स्थानीय सरकारों के महाकुंभ में, सत्ता की डुबकी लगाने गिरोहबंद अखाडों का आगमन शुरू सेवा के नाम लामबंद होती स्वार्थवत सियासत और स्वार्थवत लोग
व्ही.एस.भुल्ले विलेज टाइम्स समाचार सेवा। स्थानीय सरकारों के होने वाले चुनावी महाकुंभ में गिरोहबंद सियासी अखाडों द्वारा फेके जा रहे आंकडो पर संज्ञान लिया जाये तो सेवा के नाम सत्ता लूट के लिए लामबंद सियासी स्वार्थवत लोग जीत हासिल करने लाखों करोडों फूकने की बात करते नहीं थक रहे है। ये अलग बात है कि म.प्र. के मुखिया म.प्र. के माफिया की नाक में नकेल कसने पर आमादा हो। मगर जिस तरह से लोकतंत्र के नाम सेवाभावी संस्थाओं में स्वच्छ, स्वस्थ प्रशासन देने के नाम माफिया राज की तैयारियां शुरू हो चुकी है वह डरावने वाली है। हालांकि जिस तरह से म.प्र. सरकार ने सेवाभावी संस्थाओं को उनका सम्मान लौटाने स्थानीय सरकारों के चुनाव को दलीय आधार से इतर कराने का निर्णय लिया हो और किसी भी प्रकार से ऐसे लोग, चुनी जाने वाली नई स्थानीय सरकारों के भाग न हो उसके लिए भले ही पुख्ता इंतजाम करने का मंसूबा हो। मगर जिस प्रकार से म.प्र. में आरक्षण प्रक्रिया पश्चात स्थानीय चुनावों को लेकर सक्रियता सियासी लोगों के बीच कम बल्कि ऐसे लोगों के बीच ज्यादा देखी जा रही है जो किसी भी कीमत पर चुनाव जीतकर स्थानीय सरकार के मुखिया य...