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Showing posts from March, 2022

लोकसूचना अधिकारी के खिलाफ सूचना आयोग ने जारी किया गिरफतारी बांरट

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सवा लाख के जुर्माने का भी नोटिस  वीरेन्द्र भुल्ले  30 माार्च 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  म.प्र. - म.प्र. के सूचना आयोग ने 38 समन और सवा लाख के जुर्माने का नोटिस जारी होने के बाद भी राज्य सूचना आयोग के समक्ष पेश न होने बाली लोक सूचना अधिकारी सुरभि दुबे के खिलाफ गिरफतारी वांरट जारी किया है । साथ ही रीवा के पुलिस महानिरीक्षक को निर्देशित किया है कि वे दुबे को गिरफतार करें । अगर वह 21 अप्रेल तक आयोग के समक्ष पेश होने का आश्वासन देती है तो उन्है पांॅच हजार के मुचलके पर छोड़ा जा सकता है । मगर इससे इतर म.प्र. के ही शिवपुरी जिले में देखे तो जो आवेदक आयोग नही पहुॅच पाते उनके आवेदन केवल इस आधार पर कार्यालयो की धूल खा रहे है कि उनका पता पोस्टमेन को नही मिला । और इसी आधार पर आवेदक को सूचना से बंचित कर दिया जाता है । लगभग अधिकांश कार्यालयो के रिकार्ड खगाले जाये तो ऐसे कई आवेदन मिल जायेगे जिन्है पोस्टमेन की टीप के आधार पर नस्तीबंद कर निराकारण किया गया है जिनमे प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क , पी डब्लू डी , ग्रामीण यांत्रिकी सेवा , पी आई यू , नगर पालिका , आबकारी के अलाबा ऐसे कई विभाग...

बैबस जीवन , बिलखती मानवता समृद्ध , श्रेष्ठ जीवन को कलंकित करता , सामथ्र्य पुरूषार्थ

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सत्ता , सतत सत्ता , स्वार्थवत सियासत में स्वाहः होते संस्कार  समृद्ध समाज , संस्कृति हुई कंगाल  व्ही.एस. भुल्ले  29 मार्च 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा  खाद्य सुरक्षा स्कीम आजाद भारत मे आम गरीबी का वह पुख्ता प्रमाण है । जो एक समृद्ध समाज , संस्कृति , भूभाग और आजादी से पूर्व डाॅलर के मुकाबले रूपये का मूल्य रखने बाली अर्थव्यवस्था को कलंकित करता है । ऐसे मे बिलखती मानवता बैबस जीवन भले ही बैलगाम हो मगर सत्ता , सतत सत्ता , और स्वार्थवत सियासत का नंगा नाच कंगाल होती समृद्ध संस्कृति समाज को समझने काॅफी है । श्रेष्ठ संस्कृति संस्कार को कलंकित करता सामथ्र्य पुरूषार्थ आखिर कौनसा इतिहास रचना चाहता है यह चर्चा का विषय हो सकता है मगर यकीनन वह समाधान नही हो सकता ऐसे आवश्यक है कि मानव जीवन के रूप मे प्राप्त जीवन की श्रेष्ठतम कृति कुछ करे और जीवन की सिद्धता सिद्ध करे । जो हमारे पूर्वज हजारो बर्षो कि जीवन यात्रा मे सिद्ध करते रहै है । कहते है कि सत्ता और सतत सत्ता अच्छे अच्छे को पागल करती रही है जिन्है सत्ता मद में मानव जीवन के रूप मे यह भान ही शेष नही रह जाता कि उसका अस्तित्व मानव ज...

संस्कारिक सत्ता की लज्जित अनैतिक आस्था

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शहीद समर्पित मानव संसाधन ,सेवा, प्रतिभा का अपमान  विश्वास तोड़ती बैरहम व्यवस्था  अपनो के घात से संघर्ष करते कोरोना योद्धा  व्ही.एस. भुल्ले  29 मार्च 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  म.प्र. - गत बर्ष अपनी व अपने परिवार की जान जोखिम में डाल लोगो की जान बचाने उन्है उपचार मुहैया कराने बाले कोरोना से सीधे दो दो हाथ करने बालो ने कभी सपने में भी न सोचा होगा कि एक दिन उन्है अपनो के ही घात पर घात झेल सम्मानित होने के बजाये बार बार लज्जित अपमानित होना पड़ेगा और एक दिन सरेयाम विश्वास तोड़ती उस व्यवस्था तथा लज्जित अनैतिक आस्था रखने बाले संस्कारो से जूझना होगा जो शहिद समर्पित मानव संसाधन , सेवा , प्रतिभा को अपने तुगलकी आदेश निर्देशो से हर दो तीन महिने मे खुलेयाम लज्जित अपमानित करे । हम यहां उन कोरोना योद्धाओ की बात कर रहै है जिन्होने मरती मानवता और कलंकित कृतज्ञता के बीच रोते बिलखते सड़को पर तड़फ तड़फ कर दम तोड़ते लोगो की बगैर पर्याप्त सुरक्षा संसाधनो के उन्है ढाढस बधाया उनकी दिन रात सेवा कर उनकी जान बचाई और अपने व अपने परिवार की जान की परवाह न करते हुये उच्चतम मानव मूल्यो ,से...

कमाई को लेकर शासन , शराब माफिया आमने सामने

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  शासन का अरबो रूपये का राजस्व दांव पर  4 दिन का समय शेष , आधे अधिक दुकानो को उठने का इन्तजार  नई शराब नीति और शराब ठेकेदारो को उठे सबाल  वीरेन्द्र भुल्ले  28 मार्च 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  राजस्व को लेकर शराब बन्दी पर आनाकानी करने बाली सरकार का संकट अब दिन व दिन बढ़ता ही जा रहा है नये बर्ष के शराब ठेको को अब 4 दिन शेष बचे है जबकि आधे से अधिक शराब दुकाने उठने के इन्तजार मे है । ऐसे अब लगता है कमाई को लेकर शराब माफिया और शासन आमने सामने नजर आते है । कारण शासन पर गलत शराब नीति का आरोप तो वही शराब ठेकेदारो को अपनी डूबती लागत खतरा अगर जानकारो की माने तो शराब ठेकेदार के सामने सबसे बढ़ा सबाल तो शराब बैचने की कीमत को लेकर है जिसमे शासन द्वारा दर र्निधारित कर रखी है । तो वही जो निर्णय देशी अंगे्रजी को एक ही दुकान से बैचने को लेकर है तो वही तीसरा प्रमुख कारण दुकानो के ग्रुप बनाते समय असाबधानी रही तो एकल प्रथा खत्म कर विभिन्न ग्रुपो मे बाट देना रहा जिससे ठेकेदारो का मानना है कि जब सस्ती या छोटी देशी शराब दुकानो से अगे्रजी शराब बिचेगी तो जो दुकाने अंग्रेजी ...

फोई से रस का चिंतन

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बड़े उद्योग का आकार लेता लोकतंत्र  लोकाचार से लेकर सामाजिक सरोकारो पर बड़े निवेश की संभावना  कर्ज के निवेश से आयेगी खुशहाॅली , सिद्ध होगा समृद्ध जीवन  व्ही. एस. भुल्ले  28 मार्च 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  म.प्र. - भूगोलिक दृष्टि से समृद्ध भूभाग पर पूरे लावोलश्कर के साथ निजाम के चितंन मनन को भले ही दो दिन पूरे हो गये हो और भाई लोगो को अमृत की बूॅदो का एहसास होने लगा हो मगर पुरानी मान्यता है कि बूॅद बूॅद से ही घड़ा भरता है सो अगर सियासी जानकारो की माने तो अमृत घड़ा बैसै भी बिगत कुछ दशको से पूरा भर छलक रहा था तो कभी अमृत पिण्ड बन समुचे प्रदेश के ब्रम्हांण्ड में भ्रमण कर रहा था जिसकी बारिस से इस समृद्ध भूभाग पर समृद्ध सृजन के साथ खुशहाॅली की व्यार हर मौसम में आम जीवन को प्रफुल्लित करती रही मगर हालिया जो फोई से रस निकालने के फारमूले पर सियासी चिंतन हवा में है इससे किसी बड़े निवेश से बड़े उद्योग की संभावना प्रबल दिखाई पढ़ती है मगर बिघन संतोषी है कि लाखो के कर्ज में डूबे प्रदेश मे कर्ज के निवेश पर जुगाली जो विशुद्ध रूप से लोकाचार , सामाजिक सरोकारो से जुड़े क्षैत्रो ...

अंधी चाहतो का बैबस अंदाज , दफन होता वैखोफ आगाज

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कंगाल तकनीकी संस्कृति में कपकपाये सरोकार  व्ही. एस. भुल्ले  20 मार्च 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा  यू तो अन्तरमुखी आनन्दक संस्कृति संस्कारो मे स्व पुरूषार्थ के चलते सर्बकल्याण भले ही अनाथ हो मगर जिस तरह से अंधी चाहत मे वह बैखोफ आगाज दफन होने के कागार पर जा पहुॅचा है जो समृद्ध खुशहाॅल जीवन के लिये वरदान हुआ करता था आज उसका बर्तमान वैहद ही बड़ा दर्दनाक है । जिसमें कंगाल तकनीक संस्कृति के आगे कपकपाते जीवन सरोकार भले ही निशब्द हो मगर उनका दर्द भी कम नही जो न तो अब व्यक्त होने की स्थति में है न ही अहसास कराने  कि स्थति में अब इसे बिडम्बना ही कहा जायेगा उस समृद्ध जीवन के लिये जिसे जन्म से ही नैसर्गिक स्वभाव अनुसार बैखोफ अन्दाज मे जीवन जीने का अंदाज और संस्कार मिला होता है और जीवन का अनुशासन उसका अमूल्य आभूषण होता है । मगर जितना छरण मानव जीवन जीने के अंदाज मे हुआ है देख कर लगता है कि उसने शेष जीव जगत को अपने आचरण व्यवहार से काफी पीछे छोड़ दिया है । आज समृद्ध जीवन के आगे जितने भी कंटक संकट है लगता है उसके पीछे छिन्न भिन्न हो चुकी वह समृद्ध मानव सभ्यता का स्थान ले चुका वह स्व ...

जीवन को कलंकित करती , जीवन की श्रेष्ठतम कृति ......?

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  होली खेले तो अइयो मेरे गांब रे , व्ही.एस. भुल्ले  19 मार्च 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा  भैया - होली का तोय मजा चखा दे याद करे मैहतारी ,कान खोल के सुन दारी के , अइओ अइओ मतवारी के , लग जाये दाग रे , होली खेले तो अइयो मेरे गाॅब रे । कितना सुन्दर भाव जीवन के बीच हुआ करता था । बड़े सृजन संदेश के साथ समृद्ध जीवन की सिद्धता सिद्ध करने मनाये जाने बाला पवित्र होली का त्यौहार आज भी इस महान भूभाग पर हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है । जहां जीवन समस्त गिले सिकबे भूल उस समृद्ध जीवन की श्रेष्ठता सिद्ध करते है जिसके लिये वह मानव जीवन के रूप मे जीवन में होते है । मगर मने कै करू मानव जीवन की त्राषदी के बीच उड़ते अबीब गुलाल का उत्सव मनाउ या मानव , समृद्ध मानवीय संस्कृति पर मातम मनाउ । म्हारा यह महान भूभाग ऐसे ही समृद्ध खुशहाॅल नही था असल मे म्हारी संस्कृति संस्कार समृद्ध थे और हम खुशहाॅल जिनकी छत्रछाया संरक्षण मे म्हारी कई पीढ़िया खूब फलीफूली ऐतिहासिक उत्सव मनाये जिन्होने हर छड़ हर समय समृद्ध जीवन और समृद्धि के सार्थक संदेश समुची दुनिया मे जीवनो को दिये इसका लाभ सिर्फ और सिर्फ मानव जीवन ही न...

प्रतिभा को मिली पहचान , हौसलो ने भरी उड़ान

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  भोपाल में मंजुला , श्रेया की प्रदर्शनी स्पंदन ने मचायी कला जगत में धूम  शून्य की अवधारणा के संबल से बल मिला रंगो को  वीरेन्द्र भुल्ले  17 मार्च 2022 विलज टाइम्स समाचार सेवा  म.प्र. ग्वालियर - गत दिनो भोपाल के स्वराज भवन के कला वीथिका मे भारतीय देवी , देवताओ , प्रकृति की खूबियो और मात्रशक्ति में छिपी शक्तियो को समेटे बेहद खूब सूरत पेन्टिग चित्रो की प्रदर्शनी स्पंदन का आयोजन हुआ । दो दिवसीय इस आयोजन लगी प्रदर्शनी को देखने बालो ने प्रदर्शनी मे लगे पेन्टिग डिजिटल चित्रो को खूब सराहा इस प्रदर्शनी की खास बात यह रही की इसमें दो कलाकारो की दो विद्या की कला कृतिया का प्रदर्शन किया गया । यू तो दोनो ही कलाकार रिश्ते में माॅं बेटी है मगर प्रदर्शनी मे प्रदर्शित कला कृतियो ने खूब धूम मचाई । पारंपरिक चित्रकला मे महारत हासिल मंजुला प्रभांशु कमल तथा डिजिटल आर्ट में महारत हासिल श्रेया उनकी बेटी है । यू तो मंजुला के पास बगैर किसी कला शिक्षा के प्रतिभा अनुरूप 12 बर्ष की चित्रकारी का  अपना अनुभव है तो श्रेया ने डिजिटल कला मे शिक्षा हासिल की है जो री क्रिएटिंग मूवमेंट काॅन्सेप...

क्या म.प्र. में भी सियासी क्षत्रपो से मुक्ति माध्यम बनेेगी झाड़ू

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पंजाब की जीत को लेकर म.प्र. में सियासी पारा गर्म  सिद्ध सियासी जानकारो का मशवरा पढ़ सकता है भारी  हताश निराश लोगो को बंधी उम्मीद की किरण  व्ही.एस. भुल्ले  12 मार्च 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा  पंजाब के चुनाव परिणाम पर हर एक सियासी जानकार के अपने अपने मत है मगर सबसे अहम मत एक ऐसे सियासी सिद्ध जानकार के मुख से आयी है अब पंजाब में आप के क्लीन स्वीप पर उन्होने ऐसा क्यो कहा यह तो जाने माने संगठन के पूर्व संगठन मंत्री और एक राज्य पूर्व राज्यपाल ही जाने मगर उनके मशविरे मे दम है । क्योकि म.प्र. की सियासत विगत तीन चार दशक से जिस क्षत्रप राज से जूझ रही है वह किसी छिपा नही फिर दल , पार्टिया जो भी हो वह क्षत्रप संस्कृति से अछूती रही है तो यह कहना सफेद झूठ होगा । लगभग लगभग कई दलो मे गुट तो अब गैग गिरोह संस्कृति के चर्चे आम होते है । इसके अलाबा भाई भतीजा पिता पुत्र को सियासत सम्हालने की चर्चाये भी कुछ कम नही रही अन्ततो गतवः 21सबी सदी मे तो अब सियासत या सेवा कल्याण की सियासत में भाग लेने बालो का माने रास्ता ही बन्द हो चुका है फिर सूचना क्रान्ति और छबि चमकाउ कम्पनीयो के आने बा...

न मुददे न मैजिक तो फिर क्या ?

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अब सियासी आकलन जो भी हो फिलहाॅल तो सूपड़ा साफ  सियासी समझ, संसाधन , स्वाभिमान और सूचना बनी तारनहार   केनवास के अभाव में आकृति तलासता कल्याण  व्ही. एस. भुल्ले  11 मार्च 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा   केनवास के अभाव में आकृति तलासता सेवा , कल्याण स्वयं सिद्धता का नाम जो भी दे या उसे जो भी नाम मिले मगर सत्य यह है कि हालिया हुये 5 राज्यो के चुनावो में न तो कोई मैजिक चला न ही मुददे परबान चढ़े सिर्फ और सिर्फ सियासी समझ , संसाधन , स्वाभिमान और सूचना का पुख्ता काम रहा और शेष का सूपड़ा साफ हो लिया । अब इस हार जीत का आकलन होगा तथ्य तलासे जायेगा मगर कारण क्या रहै यह तो सिर्फ समय ही बता पायेगा । क्योकि कहावत है कि विधि के विधान को कोई नही पलट सकता । जैसा कि हमारे महान पवित्र ग्रन्थो से भी सिद्ध है । कहा गया है कि में चाहता किसी ओर को था , मुझे चाहता कोई ओर था , और हो मे किसी और का लिया। अर्थात मानव जीवन का यह वह कटु सत्य है जिसे स्वयं विद्याता भी नही बदल सके । हालाकि प्रमाणिक तथ्य यह है कि 4 राज्यो मे सत्ता की पुनः बापसी हुई है तो 1 राज्य पंजाब में ऐसा क्लीन स्वीप ह...

लोकतंत्र की खामी खूबी को लेकर कई सबाल

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5 राज्यो के परिणाम क्या नई सियासत का भारत में सूत्रपात ? आप और भा.जा.पा. की जीत के मायने स्पष्ट  विधि का विधान और सन्तुलन ही श्रेष्ठ  व्ही.एस. भुल्ले  11 मार्च 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा  निश्चित ही यूक्रेन रसिया के बीच छिड़े भीषण युद्ध के बीच आये  5 राज्यो के चुनाव परिणाम कुछ सियासी दलो को सुखद और दुखद हो सकते है मगर जिस तरह से विधि के विधान और सन्तुलन के सिद्धान्त ने अपनी श्रेष्ठता इस 21बी सदी मे भी सिद्ध की है । अब इसे एक मर्तवा फिर से ज्ञानियो द्वारा अध्यात्म करार दिया जा सकता है । कुछ चिन्ता भले ही सियासी ज्ञानियो पर देश प्रधानमंत्री ने भी जीत के जश्न के बीच मंच से व्यक्त भी की हो मगर असल चिंता तो आज भी लोकतंत्र की खामी खूबी को लेकर ही है और जिस तरह से भारतीय सियासत मे नये नये सियासी सूत्रपात हो रहै है वह सुखद भी हो सकते है दुखद भी मगर जीत के मायने बिल्कुल स्पष्ट है जिन्है न तो नकारा जा सकता है न ही अस्वीकारा जा सकता है । भले ही भा.ज.पा. ने चार राज्यो मे अपनी परफाॅरमेंस दौहराते हुये यह सिद्ध कर दिया हो कि उसकी लोकप्रियता के आगे न पीछे कोई नही मगर की आप के...

अबैध शराब पर आलोक कुमार का हल्ला बोल

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एक आर्टिका सहित साढ़े सात लाख रूपये की शराब जप्त  मार्च 2022 म.प्र. के श्योपुर जिले में हाल ही पदस्त पुलिस अधीक्षक अलोक कुमार ने अबैध शराब माफियाओ के खिलाफ हल्ला बोल दिया है आते ही उन्होने मातहतो ताकीत किया है कि नशे के खिलाफ कोइ्र्र कोताही न बर्ती जाये परिणाम कि हालिया खबर यह है कि मुखबिर की सूचना पर एक कार से लगभग साढ़े सात लाख रूपये कीमत की शराब की 150 पैटी श्योपुर पुलिस ने पकड़ी है । तथा अबैध शराब पकड़ने बाली टीम को पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरूषकृत भी किया गया है पकड़े गये तीन आरोपियो से शराब के साथ एक आर्टिका कार भी बरातद की गई है । 

हट , अहंकार विनाश की जड़

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निष्ठ जीवन का अन्त मानवता सभ्यता पर कलंक   श्रेष्ठ जनो की चुप्पी समृद्ध खुशहाॅल जीवन की बड़ी बाधा  व्ही.एस. भुल्ले  5 मार्च 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा  समृद्ध विरासत का संज्ञान संस्कार भले ही उस महान संस्कृति के उत्तराधिकारियो मे शेष न रहै हो मगर जिस वातावरण को हम दिशाओ के माध्यम से क्रूर , निर्दयी , क्रोधी , सहिष्णु , शान्त , सर्बकल्याणकारी , समृद्ध के रूप में जानते है । वहां भी लोग हट , अहंकार से कोसो दूर सिर्फ इसलिये रहते है कभी अपने उपर हावी नही होने देते जिससे उनकी समृद्धि खुशहाॅली और जीवन सृजन का मार्ग समृद्ध बना रहै । मगर दुर्भाग्य शाली है आज वह जीवन जो इतिहास या स्वयं की विरासत से सीख लेने के बजाये स्वयं को विनाश में झोकने तैयार बने रहते है । ऐसे लोगो के लिये न तो जीवन सृजन संवाद , श्रेष्ठ संस्कारो का कोई महत्व होता है न ही उन्है ऐसी कोई संस्कृति से बास्ता जिससे जीवन श्रेष्ठ समृद्ध बनता है । अगर आज हम सबसे श्रेष्ठत्तम उन ग्रन्थो या इतिहास पर संज्ञान ले तो पायेगे कि तब भी हट , अहंकार ने न जाने कितने श्रेष्ठ जन , शूरवीरो को असमय ही काल के गाल में पहुॅचाय...

न्याय का अभाव , दण्डविधान की अवेहलना दुर्दशा का मूल

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खण्ड खण्ड होता समृद्ध जीवन , बिलबिलाती मानवता  स्व स्वार्थ के संकट से जूझता सृजन  व्ही. एस. भुल्ले  1 मार्च 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा  वैज्ञानिक आधार को समृद्ध जीवन का अस्तित्व समझने बालो को आज भी जीवन के मूल आधारो का कोइ्र्र मूल्य न हो मगर सच यही है । की स्वस्वार्थ में डूबी आशा आकांक्षाये समृद्ध सृजन का मूल होने के बाबजूद संकटो से जूझने बैबस मजबूर है । बिलबिलाती मानवता भले ही न्याय के अभाव और दण्डविधान की अवेहलना को अपना संस्कार मान समृद्धी की खोज मे जुटी हो मगर स्वः होते समृद्ध जीवन को कंटक संकटो के अलावा कुछ हासिल नही हो पा रहा है । जिसे आज के समृद्ध जीवन का दुर्भाग्य ही कहा जा सकता है । कारण जिस तरह से स्वस्वार्थो के लिये न्याय का अभाव और दण्डविधान की अवेहलना हुई है और आज भी गाहै बगाहै जारी है वह किसी छिपी नही है । मगर अब न तो कोई बताने बाला दिखता है न ही सही मार्ग दिखाने बाला कोई दिखता है । आखिर समृद्धि की कब्र खोदने उसे गरियाने जुटे उस जीवन को कौन समझाये कि समृद्धी कल्याण के लिये न्याय का सिद्धान्त क्या है और जीवन मे दण्डविधान की क्या अहमियत है । कर्तव्य बि...