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Showing posts from June, 2022

माॅंग बढ़ने से सेवा कल्याण धड़ाम .............? तीरंदाज

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  पांॅच अंको के रिकार्ड स्तर को छुआ  व्ही. एस. भुल्ले  28 जून 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  भैया - बढ़ती माॅग , चढ़ते सूचकांक के बीच भले ही सेवा कल्याण का  बाजार गाॅब गली में अपने रिकार्ड स्तर को छू चुका हो , मगर आशा अकांक्षाओ की उम्मीदे अभी भी बरकरार है । उन्है उम्मीद है कि वह अपने अपने लक्ष्य को भेद पाने में सक्षम सफल होगी मगर मने न लागे की भाया इस महासंग्राम में ऐसा कुछ होने बाला है । काड़ू बोल्या कि कितने ही चरण क्यो न पूरे हो जाये मगर उस सेवा कल्याण का क्या होगा जो सत्ता के रथ पर सबार सर्बकल्याण का परचम फहरा चक्रबृति सम्राट बनना चाहता है । उधर जरूआ खोसोओ के झुण्ड ने तो म्हारी दिन रात बराबर से खराब कर रखी है । मगर यह भी सत्य है कि सेवा कल्याण की खातिर अलग अलग खेमो मे बटे लश्कर अपने अपने सेनापतियो , सिपहसालारो के इसारे के इन्तजार में है इसारा मिलते ही मैदाने जंग मे गाॅब गली की सत्ता के लिये जबर दस्त सियासी जंग छिड़ेगी जिसमे किसको जीत तो किस को हार हासिल होगी यह तो समय ही तय करेगा मगर इतना तो तय है कि हार जीत जिसकी भी हो मगर जरूआ खोसोओ कि अवश्य चल निकलेगी ...

पशुवत आचरण व्यवहार से संघर्ष करता समृद्ध जीवन

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ऐको हम द्वितीय नास्ति के अहंकार में डूबा सामथ्र्य पुरूषार्थ  अनाथ सेवा कल्याण के आगे बिलखता सर्बकल्याण  जबाबदेह स्वास्थ शिक्षा सुरक्षा के अभाव दम तोड़ता विश्वास  व्ही. एस. भुल्ले  26 जून 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा  कहते है जिन कंधो पर जीवन की सुरक्षा स्वास्थ शिक्षा अर्थात ऐसे संस्कार सिद्धांत का भार हो जिनसे समृद्ध खुशहाॅल जीवन निमार्ण का मार्ग प्रस्त हो जिसमे वह अक्षम असफल सिद्ध हो और अहंम अहंकार वस वह स्वार्थी वन पशुवत आचरण व्यवहार को श्रेष्ठ सिद्ध करने मे अपने समृद्ध श्रेष्ठ सामथ्र्य पुरूषार्थ को लगाने जुट जाये तो कैसा समाज और कैसी सत्ताये अस्तित्व और कैसी जबाबदेही अस्तित्व में होगी कल्पना कर पाना आम जीवन के बस की बात नही मगर अभी बहुत समय नही बीता है जो लगभग 50 से उपर की पारी खेल रहै है उन्होने देखा होगा समृद्ध जीवन का वह अंश जो सिर्फ स्वाभिमानी ही नही श्रेष्ठ समृद्ध आचरण व्यवहार से समृद्ध हुआ करता था लोग उस जीवन पर नाज कर स्वयं को धन्य मेहसूस करते थे और अपने पूर्वजो की विरासत को सिद्ध कर श्रेष्ठ मानव होने का प्रमाण प्रस्तुत करते थे । यू जो जीवन की लंबी यात...

नैतिक पतन की बारूद से खेलती आस्थाये

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  सार्बजनिक शास्त्रार्थ का अभाव , विद्या विद्ववानो के अपमान से जूझता समृद्ध जीवन आधार   निरंकुश विद्या चोर संस्कृति ने किया सत्यानाश  प्रबन्ध के आगे दम तोड़ती आशा अकांक्षाये  सृजन से अनभिज्ञ , भयभीत सत्ताये सर्बकल्याण में हमेशा अक्षम असफल सिद्ध हुई है । इतिहास साक्षी है  व्ही. एस. भुल्ले  24 जून 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा  कहते जीवन जहां भी हो जैसा भी हो जब तक वह अपनी नैसर्गिक प्रमाणिकता सिद्ध नही कर लेता तब वह अपने आधार अस्तित्व का मोहताज बना रहता है । मगर उसकी प्रमाणिकता आधार अनादिकाल से उसका प्रदर्शन और परिणाम ही रहा है । सृजन , विद्या ज्ञान से अनभिज्ञ भयभीत सत्ताये सर्बकल्याण मे स्वयं को सिद्ध करने इसलिये अक्षम असफल होती रही कि वह सृजन सिद्धान्त अनुरूप न तो खुद के साथ न्याय कर न ही वह न्याय के लिये स्वयं की उपायदेयता सिद्ध कर सकी और आती जाती रही हजारो बर्ष का ज्ञात अज्ञात इतिहास इस बात का गबाह है कि जब जब जीवन का नैतिक पतन हुआ उसे बारूद की तरह किसी बड़े बिस्फोट का सामना करना पढ़ा है आज जब आस्थाये एक मर्तवा फिर से बारूद से खेल रही है और प्रबन्ध...

शराब की सक्रियता ने बढ़ाई आम मतदाता की मुश्किल

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माल काटने में जुटा शराब माफिया  गाॅब गली तक पसरी शराब से , सुरा प्रेमियो की बल्ले बल्ले  सप्लाई , राजस्व तक सिमटा अमला  नीरज जाटव छोटू   19 जून 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  कई बर्षो से नई स्थानीय सरकारो की बाट जो रहै आम मतदाता को क्या पता था कि चुनाव शुरू होते ही नये जनप्रतिनिधि तो मतदान पश्चात ही बन सकेगे और उन्है उनकी आशा अकांक्षा अनुसार सेवा कल्याण का लाभ मिलेगा मगर किसी का क्या पता था कि शराब के कहर में उनकी आशा अकांक्षाये इस तरह काफूर होती नजर आयेगी अगर सूत्रो कि माने तो इस समय म.प्र. के शिवपुरी जिले में भी अन्य जिलो कि भांति पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव का श्री गणेश हो चुका है । और हर प्रत्याशी अपनी अपनी जीत को सुनिश्चित करने ऐड़ी चोटी का जोर लगाने मे जुटे है । मगर गाॅब गली तक पसरी शराब की उपलब्धता से मानो तो सुरा प्रेमियो कि बल्ले बल्ले हो ली तो वही शराब माफिया दिन रात एक कर अच्छा खासा माल काटने मे जुटा है । तो वही दूसरी और शराब अमला अब सिर्फ और सिर्फ सप्लाई राजस्व तक सिमट चुका है । अगर गोपनीय सूत्रो की माने तो कुछ लोग नेताओ से अपनी नजदीकियो के चलत...

बहुमत के आगे बिलबिलाता जीवन

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अहंकारी अशिक्षित असंस्कारी अंधी आस्थाये   अंजाम भोगती बैबस आशा अकांक्षाये  बिमुख , कर्तव्य जबाबदेह जीवन से थर्राई , मानवता  व्ही. एस. भुल्ले  12 जून 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा  बिमुख कर्तव्य जबाबदेह जीवन क्या कभी इतना वीभत्स होगा किसी ने सपने में भी न सोचा होगा कि मानवता के शंकनाद के बीच जीवन इस तरह से थर्रा बैबस आशा अकांक्षाओ पर बिलाप कर बिलबिलायेगा जहां न्याय का आधार सिर्फ और सिर्फ बहुमत ही सिद्ध होगा । कारण अहंकारी शिक्षित असंस्कारी आधी आस्थाओ से घिरा जीवन जिसे न तो उन महापुरूषो की त्याग तपस्या न उन कर्तव्य निष्ठ महापुरूषो की कृतज्ञता ही अब काम आ रही और न ही वह अब कुछ करने की स्थति में है सिबाय एक ऐसे बैबस जीवन के जो न तो उसका प्रारब्ध कहा जा सकता न ही नियती क्योकि इतिहास गबाह है इतिहास मे हजारो ऐसे उदाहरण है जहां कर्म ज्ञान की पराकाष्ठा ने सिर्फ मानव जीवन ही समुचे जीव जगत को वह समृद्ध विरासत रख छोड़ी थी जिसका दौहन करते करते आज हम एक ऐसे मुकाम पर आ पहुॅचे जहां हमारे पास अपनी कृतज्ञता जीवन के प्रति सिद्ध करने का कोई प्रमाण नही । ऐसे में हम न तो उस समृद्ध सृज...
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  जन की खातिर जुनून की जंग  तबाह तंत्र में गिड़गिड़ाते लोक  स्वकल्याण की सुनामी में सेवा कल्याण अनाथ  व्ही. एस. भुल्ले  9 जून 2022 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  स्वकल्याण की सुनामी में अनाथ हुये सेवा कल्याण को नाथ कब और कैसै नसीब होगा यह तो भबिष्य की बात है मगर तबाह तंत्र मे जिस तरह से लोक गिड़गिड़ाने पर बैबस मजबूर है वह किसी भी लोकतंत्र के लिये दुखद ही कहा जायेगा । फिलहाॅल तो गली मोहल्लो से लेकर गाॅब गाॅब तक जन की खातिर जुनून की जंग छिड़ चुकी है । जिसके हालिया रूझान से साफ है कि यह सेवा कल्याण की जंग जिसमें स्थानीय सरकारो के मुखिया सभासद सदस्यो को चुना जाना है । इतनी आसान नही रहने बाली है जैसा की चुनाव कराने बाली संस्थाये मान कर चल रही है । एक मार्डर एक फर्सा लुहागी से सर फाड़ने की घटना यह समझने काॅफी है कि मुकाबला किस स्तर तक होने बाला है । ये अलग बात है कि सिस्टम के निष्पक्ष चुनाव कराने के दावे है तो वही स्वकल्याण में डूबे उन कर्णधारो के अपने दावे है । मगर तंत्र के आगे जिस तरह से लोक बर्षो बर्षो से गिड़गिड़ाने पर बैबस मजबूर है वह किसी से छिपा नही लाखो की पगार...