का मौका मिला। एक मर्तवा जब वह बम्बई कोठी रुके तो पत्रकार होने के नाते उनसे जंगल कम होने को लेकर शिकायत थी या सवाल ...

कत्र्तव्य विमुख, माफिया से कराहता लोकतंत्र

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  म.प्र. अवैध उत्खन्न, परिवहन को लेकर जिस तरह से म.प्र. के शिवपुरी जिले में परिवहनकत्र्ताओं कुठाराघात चल रहा है। उससे साफ जाहिर होता है कि खनिज, संपदा पत्थर, रेत गिट्टी, के क्षेत्र में पहले माफिया अब कत्र्तव्य विमुख लोगोंं का माफिया धीरे-धीरे अपनी जड़े जमा रहा है।  अगर चर्चा अपुष्ट सूत्र और प्रताडि़त लोगों की माने तो इस समय लोगों का अवैध उत्खन्न, परिवहन के नाम होने वाली कार्यवाहियों में वाहन मालिकों का बड़े पैमाने पर प्रताडि़त कर शोषण हो रहा है। लाखों रुपया बैंक से लॉन ले, रेत, गिट्टी, पत्थर का परिवहन करने वालों का कहना है कि पहले तो हम खनिज माफियाओं की आपसी अदावत का शिकार हो पिस रहे थे। मगर अब तो कत्र्तव्य विमुख मािफयाओं का राज खनिज परिवहन पर निगाह रखने वाले दलालों की सह पर पनप रहा है।  जिसमें नकली रायल्टी, अवैध खनन और त्रिमासिक रिपोर्ट पर्यावरण की स्वीकृति, पंचायतों को रेत खदान के आदेश निर्देशों को दर किनार कर वाहनों को पकडऩे के बाद एक-एक माह तक नहीं छोड़ा जाता। जिसमें छोटे परिवहन कर्ता तो इस कत्र्तव्य विमुखता के शिकार हो ही रहे है। वहीं बड...

अन्तराष्ट्रीय पर्यटन व राष्ट्रीय सुरक्षा से रेल मंत्रालय का खिलबाड़

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व्ही.एस.भुल्ले, मुख्य संयोजक स्वराज  विलेज टाइम्स समाचार सेवा। म.प्र. लगभग 25 वर्ष पूर्व पूर्ण हो चुके सर्वे पश्वात रेल मंत्रालय को फुरसत नहीं कि अन्तराष्ट्रीय कोष और राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से सबसे अहम प्रस्तावित रेल मार्ग के कार्य को स्वीकृत कर तत्काल शुरु कराया जाये। क्योंकि उसे नहीं लगता कि रेल मंत्रालय को संचालित करने वाले रेल मंत्री की पार्टी को इस रेलमार्ग के बनने से थोकबंद वोट मिलेगें। इसलिए कभी ग्वालियर-श्योपुर नैरोगैज को बड़ी लाइन में बदलने की बात होती है तो कभी बुधनी से जबलपुर को जोडऩे की स्वीकृति राजनैतिक दबाव में दी जाती है। जो कि सबसे अहम प्रस्तावित रेल मार्ग सवाई माधौपुर से झांसी रेल मार्ग से काफी लंबे भी है और खर्चीले भी।  बहरहाल ग्वालियर-श्योपुर और बुधनी, जबलपुर रेल मार्ग भी बने। मगर सबसे पहले 25 वर्ष पूर्व सर्वे हो चुके। झांसी-सवाई माधौपुर रेलमार्ग की स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरु हो। क्योंकि मात्र 250 किलोमीटर लंबे झांसी- सवाई माधौपुर रेलमार्ग बन जाने से पूर्व-पश्चिम की सीमाऐं सीधे जुड़ जायेगीं और सिल्चर से लेकर जैसलमेर तक के सीधे रास्ते खुल जाये...

शिवपुरी मे 64वीं स्टेट शालेय हेन्डवॉल प्रतियोगिता शुरु

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  म.प्र. शिवपुरी।  शिवपुरी जिला मुख्यालय स्थित तात्याटोपे स्टेडियम में आज 64वीं प्रदेश स्तरीय शालेय हेन्डवॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। जिसमें प्रदेश के 11 संभागों में से 10 संभागों 640 खिलाड़ी भाग ले रहे है। यह प्रतियोगिता 2 अक्टूबर तक चलेगी।  ृृ28 सितंबर से शुरु हुई हेन्डवॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ पोहरी विधायक प्रहलाद भारती ने मुख्य अतिथि बतौर किया व कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर शिल्पा गुप्ता ने की। इस मौके पर जिला शिक्षा खेल अधिकारी महेन्द्र सिंह तोमर, वरिष्ठ शिक्षक भगवत शर्मा के अलावा प्रदेशभर के संभागों से आए खेल अधिकारी शिक्षक प्रशिक्षक मौजूद थे। 

5 अंधे कत्ल, 17 डकैती के खुलासे, 200 अवैध हथियार जप्त जल्द और होगें खुलासे

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  म.प्र. शिवपुरी। शिवपुरी जिले में पदस्थी के साथ तबाड़-तोड़ अपराध और अपराधियों पर कार्यवाही को अंजाम दिलाने वाले शिवपुरी पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर का मानना है कि जल्द ही पुलिस कुछ और चर्चित घटनाओं के खुलासे करेगी। साथ ही उन्होंने लोगों से यह भी उपेक्षा की है कि हमारी पुलिस बैसे तो पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही है। मगर संवेदनशील स्थलों पर लोगों को भी सुरक्षा की दृष्टि से ऐतिहात बर्तनी चाहिए।  ज्ञात हो कि विगत दिनों में शिवपुरी पुलिस द्वारा जहां 17 डकैती 5 अंधे कत्लों का खुलासा किया है तो वहीं 200 अवैध हथियारों को भी पकड़ा है तो वहीं 8251 लीटर अवैध शराब सहित ट्राफिक नियमों के तहत 10, 87, 750 रुपये का समझौता शुल्क बसूला गया है। जो शिवपुरी पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रुप में देखा जा सकता है।   कोटवार संघ का मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन म.प्र. शिवपुरी। जिला कोटवार संघ एवं क्षत्रिय खंगार समाज प्रगति मंच के संयुक्त तत्वाधान में जिले भर के कोटवारों द्वारा मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को 17 मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें कोटवार कल्याण आय...

संवाद से समाधान तक संघर्ष जारी रहेगा: श्रद्धा कश्यप महिला भूमि संवाद यात्रा शिवपुरी पहुंची

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा। तिरुवंतपुरम से पलवल तक 12 राज्य से होती हुई 45 दिन में पूर्ण होने वाली महिला जन आंदोलन यात्रा आज शिवपुरी पहुंची। जहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए एकता महिला मंच की संयोजिका श्रद्धा कश्यप ने कहा कि महिला भूमि संवाद यात्रा 16 अगस्त को केरल से शुरू हो 1 अक्टूबर को ग्वालियर मध्यप्रदेश में 50 जिलों की यात्रा पूरी कर समाप्त होगी तथा 2 अक्टूबर को ग्वालियर के जन आंदोलन में शामिल हो जायेगीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों को प्राप्त करने संवाद से समाधान तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर उनके साथ चल रही बहन जैकलीन अन्य प्रदेशों से आए आई महिला प्रतिनिधियों के अलावा एकता परिषद की महिला नेता रज्जो बाई, रामश्री, रामबाई मास्टरनी एवं कई महिलाऐं मौजूद थीं।

आज पूरे देश में रिलीज होगी मलखान सिंह पर बनी फिल्म: अशोक ठाकुर शिवपुरी की जय दुर्गा टॉकीज में चलेगी 6 से 9 के शो में

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  म.प्र. शिवपुरी। होटल सौनचिरैया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दस्यु सम्राट मलखान सिंह दद्दा पर बनी फिल्म का पोस्टर जारी करते हुए लॉयंस क्लब के उप प्रांत पाल एवं एसपीएस स्कूल के संचालक अशोक ठाकुर ने कहा कि 2 वर्ष पूर्व शुरु हुई फिल्म आज देश भर के सिनेमाघरों में दिखाई जायेगी। जो कि दस्यु सम्राट मलखान सिंह दद्दा के जीवन पर आधारित है।  इस मौके पर उनके साथ फिल्म के मुख्य हीरो डायरेक्टर मुकेश आर.के चौकसे और फिल्म की हीरोईन एवं जैन मिलन के क्षेत्रीय अध्यक्ष मुकेश जैन मौजूद थे। 

अंधे तर्क, अराजक, अनंत बहस में दम तोड़ता लोकतंत्र न्याय पर हावी, कत्र्तव्य विमुख तंत्र को दण्ड की दरकार

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व्ही.एस.भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  जिस तरह के उदाहरण न्याय के रुप में आज देश के सामने है और अंधे, तर्को के सहारे जिस तरह की अराजक, अन्नत बहस विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में न्याय, अन्याय को लेकर छिड़ी है। वह किसी भी लोकतंत्र का दम तोडऩे काफी है। अगर हालिया सर्वोच्च न्यायालय के दो महत्वपूर्ण फैसलों की व्यवस्था ले तो वर्षो से लाइन में लग, गांंठ रुपए समय खर्च कर आधार को लेकर दिमागी तनाव विभिन्न सेवाओं से वंचित रहने वालो के पक्ष में यह निर्णय है कि शासकीय योजनाओं व आयकर दाताओं को ही आधार जरुरी है। अब जबकि 125 करोड़ आबादी में से 120 करोड़ आधार बन चुके है। ऐसे में उनका क्या जो ग्रह का पैसा समय, सरदर्द खर्च कर अपना आधार बनवा, आधार के नाम विगत 25 वर्षो से धक्के खा प्रताडि़त हो रहे थे।  दूसरा अहम फैसला प्रमोशन में आरक्षण को लेकर है। जिसमें भी स्पष्ट किया गया है कि सरकारें चाहे तो उन्हें कानून और व्यवस्था बनाने का अधिकार है। मगर यहां यक्ष सवाल यह उठता है कि जब हर सरकार के पास विधि विभाग, मंत्रालय व हर राज्य में माननीय, हाइकोर्ट मौजूद है। फिर विगत 10 वर्षो से उन सेवको...

सेवा के नाम सत्ता, संगठनों का षडय़ंत्र, शर्मनाक

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व्ही.एस.भुल्ले विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  सेवा जनकल्याण के लिए व्यवस्था, राजतंत्र में रही हो या लोकतंत्र में, सत्ता के लिए तो सियासी षडय़ंत्र इतिहास में सुनने, पढऩेे मिल जाते है। मगर सेवा कल्याण के लिए सत्ताओं के षडय़ंत्र, सियासी गलियारों में शायद पहली मर्तवा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में देखने, सुनने मिल रहे है।  ये सही है कि अपने समर्थक, प्रशंसकों के सहारे कुछ लोगों का समूह ही हमेशा से सत्ताओं को संचालित करता रहा है। फिर वह राजतंत्र रहा हो या लोकतंत्र शेष जनता का जीवन तो पीढ़ी दर पीढ़ी सघर्ष ग्रस्त, अभाव ग्रस्त ही बना रहा। अगर इस बीच इनके पास कोई समृद्धि रही, तो उनकी संस्कृति, सांस्कृतिक धरोहर और जीवन की स्वच्छंता, स्वतंत्रता ही रही। फिर सामाजिक व्यवस्था, धर्म, जाति, क्षेत्र, भाषा आधारित सामर्थ समृद्ध रही हो या फिर पंथ, धर्म, जाति निरपेक्ष समृद्ध सामर्थशाली, जो सत्तायें सभा, परिषदें, सेवा कल्याण के नाम सत्ताओं को संचालित करती रहीं उनमें कुछ ने स्वकल्याण को सर्वोच्च मान अपने कत्र्तव्यों का निर्वहन किया, तो कुछ ने जीवन-पर्यन्त सर्व कल्याण के भाव के साथ सत्ताओं का संचालन...

म.प्र. में भाजपा के चाल-चरित्र को लेकर चर्चाऐं सरगर्म मोदी ने किया राजमाता और अटल को याद

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वीरेन्द्र शर्मा  विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  म.प्र. के कार्यकर्ता महाकुंभ में पधारे भारत के प्रधानमंत्री और देश के फायर ब्रांड नेता नरेन्द्र मोदी ने राफेल के बयानी घमासान से इतर जहां दीनदयाल, लोहिया, गांधी में अपनी स्वीकार्यता दर्ज कराई। तो वहीं उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वायपेयी एवं भाजपा की जननी कहीं जाने वाले स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया को याद करते हुए कहा कि राजमाता सिंधिया ने मूल्यों के लिए जेल जाना तो स्वीकार्य किया। मगर कॉग्रेस के आगे झुकना नहीं। ऐसा नहीं कि देश के प्रधानमंत्री ने राजमाता सिंधिया को पहली बार याद किया हो। बल्कि उन्होंने प्रधानमंत्री बनने से पूर्व शिवपुरी के गांधी पार्क में आयोजित सभा में भी राजमाता सिंधिया को याद करते हुए कहा था कि जब वह एक रैली के दौरान शिवपुरी आये थे। तब एक नेता के रुप में कार्यकर्ता के प्रति राजमाता सिंधिया का स्नेह समर्पण, त्याग उन्होंने एक साधारण कार्यकर्ता के रुप में मेहसूस किया था। इतना हीं नहीं, जब अटेर उपचुनाव में म.प्र. के मुख्यमंत्री द्वारा अपने उदबोधन सिंधिया राजवंश का उल्लेख असंमित बोलो में किया गया।...

राफेल डील, भ्रष्टाचार, राष्ट्र के साथ विश्वासघात, षडय़ंत्र : सिंधिया मेरी सरकार में भ्रष्ट व भ्रष्टाचार को बख्शा नहीं जायेगा

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वीरेन्द्र भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  म.प्र. शिवपुरी। म.प्र. की बेमिशाल सरकार और सड़कों को तो आप साढ़े चौदह वर्ष से देख रहे है इसलिए म.प्र. की भाजपा व शिवराज सरकार की अब विदाई का वक्त है। सो वह यात्राओं, मंचों से जनआर्शीवाद के बहाने सेवा कल्याण के नाम कितना ही झूठ और कॉग्रेस पर कितने ही आरोप लगाए। मगर अब म.प्र. की महान जनता भाजपा व शिव सरकार की विदाई का मन बना चुकी है।  राफेल जहाज डील को लेकर नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली रा.ज.ग. सरकार पर आरोप लगाते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री व म.प्र. में कॉग्रेस चुनाव संचालन समिति केे प्रदेश संयोजक ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि राफेल जहाज डील का सच फ्रान्स के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांसुआ के ओलांद के दावे से देश के सामने है। जिसमें कहा गया है कि राफेल डील के लिए भारत ने सिर्फ अनिल अंबानी की कम्पनी, रिलांयस डिफेंस का नाम ही दिया था। जैसा कि बेबसाईट, मीडिया पार्ट ने एक इन्टरव्यू में ओलांद के हवाले से लिखा है। हमारे हाथ में कुछ नहीं था........ भारत सरकार ने इस सर्विस गु्रप के नाम का प्रस्ताव दिया था और डेसो ने (अनिल) अंबानी ग्रु...

वैवस सिंधिया बोले, सुनते नहीं मोदी, शिवराज मगर मैं किसी के साथ अन्याय नहीं होने दूंगा: सिंधिया काला झंडा दिखाने को लेकर कॉग्रेस व सपाक्स समर्थकों के बीच झड़प

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा। वीरेन्द्र भुल्ले  म.प्र. शिवपुरी। गत दिनों से सपाक्स द्वारा म.प्र. भर में नये एससी-एसटी एक्ट के विरोध में चल रहे प्रदर्शन की कड़ी में आज म.प्र. के शिवपुरी जिला मुख्यालय पर भी सपाक्स समर्थकों द्वारा काली पट्टी बांध एवं काले झंडे दिखा विरोध प्रदर्शन किया गया। जिसको लेकर कॉग्रेस व सपाक्स समर्थकों के बीच हल्की-फुल्की झूमा-झटकी भी हुई और सिंधिया ने शहर में प्रवेश करते ही सीधे अपने निवास बम्बई कोठी पहुंच, पहले से काली पट्टी बांध सिंधिया का इंतजार कर रहे सपाक्स के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं से भेंट की और उनके द्वारा दिए गए ज्ञापन को भी लिया।  इस बीच सपाक्स कार्यकर्ताओं के सवालों का जबाव देते हुए सिंधिया ने कहा कि मोदी, शिवराज सुनते ही नहीं, मगर मैं किसी के साथ अन्याय नहीं होने दूंगा।  देखा जाये तो क्षेत्रीय सांसद एवं म.प्र. कॉग्रेस चुनाव संचालन समिति के संयोजक सिंधिया अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार शिवपुरी पहुुंचे। वहीं सपाक्स कार्यकर्ता भी अपनी पूर्व घोषित कार्यक्रम अनुसार भेंट मुलाकात के बावजूद काले झंडे दिखाते दिखे। मगर अहम सवाल पर न त...

सैलीब्रिटि सेवा और सियासत से कराहता लोकतंत्र

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व्ही.एस.भुल्ले विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  विगत वर्षो से विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में जिस तरह से सैलीब्रिटि सेवा और सेवकों प्रभाव बड़ा है उसने बड़े-बड़े सैलीब्रिटि एवं कथा, कहानीकार, फिल्म निर्माता एवं डायरेक्टर, छायाकारों को भी पीछे छोड़ दिया है। जिस तरह स्क्रिप्ट बोलने व कैमरे के सामने कलाकार गंभीर मुद्रा में नजर आते है और डायरेक्टर के इशारों पर कट कहने पर उसी स्क्रिप्ट को नये सिरे से नये अंदाज में दोहराते है। यहीं आलम आज कल सत्ता ही नहीं सियासी गलियारों में खूब बढ़ चढ़कर चल रहा है।  कहते है तंत्र जो भी हो, मगर सत्ता और सियासत की अपनी विश्वसनीयता और पहचान होती है। किसी भी प्रकार की व्यवस्था चलाने उसके निर्धारित कुछ नियम सिद्धान्त व नैतिकता सहित उनके अपने कुछ मूल्य होते है। मगर मूल्य, सिद्धान्त, नैतिकता विहीन होती, इन सत्ता, सियासतों को शायद नहीं पता कि 70 वर्षो तक फिल्में देख अपने हीरों-हीरोईन के प्रशसंक फिर वह मुफलिस हो या गरीब वह सब समझते है कि असल जिन्दगी और फिल्मी कहानियों में क्या अंतर होता है। कैसे कोई हीरो-हीरोईन नवनिर्मित फिल्म की विवादों के सहारे मार्केटिंग...

माले मुफ्त और मजे काटता तंत्र सेवा के नाम, तार-तार जनाकांक्षा अलाली, घपले-घोटाले भ्रष्टाचार, बसूली में डूबा तंत्र

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  लोकायुक्त, आर्थिक अपराध या इनकम टेक्स के छापों में मिलने वाली अकूत दौलत तो मात्र चंद अधिकारी, कर्मचारियों के भ्रष्टाचार की म.प्र. में नजीर भर है। अगर म.प्र. में मौजूद तथाकथित फार्म हाउस, कृषि भूमि, कोठी व पोश कॉलोनियों से आबाद, मल्टी स्टॉरियों से पटे शहर, नगरों की मालिकाना हक की लिस्टों को खंगाल अगर नाम धारियों से उनके आय के साधन पूछ लिये जाये तो लोक सेवा, जनसेवा, जनकल्याण के रिकार्ड टूटना तय है।  जैसी कि कई उदाहरण प्रमाणिक तौर पर लोकायुक्त आयकर, आर्थिक अपराध के छापों में चपरासी, बाबू से लेकर अफसरों तक के मामले म.प्र. में आय से अधिक सम्पति या घपले-घोटाले, रंगे हाथों रिश्वत लेते सामने आये। मगर जिस तरह से म.प्र. में ई-टेंडरिंग के माध्यम से निर्माण या सप्लाई क्षेत्र में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जो जंग शुरु हुई और उसका जो परिणाम रहा कि आज छोटे-मोटे व्यवसायी, सप्लायर, ठेकेदार या तो इस क्षेत्र से खत्म हो गये या फिर बच्चे पालने अधिकारी, कर्मचारी के रहमों करम पर अपने-अपने व्यवसायिक क्षेत्र में जिन्दा है।  रहा सवाल निर्माण क्षेत्र का तो इस क्षेत्र मे...

सेवकों को सड़क पर सबक सिखाता संघर्ष , सत्ताओं के रहते सड़क पर समाज

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  जब-जब व्यवस्था, कल्याण, निर्माण सृजन के नाम न्याय के स्थान पर अन्याय हुआ है। तब-तब संघर्ष ही नहीं, बल्कि उसके गर्भ से संग्राम ही निकला है। एक मर्तवा आजाद भारत में फिर से वहीं दोहराव दिखता नजर आता है जैसा कि आये दिन सड़क पर होते संघर्ष से साबित होता है। आज जिस तरह से सड़कों पर सत्ता, सेवकों के खिलाफ खुला प्रदर्शन चल रहा है वह भी सर्वोच्च न्यायालय की व्यवस्था की विपरीत, नवनिर्मित एससी.एसटी एक्ट को लेकर उससे तो कम से कम यहीं स्पष्ट होता है कि जिस तरह से आज मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक या संगठन, दल, नेताओं के खिलाफ खुला प्रदर्शन चल रहा है यह आजाद भारत के इतिहास में कोई साधारण घटना नहीं।  क्योंकि कारण स्पष्ट है कि न्याय के नाम जिस तरह अन्यायपूर्ण माहौल बना है वह न तो पाने वाले के पक्ष मे है, न अन्याय सहने वालो के पक्ष में। मगर सबसे दुखद बात तो यह है कि यह कार्य लोकतंत्र के उस पवित्र मंदिर में सेवा कल्याण की नीतियां बनाने वाले सेवकों की सहमति ही नहीं उनके सामने हुआ है। जिनकी जबावदेही राष्ट्र के हर नागरिक को सुरक्षित वातावरण दें, उसे सम्र्बधित कर ...

दमन के रास्ते सतत सत्ता पर पकड़ खतरनाक जनाकांक्षा कुचलने सत्ता, संगठनों का षडय़ंत्र, लोकतंत्र को घातक

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा। गत वर्षो से देश ही नहीं समूचे म.प्र. में दमन के खिलाफ होने वाले आंदोलनों को दमनात्मक रुप से कुचलने का खेल यूं तो सत्ता, संगठनों का समय-समय पर चलता रहा है और वह कामयाब भी रहे है। मगर चुनावों के नजदीक आते ही जिस तरह से सत्ता, संगठन से जुड़े सौपानों में जनाकांक्षाओं को कुचलने की आक्रमक प्रवृति पनप रही है वह बड़ी ही खतरनाक है। जैसा कि हाालिया घटना ग्वालियर, सतना, शहडोल, इंदौर में शान्तिपूर्ण आंदोलन कर रहे आंदोलनकारियों पर पुलिसिया लाठी चार्ज के बरबर स्वरुप में सामने आया है। अगर आंदोलनकारियों की मानी जाये तो जिस तरह से पुलिस की आड़ में सत्ताधारी दल के लोग भी जनाकांक्षाओं से जुड़े आंदोलनों को कुचलने में सक्रिय दिख रहे है। वह विचारणीय है। विचारणीय तो यह भी है कि जहां-जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री या केन्द्रीय मंत्रियों के समक्ष प्रदर्शन हो रहे है वहां पुलिस और पार्टी के लोगों पर मारपीट व आंदोलन को उग्र होने के लिए इस तरह की घटनाओं से उकसाने की कोशिश हो रही है। जैसा कि पूर्व में भी हुए आंदोलनों को पुलिस की दम पर कुचलने का आरोप अन्य राजनैतिक दल, कर्मचारी, संगठन व पंच...

वोट के लिए झूठ और सत्ता के लिए षडय़ंत्र धन पिपासूू मीडिया का लोकतंत्र से खिलबाड़ सेवा के नाम, शोषण पर उतारु सक्षम, समर्थ सत्ता, संगठन

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व्ही.एस.भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  सुबह से शाम तक सत्ता के लिए वोट हासिल करने झूठ और सत्ता के लिए षडय़ंत्र की पराकाष्ठा उन धनपिपासू, लालसी मीडिया व प्रचार माध्यम के कुछ सहयोगियों के साथ जो हो रही है। उन षडय़ंत्रकारियों को शायद यह नहीं पता कि ही बसुदेव कुटुम्बकम की महान संस्कृति, संस्कारों वाली सभ्यता से चिरपरिचित इस महान कौम के लोग विश्व के समूचे भूभाग पर कभी सबसे अधिक सफल, सम्पन्न, समृद्ध, खुशहाल और सामर्थशाली थी और आज भी है तथा विश्व में भी रहेगी। मगर तब न तो वह धन पिपासूू मीडिया और प्रचार के माध्यम और सत्ता के षडय़ंत्रकारी इस महान भूभाग के महान लोकतंत्र में न होगें। ऐसी आशा-आकांक्षा की जा सकती है। आज जिस तरह से निहित स्वार्थ, सत्ता लालचियों की वोट कबाड़ू गैंग, गिरोहों में तब्दील संगठन इस महान राष्ट्र इसके राज्य, गांव, गली, गरीब को जिस मुकाम पर ला खड़ा किया है और यह महान लोकतंत्र जिस तबाही बर्बादी के दौर से गुजरने पर मजबूर है वह किसी से छिपा नहीं। जो कौम कभी अपनी महान त्याग, तपस्या बन्धुत्व, दया, सव्र, संयम और सर्वकल्याण के भाव त्याग के नाम जानी थी। आज क्यों वह जरा...

मुख्यमंत्री की मंशा पर मचा घमासान एबीव्हीपी के ज्ञापन, धरना प्रदर्शन पश्चात, कॉग्रेस तथा महिला सशक्तिकरण की महिलाओं का प्रदर्शन और ज्ञापन शिवपुरी में ड्रेस घोटाले को लेकर मचा बवाल

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धर्मेन्द्र गुर्जर विलेज टाइम्स समाचार सेवा। म.प्र. शिवपुरी। गत दिनों से डे्रस खरीदी में घोटाले को लेकर चल रहे सिकवा-शिकायत ज्ञापन, धरना प्रदर्शन का दौर फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा। पहले एबीव्हीपी के छात्रों का ज्ञापन, प्रदर्शन उसके बाद महिला सशक्तिकरण की सैंकड़ों महिलाओं का कलेक्टर को ज्ञापन, लोगों की समझ से परे होता जा रहा है।  मुख्यमंत्री की मंशा अनुसार महिलाओं के स्वसहायता समूहों को मिले कार्य को लेकर फिलहाल विवाद चर्चा में है। आरोप है कि 14 करोड़ से अधिक की राशि की ड्रेसों का वितरण प्राथमिक, माध्यमिक स्कूल के छात्र-छात्राओं को किया जाना है।  ऐसा नहीं कि शिवपुरी डे्रस वितरण, खरीदी का कार्य पहली बार हो रहा हो। इससे पूर्व के वर्षो में भी होता रहा है। मगर तब कोई विवाद नहीं रहा। इस मर्तवा मुख्यमंत्री की मंशा अनुरुप विचौलियों के बजाये महिलाओं को रोजगार की दृष्टि से स्वसहायता समूह की महिलाओं से कराया जा रहा है। सारा बबाल इसी को लेकर चर्चा में दिख रहा है। जैसा कि महिलाओं ने कलेक्टर को शिकायत की उन्हें धमकाया जा रहा है। डे्रस माफिया उन्हें कार्य नहीं करने दे रहा।  ...

चुनाव में काला धन, अक्षम आयोग झूठ, अहंकार, आंकड़ों से नहीं, सृजन से होगा, समृद्ध, खुशहाल राष्ट्र निर्माण बैवस, भोले-भाले, मजबूर लोगों पर संगठन के नाम गिरोह संस्कृति का कड़ा प्रहार

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व्ही.एस.भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  यह इस महान राष्ट्र और लोकतंत्र का कड़वा सच है कि आज भी हमारे बीच या हम 80 फीसदी सस्ते राशन और सुरक्षित रोजगार के मोहताज लोग, उन व्यक्ति, परिवार, दल, संस्था, संगठन, परिवारों की सत्ता उन्मुख उनकी महत्वकांक्षाओं का शिकार है। जो हमारी मजबूरी, भोले-भालेपन व मुफलिसी का लाभ उठा सत्ता, संस्थानों को अपनी जागीर समझते है और लोकतांत्रिक संगठनों के नाम गिरोह बंद तरीकों से नई संस्कृति को जन्म दें, सेवा, विकास, कल्याण के नाम सतत सत्ता सुख भोगते है।  परिणाम कि आज हमारी मजबूर लोकतांत्रिक संस्थायें भी जिनके कंधों पर शसक्त, स्वच्छंद लोकतंत्र की रक्षा का भार है। वह भी अपने आपकों अपने कत्र्तव्य निर्वहन में सक्षम नहीं पाती। अभी हाल ही की बात है कि हमारे मुख्य निर्वाचन आयोग का दर्द चुनावों में काले धन के उपयोग को लेकर जिस तरह सामने आया और सॉशल मीडिया तथा चुनावों में काले धन के इस्तेमाल को रोकने में जिस तरह से उन्होंने अक्षमता व्यक्त की, वह समूचे देश ही नहीं उस आम नागरिक के लिए भी सोचने, समझने वाली बात है। जो टी.व्ही., अखबार या सभाओं में होने वाल...

समस्याओं के बीच सार्थक सुझाव प्रायवेट स्कूल ऐसोसिशन के महा सम्मेलन में बोले वक्ता

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  म.प्र. शिवपुरी। शिवपुरी स्थित मैरिज गार्डन में आयोजित प्रायवेट स्कूल ऐसोसियशन के महा सम्मेलन में ग्वालियर-चम्बल संभाग से आये एसोसियशन के पदाधिकारी स्कूल संचालकों ने अपनी-अपनी समस्याओं से प्रदेश के संयोजक श्री गुर्जर व संभाग अध्यक्ष दीक्षित को अवगत कराया। वहीं शिवपुरी जिले के अध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने एसोसिशन की गतिविधि व समय-समय पर प्राप्त होने वाली समस्याओं से उपस्थित पदाधिकारी एवं स्कूल संचालकों को अवगत कराया। वहीं शिवपुरी ब्लॉक के अध्यक्ष धीरज शर्मा ने सम्मेलन में बोले वक्ताओं से निकले मुख्य बिन्दुओं पर प्रकाश डाला। मैरिज गार्डन में आयोजित प्रायवेट स्कूल एसोसियशन महा सम्मेलन में माध्यमिक शिक्षा मंडल सीबीएसी स्कूल के संभाग भर से आए संचालकों ने भाग लिया।  वहीं संभाग भर से आए ब्लॉक अध्यक्षों ने जहां स्कूलों की मान्यता, आरटीई स्कूलों में अनुशासन प्रायवेट कोचिंग टियूशन तथा 10 वर्ष की स्थाई मान्यता जैसे मुद्दे रखें, तो कुछ ने संगठन को और मजबूत बनाये जाने की बात रखी। जिससे शासन स्तर पर समस्याओं को शासन के सामने प्रभावी ढंग से रखा जा सके। कार्यक्र...

बैरियरों पर फिर पठानी बसूली शुरु, सिकन्दर पर कटा बवाल मारपीट के साथ हवाई फायरिंग

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा। अगर अपुष्ट सूत्रों की माने तो आरटीओ बैरियों पर कटरों के माध्यम से होने वाली वैध-अवैध बसूली यूं तो किसी से छिपी नहीं। जिसके चलते सरकार ने पूर्व में इन्हें बंद किया गया था। मगर म.प्र. सरकार की माली हालत के मद्देनजर इन्हें हाल ही में पुन: शुरु किया गया है।  अभी बैरियर शुरु हुए 2 दिन भी नहीं हुए कि पूर्व में करोड़ों का राजस्व और करोड़ों की कटर बसूलने वाले म.प्र., उ.प्र. की सीमा पर बने सिकन्दर बैरियर पर बसूली को लेकर बवाल कट गया। इसी बीच मारपीट ही नहीं, जमकर हवाई फायरिंग भी हुई और पुलिस को मय हथियार हस्तक्षेप करना पड़ा। जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ कायमी भी हुई है। सूत्रों की माने तो पूर्व कटर रही पार्टी द्वारा वर्तमान हस्तक्षेप करने वाली पार्टी के साथ मारपीट कर अपहरण का प्रयास किया गया। जिसे पुलिस ने असफल कर अपहत को छुड़ा लिया गया।  मगर यहां यक्ष सवाल यह है कि सरकार को आखिर बंद बैरियरों को आनन-फानन में शुरु करने की क्या आन पड़ी है। अगर म.प्र. के सामने आर्थिक परेशानी थी तो उसे अन्य नीति के तहत दुरुस्त किया जा सकता या पर्याप्त स्टाफ तैनात कर राजस्व जु...

50 वर्ष तक सत्ता म्हारी होगी.............तीरंदाज ? गांव, गली, गरीब तो गिया शै

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व्ही.एस.भुल्ले भैया- कान खोल के सुनले, गर म्हारा दल 2019 जीता तो 50 वर्ष तक म्हारी सरकार होगी। क्योंकि म्हारा आलाकमान बोल्या कि 2019 भी हम ही जीतेगें और अगले 50 वर्ष तक भी म्हारी सरकार होगी। तो क्या भाया यह म्हारे आलाकमान का अहंकार है। जो भाई लोग इसे म्हारे आलाकमान का अहंकार साबित करने पर तुले है। भाया कै वाक्य में ही गांव, गली, गरीब अब म्हारे लोकतंत्र से ढईया बाहर हो लिया। जिसे सत्ता, समृद्धि, सुख सिर्फ अब सपना बनकर रह जायेगा।  अगर लोकतंत्र में वोट की ताकत निर्णायक है तो म्हारी संख्या, सस्ते राशन के मोहताज वालो की, तो 80 करोड़ के पार है। अल्प रक्त की शिकार माता-बहिनों की संख्या भी 50 फीसदी से अधिक है और आने वाली पीढ़ी भी बड़ी तादाद में वर्तमान हालातों के चलते कुपोषित रहने वाली है, तो क्या ऐसे में भी हम गांव, गली, गरीब को सत्ता नहीं मिलने वाली।   भैये- तने तो बावला शै, कै थारे को मालूम कोणी, अभी तो 2019 की जीत के लिए रिर्हसल भर चल रहा है। कहीं धर्म, जाति, क्षेत्र तो कहीं हाथों हाथ बटौना बांट कई दल और गिरोहों का वोट पक्का हो रहा है।  भैया- मगर थारे वृतान्त में म...

तात तुम तो प्रतिज्ञा बस सिंहासन से बंधे थे......... मगर लोकतंत्र के मंदिर में उन मूड़धन्यों को क्या हुआ जो काले कानून पर चुप रहे और सिंहासन के लिए भाई से भाई को लड़ाने वाला कानून ले आए

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व्ही.एस.भुल्ले विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  अगर हमने हमारे महाकाव्य, महान ग्रंथ गीता से सबक लिया होता, तो आज भगवान राम, कृष्ण के इस महान भूभाग पर उन महान वंशजों की सन्तानों के बीच एक मर्तवा सिंहासन के लिए महाभारत जैसा नजारा न बना होता। उस समय तो स्वयं भगवान कृष्ण इस पवित्र भूमि पर मौजूद और उस महाभारत के साक्षी थे तथा प्रतिज्ञा बस सिंहासन से बंधे भीष्मपितामह सहित आचार्य द्रोणाचार्य,विद्धुर जैसे विद्ववान उस सभा में मौजूद थे। मगर पुत्र मोह से बंधे एक पिता ने राष्ट्र के राजधर्म का पालन न करते हुए सत्य को भरी सभा में अपमानित होने दिया और न्याय को निहित स्वार्थ अहम,अहंकार के चलते लज्जित होना पड़ा। जिसकी रक्षा के लिए स्वयं प्रभु कृष्ण को पहल करनी पड़ी।  आज एक मर्तवा फिर से हमारे महान लोकतंत्र के मंदिर में, न्याय, सिंहासन के संघर्ष में, फिर से लज्जित हो, वह स्वाभिमान, मान-सम्मान, अपमानित हुआ है। जिसका परिणाम कि संघर्ष गांंव-गली से शुरु होकर व्यक्ति, परिवार, समाज ही नहीं, नगर, शहरों तक आ पहुंचा है।  जिस समय लोकतंत्र के मंदिर में सत्ता के सिंहासन के लिए काले कानून की पटकथा लिख ...

महान संस्कृति को कलंकित करता, संघर्ष का सैलाब: व्ही.एस.भुल्ले मुख्य संयोजक स्वराज संघर्ष के रास्ते नहीं होगा, कुछ हासिल, सत्ताओं को निहित स्वार्थ त्याग स्थापित करना होगा मान-सम्मान और स्वाभिमान

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा।  आजकल अधिकार या विरोध को लेकर जिस तरह का दिशाहीन सुनियोजित षडय़ंत्रों से ओत-प्रेात जनसैलाब गांव, गली, मौहल्ला, नगर, शहर की सड़कों पर दिखता है। उसके लिए स्पष्ट तौर पर वह स्वार्थी शासक और सत्तायें है। जो अपने निहित स्वार्थो के आगे उस महान संस्कृति, सभ्यता, संस्कारों को दरकिनार कर अपने अनुकूल लोकतंत्र में जन समर्थन चाहती है और ऐन-केन प्राकरेण सत्ता में बने रह, सत्ता सुख उठाना चाहती है।  समय-समय पर नेतृत्व आभाव और राष्ट्रीय भावना के कमजोर होते ही जिस तरह से भारत विरोधी ताकतों ने सत्ता समृद्धि के अंधे लोगों की अर्कमण्यता अदूरदर्शता और उनकी अपरिपवक्ता का लाभ उठा। जो जड़े विगत वर्षो में इस राष्ट्र में जमाई है जिनका पौधा रोपण डेढ़ सौ वर्ष पूर्व ही हो चुका था। मगर उसके फल प्रतिफल के रुप में आज सड़कों पर देखने मिल रहे है। भाई-भाई से पड़ोसी-पड़ोसी और एक समाज दूसरे समाज से वेवजह बगैर किसी सोच के लडऩे तैयार दिखते है। जिसके पीछे वह निहित स्वार्थी सोच और वह सत्ता धन पिपासा स्पष्ट तौर पर नजर आती है। जिसके पीछे अन्य ऐश्वर्य धन पिपासूूओं की जमात आम भोले-भाले लोगों क...

विनाश की ओर बढ़ती महान संस्कृति, वेजुबानों के कत्लेआम पर कुतर्क महापाप: व्ही.एस.भुल्ले मुख्य संयोजक स्वराज

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा। सवा सौ करोड़ को 100 वर्ष तक जिन्दा रहने का अधिकार इस महान भूभाग पर है, तो इन सवा सौ करोड़ के वंशजों को पालने वाले वेजुबानों के कुछ करोड़ वंश को 10-20 वर्ष भी जिन्दा रहने का अधिकार क्यों नहीं ? जो लोग भगवत गीता या भगवान कृष्ण में आस्था विश्वास नहीं रखते, जिनके लिए स्वयं का जीवन और स्वार्थ सहित कुतर्क ही धर्म है। ऐसे लोगों से बैसे भी न तो कोई शिकायत है, न ही कोई सवाल। मगर जो लोग अपनी महान विरासत में विश्वास और पूर्वजों का सम्मान करते है या जिनका इंसानियत में कोई विश्वास है तो उनसे यह सवाल अवश्य है कि जिस महान भूभाग के वंशजों को अपने हक का दूध अपने त्याग की पराकाष्ठा कर जिन वेजुबानों ने बोलना, समझना और संस्कार सीखना, सिखाया तथा त्याग-तपस्या की मिशाल प्रस्तुत कर प्रभु कृष्ण का संरक्षण व स्वयं के वंश को गौरान्वित कराया। यहां तक कि अपने खुरों से उड़ती धूल और गोबर के उपयोग को पूजा के योग्य ठहराया। जिसके चलते भगवान कृष्ण को कहीं गोंविदा, ग्वाल तो कहीं गोपाल के नाम से पुकारा गया। ऐसे वंश के लिए उसी महान भूभाग पर जहां सवा सौ करोड़ से अधिक लोगों को अपनी जीवन रक्षा जी...