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Showing posts from November, 2020

अक्स,अनुभूति,का अभाव और मदमस्त अंहकार कही ले न डूबे सर्बकल्याण असंबाद के गर्भ में फलता फूलता बैलगाम आक्रोश गैंग,गिरोहबन्द संस्कृति में असंम्भव है सेवाकल्याण

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व्ही. एस. भुल्ले म.प्र. विलेज टाइम्स समाचार सेवा  म.प्र.-कहते है जिस तरह से अक्स के अभाव लोंग दिशा भटक जाते है ठीक उसी प्रकार कोई भी ब्यबस्था अपने लक्ष्य को खो परिणामो से बचित रह जाती है और वह एक ऐसे असफल स्मारक के रूप मे जानी जाती है जिसे आने बाली पीढ़ियाॅ भी स्वीकारने में संकोच खाती है मगर गरीब अभावग्रस्त जन, राष्ट्र् के बीच जिस तरह से गैंग,गिरोह संस्कृति के बीच सेवा कल्याण सर्वकल्याण की इबारत अक्स अनुभूति के अभाव , और मदमस्त अहंकार के बीच लिखी जा रही है उससे गर्भ मे पलते आक्रोश से कही सर्बकल्याण की बाॅठ जोहता समृद्ध जीवन स्वाहा न हो जाये क्योकि जिस तरह से काॅर्पोरेट कल्चर सत्ता संचालन में अपनी गहरी पैठ जमा चुका है और जिस असंवाद का माहौल सत्ताओ के बीच स्थापित हो चुका वह किसी से छिपा नही , जीवन मूल्यो की चिता सत्ता कि रोटी सेकने बाली सियासत को शायद यह इल्म नही कि जिनके समृद्ध खुशहाॅल जीवन के लिये सत्ता का आधार सियासत बनी आज उनका जीवन सिर्फ अभावग्रस्त ही नही कंटक पूर्ण होता जा रहा है कारण प्रमाणिक परिणामो का अभाव उस अनुभूति का अभाव जिसकी अपेक्षा उसे अपना मत वोट देते बक्त अपने जनप्रत...

सृष्टि के विरूद्ध संस्कारो शंखनाद, सर्बनाश के संकेत सृजन में उर्जा का सार्थक निस्पादन ही जीवन की श्रेष्ठतम कृति है

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व्ही.एस. भुल्ले म.प्र.विलेज टाइम्स समाचार सेवा  म.प्र.-कहते हेै कि कोई सत्य से कितना ही मुॅह क्यो न मोड़े मगर सत्य, सत्य होता है और सत्य यह है कि सृजन मे उर्जा का सार्थक निस्पादन को ही किसी भी जीवन की श्रेष्ठतम कृति माना गया है मगर आज जिस तरह से सृष्टि के विरूद्ध संस्कारो का शंखनाद मानव जगत मे चल रहा है सृजन के नाम वह किसी से छिपा नही जबकि जानकार जानने बाले यह भली भाॅती जानते है कि उर्जा कह अंश चाहै सूरज की किरण,जल,वायु, मानव,समस्त जीव जगत के किसी भी अंश फिर यंत्र मे हो अगर उपयोगिता पश्चात उसका निस्पादन सार्थक नही रहा तो वही उर्जा विनाश का कारण सिद्ध होती है यह बात समुचे मानव जगत को नही भूलना चाहिए आज जो लोग जन्म मृत्यु, दिन रात , जहर औषद्यि भोजन पानी अर्थात उर्जा श्रोत उसके सार्थक निस्पादन पर अहंकार बस अटठाहस करते है वह सिर्फ सृष्ठि सृजन ही नही बल्कि समुचे मानव ,जीव जगत सहित स्वयं के साथ भी धोखा करते है जो मानव धर्म के भी विरूद्ध है कहते है सृष्टि सृजन मे मानव सृष्टि की अनमोल कृति है अगर ऐसे मे मानव ही अपने मूल आधार से संघर्ष करता नजर आये तो फिर उम्मीद किससे की जा सकती है काश मानव ...

माँ नर्मदें की शरण में सेवा संस्कार श्रीमंत यशोधरा राजे ने की नर्मदा घाट पर आरती

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वीरेन्द्र भुल्ले विलेज टाइम्स समाचार सेवा। म.प्र। आत्मनिर्भर प्रदेश में प्रभावी योगदान की जमीन तलाशती म.प्र. से शासन की कद्दावर मंत्री श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया भले ही कोरोनाकाल में कौशल विकास को धार दे उसे जमीनी स्तर पर उतार सेवा कल्याण के रास्ते आत्मनिर्भरता की उपायदेयता सिद्ध करने विभागीय मातहतों के साथ सतत बैठक और संस्थानों के भ्रमण पश्चात प्रभावी भूमिका में स्वयं के विभाग को देखती हों। जिसके लिए उन्होंने आलाधिकारियों को प्रभावी योजना के साथ प्रमाणों की प्रमाणिकता सिद्ध करने लगा रखा है। मगर इसी दौरान जब वह माँ नर्मदा के तट पर आरती करते दिखीं। इससे जाहिर होता है कि सैकड़ौं जर्जर पडे मंदिर भवनों के जीर्णोउद्धार के साथ माँ नर्मदें के आषीर्वाद से वह उन सफलतम संभावना की तलाश में है जो उन्हें अपनी माँ स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया से संस्कार के रूप में प्राप्त हुये है। देखना होगा कि आज की सियासत में उनके सेवा कल्याण और आत्मनिर्भर प्रदेष के महा अभियान में योगदान को कितनी धार मिल सफलता मिल पाती है।

सृजन मे निष्ठ कर्तव्य, निस्वार्थ त्याग की श्रेष्ठता सिद्ध है तो श्रेष्ठ, व राष्ट्र्जनो को बगैर अवसर गबाये अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करना चाहिए। असंबाद बाॅधा का बिकल्प नही हो सकता संवाद से ही समाधान सार्थक होता है

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व्ही.एस.भुल्ले म.प्र. विलेज टाइम्स समाचार सेवा  म.प्र.-सृष्टि सृजन मे निष्ठापूर्ण कर्तव्य निर्वहन निस्वार्थ त्याग की ही सिद्धता श्रेष्ठ रही है इसलिए बगैर समय गबाये श्रेष्ठजनो और राष्ट्र्जन सहित पुरूषार्थी सामर्थशालियो सत्ताओ को अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करना चाहिए। यह तब की स्थति में और अवश्यक हो जाता है जब सर्बकल्याण और पुनः राष्ट्र्निर्माण का कार्य दुत्र गति से चल रहा हो ये सही कि लोकतांत्रिक बाध्यताये हमारे आड़े आ सकती है जैसै उत्तरी भारत का मौजूद किसान आन्दोलन जो दिल्ली की जिद पर है  बिशुद्ध रूप से यह असंवाद का मामला है। निश्चित ही यह छोटे बड़े किसानों के हित से जुड़ा है। जिसका सहज समाधान न हो यह आज की सत्ता में संभव नहीं। क्योंकि मौजूद सत्ता का भाव सर्वकल्याण का है। जिसे हर नागरिक को याद रखना चाहिए और सत्ता को भी चाहिए कि वह बड़े किसानों के हितों के साथ छोटे किसानों के संरक्षण का मार्ग सुनिश्चित करें और यह संभव है जो दिनों में नहीं घण्टांे में सुलटाया जा सकता है। आज के समय सभी के लिए यह समझने वाली बात होना चाहिए। क्योंकि सार्थक नेतृत्व के सफल अवसर को गंवाना न तो सृष्टि, सृजन के ह...
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 लाखों की लूट का खुलाशा जल्द होगा-चन्देल वीरेन्द्र भुल्ले म.प्र.- विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.- शिवपुरी जिले के कोलारस नगर में हुई खुलेआम लाखो की लूट का खुलाशा जल्द होगा उक्त बात शिवपुरी जिले के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह चन्देल ने विलेज टाईम्स से कार्यालय प्रागंण में आम लोगो कि सुनवाई के दौरान कही उन्होने कहा कि इस जघन्य लूट का खुलाशा करने और अरोपियो की धरपकड़ के लिये होनहार, जाॅबाज पुलिस अधिकारियो की टीम को लगाया गया है।और अरोपी जल्द ही पुलिस की गिरफत मे होगे तो वही दूसरी ओर खुले में चल रही जनसुनवाई पर चन्देल का कहना था कि इससे जहाॅ आवेदक स्वयं को सहज मेहसूस करते है तो वही दूसरी ओर उन्है इन्तजार भी नही करना पड़ता मेरी कोशिस होती है कि समस्या का समाधान तत्काल हो और लोगो को निराश न होना पढ़े। अगर यो कहै कि इस आई. पी.एस. की सफलता का राज ही उनकी सहजता है तो कोई अतिसंयोक्ति न होगी और शान्त चित से बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान खोज लेना उनकी खाशियत है अभी हाॅल मे जिन्दा पकड़े गये 45000 का ईनामी डकैत गुर्जर इस बात का प्रमाण कि सार्थकता सिद्ध करने किसी शोर की नही सही समय पर सटीक निर्णय औ...
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संबिधान दिवस, 71 बर्ष बाद भी सांसत में समृद्ध, खुशहाॅल जीवन निष्ठा पर भारी , बिमुखता, कृतज्ञता रही कंगाल व्ही. एस. भुल्ले म.प्र.- विलेज टाइम्स समाचार सेवा  म.प्र.- कहते है मनाव कल्याण में बिद्या,स्वास्थ संस्कारो का बड़ा योगदान होता है जो मानव जीवन को मजबूत आधार उपलब्ध करा उसे समृद्ध खुशहाॅल बनाने मे सहायक सिद्ध होते है। संबिधान के प्रमुख पृष्ठो पर भगवान राम,कृष्ण के चित्रो का होना इस बात का प्रमाण है कि 26नबम्बंर 1949 को तैयार विधिसम्बत इस विधान मे मानव ही नही समस्त जीव जगत के कल्याण उनकी समृद्धि खुशहाॅली की पूरी चिन्ता की गई है। मगर क्या हम उस उदेश्य मे सफल हो सके यही आज सबसे बड़ी समझने बाली बात सभी के लिये होना चाहिए। सो प्रभु राम जैसा राज और कृष्ण की द्वारका जैसै संस्कार कहा से लाये जिन्ह पाकर सुदामा धन्य हो गये हो सकता है इसे पढ़कर लोग इसे अध्यात्म की संज्ञा दे और शायद यही कारण है कि हम समृद्धि खुशहाॅली के नाम कंगाल हो चुके है। प्रमाण स्पष्ट कि जिस तरह से स्वास्थ, शिक्षा के बड़े बड़े बाजार और शुद्ध पेयजल के बाजार पनप रहै है इसे हम मानव जीवन की सफलता नही कह सकते न ही इसे 71 बर्षो कि ...
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  बैकाबू सेवाकल्याण संस्कारो की जकड़ में समृद्ध जीवन त्याग के नाम बाॅझ हुआ सर्बकल्याण  व्ही. एस. भुल्ले म.प्र.-विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.-त्याग के नाम आज जिस तरह सेवाकल्याण बाॅझ नजर आता है और बैकाबू सेवाकल्याण की जिस तरह से बाछे खिली नजर आती है उससे साफ है कि किस तरह से समृद्ध जीवन मौजूद संस्कारो की जकड़ मे समाता जा रहा है और आम खुशहाॅल जीवन खुशहाॅली का मोहताज होता जा रहा है कारण जिस तरह से आम जीवन बिद्या को त्याग शिक्षा की छत्रछाया में 150 बर्षो मे फलाफूला है और मौजूद समाज ने उसे समृद्ध जीवन की खातिर आत्मसात कर अंगीकार किया है उसी का परिणाम है कि आज सर्वकल्याण और जीवन मूल्यो से जुड़े संस्कार त्याग के नाम बाॅझ नजर आते है अब ऐसे मे कैसै हो सेवाकल्याण तथा सर्वकल्याण यह यक्ष सवाल हर समझदार विवेक को कचोटता रहता है मगर ऐसा नही कि समाधान न हो मगर शुरूआत कैसै हो यही आज सभी को समझने बाली बात होना चाहिए।क्योकि समृद्धि, संस्कार त्याग तपस्या और उच्च जीवन मूल्यो के मोहताज होते है।जय स्वराज 
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शासन की प्राथमिकता ही मेरी प्राथमिकता-अक्षय सिंह फिलहाॅल आश्रय स्थल,आगनबाड़ी ही होगी आत्मनिर्भर का आधार, समय सीमा मे प्रचलित कार्य पूर्ण हो होगा प्रयास आत्मनिर्भर प्रदेश मे शिवपुरी के योगदान पर जानकारी जनसम्पर्क मुहैया करायेगा। वीरेन्द्र भुल्ले म.प्र. विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.- कोरोना कहर और उप चुनाव फिर स्थानिय चुनाव की तैयारियो के बीच आत्मनिर्भर प्रदेश की तैयारी और शिवपुरी के योगदान को लेकर संक्षिप्त चर्चा के दौरान कलेक्टर शिवपुरी अक्षय सिंह ने विलेज टाइम्स से कहा कि जो शासन की प्राथमिकता है वही उनकी भी प्राथमिकता है फिलहाॅल आश्रय स्थल,आॅगन बाड़ी का कार्य समय सीमा मे पूर्ण हो विस्तृत कार्य योजना तैयार होने पर जनसंपर्क के माध्यम से सभी को अवगत कराया जायेगा अलग अलग नही। इस दौरान कलेक्टर अति व्यस्थ दिखे मगर आत्मनिर्भर मे जिले की तैयारी को लेकर वह काफी गम्भीर दिखे । मगर उन्होने दौहराया की प्रचलित कार्य समय सीमा मे पूर्ण इस पर उनका जोर रहेगा। विधि की आढ़ मे माल कूटता खनन माफिया म.प्र.- शिवपुरी जिले मे अबैध खनन को लेकर जिस तरह से खबरो का बाजार गर्म है वह किसी से छिपा नही है मगर शासन है ...
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 गौसंरक्षण की सत्ता ने भरी हुकार, क्या सत्ता होगी कामयाब स्वराज को मिला को मिला सत्ता का आधार व्ही. एस. भुल्ले म.प्र.-विलेज टाइम्स समाचार सेवा यू तो अनादिकाल से ही सत्ता का आधार जन और सर्वकल्याण रहा है। अगर ऐसे में स्वराज के लिये सत्ता का आधार मिल रहा है तो इसे सुखद और कल्याणकारी ही कहा जायेगा क्योकि सत्ता के इस कदम से सिर्फ आत्मनिर्भरता का ही आधार मजबूत नही होगा बल्कि हमारे पूज्यनीय महान गौवंश की सेवा के साथ उनके जीवन और उनकी हजारों साल की कृतज्ञता के साथ भी न्याय होगा मगर सत्ता की यह घोषणा भर है या फिर उसका निष्ठापूर्ण संकल्प यह तो सत्ता ही जाने क्योकि इससे पूर्व भी सत्ता खुशहाॅल जीवन बनने आनन्द मंत्रालय तक का गठन कर चुकी है मगर मूल मंत्र के अभाव मे उसके सार्थक परिणाम समाज को नही मिल सके इसके अलाबा सत्ता शिक्षा का स्तर सुधारने की गरज से स्वयं और मातहतो के माध्यम से सुधार का असफल प्रयास कर चुकी है कारण साफ है जब तक सभी को साथ लेकर सार्थक कोसिश समन्वय के साथ शुरू नही की जाती तब तक सार्थक परिणाम असंभव ही रहने बाले है। हालाकि गौवश संरक्षण का खाका तो ठीक है मगर सारा दरोमदार क्रियान्वय...
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 अनैतिक गठजोड़ के आगे गिड़गिड़ाता आत्म निर्भर का तोड़ अगर आकड़े दुरूस्त है तो अंजाम से अनभिज्ञ रहना, अन्याय व्ही. एस. भुल्ले म.प्र.- विलेज टाईम्स समाचार सेवा  म.प्र.- अगर आकड़े दुरूस्त और खबरो मे अनैतिक गठजोड़ पर सबाल है तो निश्चित ही समस्या विकट है मगर इसका समाधान न हो यह भी सम्भव नही, ये अलग बात है कि कुछ मौजूद सत्ताये इस अनैतिक गठजोड़ का सामना पूरी दृढ़ता से कर उसका सार्थक समाधान खोजने मे लगी है मगर लगता नही कि इतनी जल्द कोई सार्थक समाधान मिलने बाला है। सेवा कल्याण की आढ़ मे आधार मजबूत गठजोड़ को आज की भाषा मे यू तो उसे माफिया राज कहते है। जिसमे स्वार्थ सामर्थ पूर्ति के लिये बैद्य अबैद्य महात्वकांक्षाये अघोषित रूप से इक ही मंच पर नजर आती है। जबकि उनके बैद्यानिक दायित्व विधि अनुसार अलग अलग दायित्व बौझ से बंधे रहते है। मगर कर्तव्य विमुख कुछ लोग आज कर्तव्य पथ पर इसे अपना अधिकार समझते है जो आत्मनिर्भरता के मार्ग की सबसे बड़ी बाधा है। निश्चित ही सेवाकल्याण के पथ पर विधायिका,कार्यपालिका का आचरण निशकंटक और कर्तव्य के प्रति निष्ठ माना जो उसके अस्तित्व की नैसर्गिक पहचान भी होती है। मगर निष्ठा की...
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कुप्रबन्धन का शिकार, कंगाल व्यवस्था, समृद्धि का अकाल सत्ता , स्वार्थ में स्वाहा होते सरोकार वीरेन्द्र भुल्ले म.प्र. - विलेज टाईम्स समाचार सेवा आत्मनिर्भर प्रदेश के रथ पर सवार सत्ता कि ध्वजा कितनी ही चमकदार क्यो न हो मगर ब्यवस्थागत कंगाली के चलते जिस तरह से जीवन के सरोकार छाती कूटने पर मजबूर जान पड़ते है उसे देखकर तो सिर्फ इतना ही कहा जा सकता है कि सतत सत्ता स्वार्थ की अंधी दौड़ ने एक समृद्ध व्यवस्था को कही का नही छोड़ा जो किसी भी सत्ता या व्यवस्था के लिये शर्मनाक ही कहा जा सकता है। लोग आखिरकार सत्ता संचालन में यह क्यो भूल जाते है कि वह जिस व्यवस्था के संचालक बनाये गये है उसे संचालित करने आम गरीब व्यवसायी उद्योगपति टेक्स देने बालो के गाड़े पसीने की कमाई खर्च होती है फिर बैरहमी से उसे लुटाने का अधिकार किसने दिया। अगर बात आय व्यय तक ही सीमित होती तो भी चल जाता मगर अब तो मामला लाख करोड़ से अधिक की उधारी तक जा पहुॅचा और सेवा कल्याण विकास से जुड़े विभागो के पास सिर्फ वेतन भत्तो का सहारा है।अनुबंध पर विकास करने बाले ठेकेदारो ने भी सत्ता कि माली हालत देख अपने अपने हाथ खीचना शुरू कर दिया है। बैहतर सत...

भयग्रस्त अहंकार की भयाभय स्थिति,स्वार्थवत संकल्प सर्वकल्याण,समद्धि में बड़ी बाधा स्वर्णयम समय गबाति सत्ताये संरक्षण नही गौवंश को जीने का नैसर्गिक अधिकार चाहिए स्वराज मुख्य संयोजक व्ही.एस.भुल्ले ने माना म.प्र. के मुख्यमंत्री का आभार

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 म.प्र.-विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.मे हालिया खबर ये है कि म.प्र.की सत्ता अपने 2018 के घोषणा पत्र अनुसार म.प्र. मे देश की पहली गौ केबिनेट का गठन किया गया है जिसकी पहली बैठक अगर मालवा के सालरिया गौ अभ्यारण में गोपाष्टमी के दिन दोपहर 12 बजे की जायेगी हालाकि की इस केबिनेट मे ग्रह,कृषि,पशुपालन, पंचायत ग्रामीण विकास,वन के मंत्री शामिल होगे । ज्ञात हो इससे पूर्व कमलनाथ की सत्ता ने भी म.प्र. मे 1000 गौशाये खोलने की शुरूआत की थी मगर उनकी सत्ता जाने के बाद अब नई सत्ता के रूप में शिवराज ने गौसंरक्षण संर्बधन की शुरूआत का बिगूल फूका है जिसके लिये स्वराज के मुख्य संयोजक व्ही.एस.भुल्ले ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। ज्ञात हो कि गौसंरक्षण भी शिक्षा की तरह एक वैचारिक अभियान बना जिससे सियासी लोगोका ध्यान 2018 मे गया और पहले गौशाला अब गौसंरक्षण की शुरूआत समृद्ध जीवन के लिये सराहनीय कही जा सकती है मगर इन प्रयासो की सार्थकता तब सिद्ध होगी जब गौवंश के नैसर्गिक अधिकार उन्है मिलेगे।अगर सत्ताओ को सर्बकल्याण मे सिद्ध होना है और जन जीव जीवन को समृद्ध खुशहाॅल बनाना है तो सत्ता के अहंकार तथा भय को ...

राष्ट्र्भक्ति,स्वाभिमान,सर्मपण,आत्मसम्मान की सीख रानी लक्ष्मीबाई,स्व.इन्दिरा गाॅधी से तो सृजन लोक कल्याण में सार्थक सामर्थ पुरूर्षाथ सिद्ध करने की सीख श्रीमंत माद्यौ महाराज से लेनी चाहिए निष्ठापूर्ण कृतज्ञता जीवन में कभी कंगाल नही होती न ही उसकी समृद्धि कभी समाप्त होती

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वीरेन्द्र भुल्ले म.प्र.-विलेज टाइम्स समाचार सेवा कहते है कि सृजन लोक कल्याण में किया गया निष्ठापूर्ण कत्र्तव्य निर्वहन उसकी कृतज्ञता न तो कभी बाॅझ रहती न ही कंगाल होती बल्कि उसकी विरासत जीवन में हमेशा समृद्ध बनी रहती है और उस कृतज्ञता को लोंग अनंत काल तक स्वाभिमान सम्मान के साथ याद करते है राष्ट्र्जन की खातिर शहीद रानी लक्ष्मीबाई,स्व. इन्दिरा जी की कृतज्ञता समर्पण आज राष्ट्र्जन से छिपा नही न ही श्रीमंत माद्यौ महाराज की कृतज्ञता किसी से छिपी है जिस तरह रानी लक्ष्मीबाई और स्व. इन्दिरा जी राष्ट्र्जन की खातिर अपने प्राणो की अहूती देने मे संकोच नही किया उसी तरह एक राज के मुखिया होने के नाते लोक, जन कल्याण और समृद्ध संस्कारो की स्थापना में अपने जीवन काल के हर उस अमूल्य क्षण की आहूति दी जो राजसी जीवन मे दूर की कोणी माना जाता है स्वयं के राज्य जन की समृद्धि खुशहाॅली के लिये हर गाॅब मे 2-2 तालाब सिन्ध,पार्वती के जल के उपभोग हेतु तिघरा,हर्षी,ककेटो मणीखेड़ा,मोहनी बाॅधो सर्वे विश्वविख्यात ईन्जीनियरिग के भगवान कहै जाने बाले सर मोक्षगुन्डम बिश्बैसरैया जी से कराना जिसमे तिघरा हर्षी का निर्माण और ग्वा...

मंत्री के तीखे तेबरो से मातहतो में सनाका

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वीरेन्द्र शर्मा म.प्र.-विलेज टाईम्स समाचार सेवा म.प्र. शिवपुरी गत दिनो म.प्र. शासन कि कैबिनेट मंत्री श्री मंत यसोधरा राजे सिंधिया ने शिवपुरी के आला अधिकारियो के साथ विभिन्न योजनाओ कि समीक्षा बैठक की जिसमें उन्होने लापरबाह अधिकारियो पर कड़ी कार्यवाही की ताकीत की जिसमें एक उपयंत्री को निलंबित तो कार्यपालन यंत्री के वेतन काटने की बात कही विकास सेवा कल्याण को लेकर व्यथित मंत्री ने कहा कि उनकी प्राथमिकता जनसेवा है जिसमें कोताही किसी भी कीमत पर बर्दास्त नही की जा सकती यह बात हर एक सेवक के जहन मे रहना चाहिए। जिसके लिये हम सब जनसेवा मे है। और यही हम सभी का कर्तव्य भी है । इस बैठक में आला अधिकारियो के साथ कलेक्टर एस पी,सीईओ मौजूद थे। जंगल में खनन माफिया के मंगल से,सनाके मे सियासत शिवपुरी के जंगलो से लगे खनन क्षैत्र मे अबैध उत्खनन की खबरों से आजकल शिवपुरी की सियासत मे सनाका सा खिचा पढ़ा है मगर जबाबदेहो के कानो पर जूह तक न रेगना अपने आप मे कई सबाल खड़े करने काॅफी है देखना होगा सत्ता आखिर कब धुआधार अबैध उत्खनन की खबरो पर संज्ञान लेती है।