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Showing posts from May, 2021

भीषण जंग के बीच कमांडरो की कावलियत पर सबाल

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  रशद पानी की आपदा को लेकर  जंग जल्द खत्म करने का बड़ा दबाब  गुरिल्ला युद्ध माहिर किलर कोरोना फिलहाॅल हुआ निढाल  वीरेन्द्र शर्मा  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  यू तो कुछ शर्तो के साथ कुछ जिलो मे कोरोना कर्फयू का हटना तय है और लोगो का भी घरो से निकलना तय है अब हालिया निढाल हो चुके किलर कोरोना का क्या रूख होगा जिसके परिणाम भी आने बाले दिन ही तय करेगे मगर इतना तय है कि जो संक्रमण रोकने की पहली शर्त भी है कि आम लोगो के बीच एक भी संक्रमित मरीज नही रहना चाहिए । ये अलग बात है कि संक्रमण का दायरा भले ही सिमिट कर शून्य की ओर अग्रसर है मगर वह अभी भी लोगो के बीच है जिसमे बदलते उसके नये नये रूप ने तो समझने बालो को सांसत मे डाल दिया है । इस बीच यह भी सच है कि बधाई देने लेने बालो का भी सिलसिला शुरू हो चुका है पहले जबाबदेह बुद्धिजीवियो का निर्धारित दायरा फिर सलाह मशिविरो का मसौदा भी चिंतन मनन पश्चात आ ही जायेगा कि अब जीवन को किस चाल से कोरोना किलर के बीच चलना है ऐसे मे एक कहावत का उल्लेख करना जरूरी हो जाता है कि चल गया तो जादू और चूक गये ................सो एक लम्बे अन्त...

विश्वास से घात , संस्कृति , सभ्यता ,नैतिकता का नाश

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जीवन में स्वीकार्य व्यवहार के बिरूद्ध आचरण घातक  व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  31मई 2021 शिवपुरी म.प्र. भारत - अध्ययन , ज्ञान , विज्ञान के संधर्ष में तार तार मानवता कहां जाकर रूकेगी यह कहना फिलहाॅल मानव जीवन की जल्दबाजी होगी जो न्यायोचित नही ठहराई जा सकती मगर यह सच है कि इस संघर्ष मे जिस तरह से विश्वास के नाम मानवीय सरोकारो से घात हो रहा है उससे उस महान संस्कृति , सभ्यता , नैतिकता का नाश होना तय जान पढ़ता है जो मानवीय सभ्यता ही नही समस्त जीवनो के जीवन का आधार है दुर्भाग्य इस मानव जीवन का यह है कि जो सक्षम है जिनको सामर्थ पुरूषार्थ प्राप्त है वह सिर्फ इस डर से कुछ करना नही चाहते कि कही उनका यह एश्वर्य न डूब जाये इस सर्बकल्याण के मार्ग पर जिसे वह जीवनपर्यन्त अक्षुण रखना चाहते है और न जाने कौनसा इतिहास गढ़ उसे सुनहरे अक्षरो मे जड़बाना चाहते है समस्त मानव जीव जगत और इस सुन्दर कायानात की कीमत पर यह तो वही बैहतर बता सकते है ं। मगर इस सब इतर यह आज जो मानवीय व्यवहार मानव जीवन मे परिलक्षित हो रहा है वह कही से भी स्वीकार्य व्यवहार के पक्ष मे नही यह सही है कि मानव जीवन मे...

समाधान से पूर्व जलशो की तैयारी .................तीरंदाज ?

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सम्मान के गोलबन्द समारोह शुरू  व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म. प्र.  भैया - फिलहाॅल मने बात म्हारी महान तकनीक वैवीनार की कर रहा हुॅ जिसके आसमानी सुल्तानी पुरूषार्थ से म्हारे तो समझो समुचा कुनवा ही धन्य हो लिया अण्डीबच्चे से लेकर परोसा गया हर ज्ञान अब उपलब्ध है मने तो लागे अब साढ़ा कोरोना बचने बाला नही क्योकि जिस तरह से मैदाने जंग मे बगैर हाथ अजमाये म्हारे मीनारो मे बैठै माईबापो न दिन मे ही धूल चटायी है और हाथो हाथ वैवीनारो के चमत्कारिक हुनर से उसकी सात पुस्तो तक यह बात पहुॅचायी है कि तेरी अब खेर नही मने तो लागे अब अच्छे दिन हाथो हाथ आने बाले है और सम्मान पत्र भी अब बैभाव बटने बाले है । मगर कै करू म्हारा नाम तो किसी भी मंच न ही लिस्ट मे नजर आता है आखिर तने म्हारे को इतना तो बता आखिर सम्मान का आडिट कौन कराता है जो म्हारे नाम ऐढ़ी चोटी का जोर लगाने के बाद भी वैवीनार से गायब है ।  भैयै - मुये तने नाम पते की बात छोड़ कै थारे को मालूम कोणी बड़े बड़े नाम पत्रक चमड़े के सिक्के चलाने बालो का आज कोई अता पता नही न ही महल मजारो पर चिराग जलाने बालो का अब कोई अता पता है फि...

सेवा सर्बकल्याण में पैठ बनाता नव साम्राज्य , सामंतबाद

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बैबसी को इतना भी लज्जित मत करो की , जन्मदाता भी सहम जाये और समुचा मानव जीवन ही कलंकित हो जाये  व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  यू तो किसी भी भूभाग पर स्व या सर्बकल्याण के लिये अनादिकाल से ही मारकाट चलती रही है मगर जैसै जैसै मानव का विकास हुआ तो सभ्यता और संस्कृति संस्कार सिद्धान्तो का आधार समय समझ परिस्थिति अनुसार तय होता रहा जिसने जो उचित समझा जाना उसे बैसा ही उसने स्वीकार कर जीवन को समृद्ध सुस्ंकृत सभ्य बनाने की दिशा मे कार्य किया । मगर जब आज हम मानव जीवन को जिस स्थति मे पाते है तो जीवन के अर्थ को सही ढंग से समझने बालो के सर स्वतः शर्म से झुक जाते है मगर कुछ मानव जीवन ऐसे भी है जो लोगो की बैबसी उसके अगाध विश्वास को बड़ी ही निर्दयीता से रौध सेवा कल्याण के मार्ग मे स्वयं को सिद्ध करने समुचे मानव जगत को ही कलंकित करने से बाज नही आते है । कोरोना जो भी हो जैसा भी हो कम से कम उसने मानव जीवन को उसके बीच पनप चुकी गंदगी से तो उसे अवगत करा दिया कि वह अभी तक किस मुगालते मे बहुमूल्य जीवन जी रहा था कहते है होने को सारा जहां अपना मगर मरते वक्त कोई नही अपना यह इस कोरोना ने ...

शाॅसल मीडिया पर सलाह मशवरे से कसेगी कोरोना पर लगाम

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  म.प्र. शासन ने कोरोना ब्रेक के बाद लोग से माॅगे मशविरे  वीरेेनद्र शर्मा  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  म.प्र. मे संक्रमण मौतो का ग्राफ गिरता देख अब कोरोना पर पूर्ण विराम लगाने की गरज से आम जनता से शासन ने सलाह मशविरे का मन बनाया है स्वयं म.प्र. के मुख्यमंत्री ने शाॅसल मीडिया पर ही लोगो से यह अपील की है वह कोरोना के खिलाफ चल रही जंग को जीतने सरकार सहयोग प्रदान करते हुये चाहै तो अपना मशविरा दे समते है । क्योकि बगैर आपके सहयोग से यह लड़ाई मुश्किल होगी उन्होने गाड़ी भरी योजनाओ के निरंतर चलते रहने के साथ यह भी मंशा जाहिर की है कि वह चाहते है कि कोरोना कर्फयू मे धीरे धीरे ढील दी जाये क्योकि अभी कोरोना का खतरा टला नही है । साबधानी तो रखनी ही पढ़ेगी । मगर लगता नही कि सरकार की मंशा आमजन से सहयोग लेने की है इस लिये माध्यम शाॅसल मीडिया ही चुना जिस पर सरकार के लाखो करोड़ो फोलोवर होते है और शाॅसल मीडिया भी कौन देखते है यह सभी जानते है फिर अगर शाॅसल मीडिया हेन्डल करने बाले मशविरे को देख भी ले तो अमल कौन करेगा जिन्है आम जन सिर्फ सामन्य मानव ज्यादा कुछ नही क्या वह मानेगे की मशविरा ...

मुक्तिधाम से मशविरे की आश..............तीरंदाज ?

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गौरी का फाॅरमूला भी कोरोना के आगे हुआ धड़ाम  व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  भैया - कै करू क्राइसेस प्रबंधन मे जब से गौरी महान का फाॅरमूला क्या फैल हुआ है म्हारा तो म्हारे माईबापो से विश्वास ही जाता रहा कहा तो यह गया था कि गौरी महान के फाॅरमूले के चलते अब कोरोना महान की कमर टूट जायेगी फिर नई सुबह होगी और फिर सुहानी रात आयेगी । मगर मुआ ऐसा तो कुछ हुआ नही सुना है अब तो कोरोना महान को परास्त करने शमसानो से मशविरे मांगे जा रहै है और क्रायसेस प्रबंधन को अब जान बचाने के लाले है काड़ू बोल्या की अन डाउन के चलते लगे लाॅक का फारमूला ढूढा जा रहा है इसलिये तो जिन्दा इन्सानो से लाॅक तोड़ने का फाॅरमूला पूछा जा रहा है । मगर भाया म्हारे को एक बात समझ कोणी क्यो न आबे की कि सत्ताये शमसान की रूह चलाती है या शासक ऐसे मे म्हारे को भी जिन्दा मुर्दा रूहो के मशविरे से मुखातिब होने का मौका मिल गया मगर जिन्दो की बैबसी तो मरे अधमरो का आक्रोश देख म्हारे को तो रौना आबे क्योकि एक तो हमारे गौरी महान की उसका फाॅरमूला चुरा बैभाव भदद कुटवा दी रही सही कसर मांगने को मोहताज माईबापो की मंशा ने...

*शिवपुरी जिले में हुई किल कोरोना अभियान की शुरुआत।

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  ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता लाने हेतु गांव गांव में जाएंगे जागरूकता रथ। मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हरी झंडी दिखाकर की किल कोरोना अभियान की शुरुआत। जिला कलेक्टर एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी को भेंट किए दो ऑक्सीजन कंस्ट्रक्टर। शिवपुरी मध्य प्रदेश दुनिया में महा मालियों का एक अलग इतिहास रहा है यह शहरों से शुरू होती हैं और गांव को तबाह कर देती हैं अभी तक कोरोना महामारी अधिकतर शहरों तक ही सीमित थी लेकिन अब जो आंकड़े ग्रामीण क्षेत्रों से निकल कर आ रहे हैं वह हम सबके लिए चिंताजनक है शहरों और कस्बों में स्वास्थ्य तंत्र पर भारी पड़ने के बाद कोरोना ने अब ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी दस्तक दे दी है। राज्य सरकारों ने इस लगातार व्यापक होती महामारी से निपटने के लिए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है साथ ही सामाजिक संगठन एवं संस्थाएं भी कोरोना  से जंग में एक साथ आगे आए हैं। मध्य प्रदेश में लंबे समय से वंचित समुदाय एवं गरीबों के बीच कार्य कर रहे जमीनी संगठन एकता परिषद ने भी संकट की इस घड़ी में प्रशासन के साथ मिलकर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में किल कोरोना अभियान ...

इन्सानियत का फलूदा बनाती सियासत , बिलखते भाई लोग

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भ्रम के भॅंबर मे दम तोड़ती आशा अकांक्षाये  वीरेन्द्र शर्मा  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  विगत कुछ बर्षो मे सियासत का जो चाल चरित्र सियासी गलियारो मे परवान चढ़ा है उससे किसी का भला हो या न हो मगर भाइ्र्र लोग अवश्य बिलखने पर मजबूर दिखाइ्र्र पढ़ते है जिस तरह से आज की सियासत मे इन्सानियत का फलूदा बन रहा है वह किसी से छिपा नही है फिर वह पूर्व सी एम से लेकर बर्तमान सी एम के बीच छिड़ी आरोप प्रत्यारोपो की जंग हो या फिर सत्ता के लिये सियासी संघर्ष हो हर तरफ एक ऐसा भ्रम जाल नजर आता जिससे बैबस अभावग्रस्त आशा अकांक्षा उस भॅंवर मे फस दम तोड़ने पर बिबस नजर आती है जिसे न तो आज न ही कल सराहा जाने बाला है । यह एक कटु सत्य है । अगर किसी भी तंत्र मे आरोप प्रत्यारोप सिर्फ सत्य से इतर भ्रम फैलाने के माध्यम घोषित हो जाये तो फिर सेवा कल्याण का अन्दाजा लगाया जा सकता है अगर लोकतंत्र मे राजा जनता है तो फिर राजा के सामने लोकनीति को लेकर भ्रमजाल क्यो आज यह सबके लिये समझने बाली बात होना चाहिए मगर दुर्भाग्य की आज सियासत का तानाबाना ही कुछ ऐसा बन गया है कि कोई ओर दूसरी तजबीज ही शायद काम नही करती जो लोकत...

तप तमश के संघर्ष में बैहाल समृद्ध जीवन

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पुरूषार्थ से बांझ सामर्थ , समझ के अभाव हुआ अनाथ  अगर स्व कल्याण के आगे , सर्बकल्याण का भाव सुरक्षित नही रहा , तो उन लोगो का भी जीवन समृद्ध खुशहाॅल नही रह पायेगा , जो आज कर्तव्य बिमुख हो स्वयं को भगवान समझ स्वकल्याण मे जुटे है ।  व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म. प्र.  अगर यो कहै कि समुची सृष्ट्र् िमे सुर असुर , सात्विक तामस्कि , तप तमश , शाकाहारी मांसाहारी प्रवर्तियो का समय वे समय बोलबाला रहा है । फिर वह छड़िक हो या फिर दीर्घकालिग रहा हो इतिहास गवाह है । कि कभी किसी ने नैसर्गिक स्वभाव बस किसी की नही मानी परिणाम संघर्षो से सना जीवन मगर इतिहास हमे बताता है कि श्रेष्ठता हमेशा तप और सर्बकल्याण की रही है भले ही स्व कल्याण कितना ही पुरूषार्थी सामर्थय शाली क्यो न रहा हो वह कभी श्रेष्ठता हासिल नही कर सका और स्वयं भू काल्पनिक श्रेष्ठता को ही सर्बोपरि मान स्वयं को श्रेष्ठ निरूपित करता रहा समझाया तो मन्दोदरी ने रावण को कैकसी ने कंस को और कृष्ण ने धृतराष्ट्र् को भी था मगर क्या हुआ तीनो ऐश्वर्य सामर्थ स्व कल्याण के धराशायी हुआ । और आज भी हम ऐसा ही कुछ देखते आ रहै है । ...

रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर कोरोना गाइडलाइन के अनुसार इलाज करें- सीएमएचओ

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  जिले में कार्यरत सभी रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर के साथ शुक्रवार को जूम वीसी के माध्यम बैठक की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ए एल शर्मा ने सभी को कोरोना गाइडलाइन के अनुसार कार्य करने निर्देश दिए गए। उन्हें आवश्यक रूप से पल्स ऑक्सीमीटर एवं थर्मल गन भी रखना है। यह भी निर्देश दिए गए कि पेशेंट के आते ही तत्काल उसे संस्थागत आइसोलेट किया जाए और चिकित्सा अधिकारी को सूचित किया जाए। मरीज की टाइफाइड जांच करा कर अकारण लंबे समय तक अपने इलाज में ना रखें।  सभी को निर्देश दिए हैं कि जिनका ऑक्सीजन लेवल 95 परसेंट से कम आता है उन्हें तत्काल पास के फीवर क्लीनिक में सैंपल टेस्ट करवा कर चिकित्सा अधिकारी के पास भिजवाए। यह भी समझाया गया कि किसी भी कीमत पर स्टेरॉयड का अधिक प्रयोग ना करें एवं जो भी आईवी ड्रिप का प्रयोग करते हैं। यह भी देखें कि उस में फंगस तो नहीं है यदि किसी भी रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर द्वारा स्टेरॉयड का प्रयोग अधिक किया गया अथवा मरीज के साथ कोरोना प्रोटोकॉल का प्रयोग नहीं किया गया तो रजिस्ट्रेशन निरस्त कर उसके खिलाफ कार्यवाही भी संधारित की जाएगी। जूम वीसी को जिला...

प्रबुद्धजनो की आस्था और आधार सर्बकल्याण

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वीर सेना बनेगी समृद्ध जीवन का आधार  मुकेश तिवारी  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  कोरोना काल मे जिस विकट संकट के बीच आम बैबस जीवन जिस तरह से बिलबिलाने पर मजबूर है और युवा भबिष्य और अपने सपने को लेकर बैहाल ऐसे मे वीर सेना ने पहल करते हुये यह विमर्श शुरू कर दिया है कि आम जीवन को कैसै समृद्ध बनाया जाय जिसमे स्वस्थ शसक्त सार्थक समुद्ध जीवन से लेकर सर्बकल्याण का आधार सुनिश्चित हो सके । आशा व्यक्त करते हुये वीर सेना आपेक्षा की है वह जन सामर्थ से इसकी सिद्धि के प्रयास जल्द शुरू करेगी और ऐसे जन मानस को इस महाअभियान से दूर रहने की अपेक्षा की है जिनका विश्वास जीवन मे सर्बकल्याण से इतर स्व कल्याण मे है या स्व कल्याण आग्रही रह जो मानव धर्म के उपेक्षा के आदि रहै है मानव जीवन के भबिष्य पर विश्वास व्यक्त करते हुये जल्द इसकी शुरूआत किये जाने का संकल्प वीर सेना ने लिया है जिसे सृष्टि सिद्धान्त अनुरूप आचरण चरित्र से पोसित करने लक्ष्य सुनिश्चित किया गया है ।    

क्रायसेस के बीच मैनेजमेन्ट , अर्थात आपदा प्रबंधन .....तीरंदाज

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गजब आयडिया के आगे सुल्तान की सोच भी चारो खाने चित  व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  भैया - मने तो आज धन्य हो लिया ऐसा गजब का आयडिया देख बैचारे गौरी महान की रूह भी आज कलफ रही होगी जिसने गायो के झुन्ड को आगे कर म्हारे महान शासक सम्राट प्रथ्वी राज चैहान को बन्दी बना अपनी ही मौत को आमंत्रण दे डाला मगर क्या करे सत्ता का स्वरूप ही ऐसा होता है । वरना एक त्रिलोकी न बन जाता । खैर क्रायसेस के बीच मैनेजमेन्ट की सोच जिसकी भी रही हो आयडिया तो गजब ही कहा जायेगा । क्योकि जमाना जो प्रबन्धन का है सत्ता शासन हो या फिर सामाजिक आर्थिक सियासी सरोकार आजकल हर क्षैत्र मे मुये प्रबंधन का ही सहारा है । कहते गौरी को भी न जाने कितनी बार महान पृथ्वी राज ने अपने बाहुबल से धूल चटाई और एक मर्तवा तो वह गायो के झुन्ड की आढ़ मे बचकर भाग निकला नही तो उसी दिन सुल्तान महान का क्रियाकर्म मैदाने जंग मे हो लिया होता मगर क्या करे भाग्य गददारो का धनी गौरी बच निकला । परिणाम की भारत बर्ष के वीर सपूत को सुल्तान को सुल्तान के सिंहासन पर ही निपटा अपनी बैस कीमती जान अपने श्रेष्ठ सलाहकार चद्रवरदायी के सा...

श्रेष्ठतम समझ सार्थक साथियो के अभाव में अधभुत अवसर गवांती महात्वकांक्षाये और मौजूद पीढ़ी

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सत्ताओ का शाही अंदाज संकुचित सोच , समृद्ध खुशहाॅल जीवन निर्माण मे बड़ी बाधा  व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  महामारियो के महासंकट के बीच आज हम जिस मुकाम पर है वह खेदजनक ही कहा जायेगा कारण न तो सत्ता सक्षम नेतृत्व का लाभ उठा पा रही न ही नेतृत्व सत्ताओ के शाही अंदाज और संकुचित सोच के आगे मौजूद प्रचूर मानवीय संपदा का लाभ उठा मौजूद समस्याओ के समाधान तथा प्रत्याशित लक्ष्यो को पूरा करने उन श्रेष्ठ अवसरो का लाभ उठा अपने पुरूषार्थ सिद्ध कर पा रहा है । निश्चित ही देश बड़ा समस्या अनंत है मगर समाधान तो ढूढ़ना ही होगा जिसकी पूर्ति श्रेष्ठतम समझ व सार्थक सहयोगियो के बिना संभव नही है अफसोस तो यह है कि 7 बर्षो के श्रेष्ठतम समय मे बड़े अप्रत्याशित बदलाब तो हुये मगर वह सार्थक स्थाई परिणाम देने मे अक्षम असफल रहै जो सार्थक हो सकते थे एक से बढ़कर एक निर्णय मगर परिणामो के अभाव ने उन्है शून्य कर दिया सिवाय बाटने बटोरने इकटठा करने के इसका मतलब यह कतई नही कि निर्णय पूर्णतः अक्षम असफल हो गये मगर सत्ता के बाहर बैठे महाकांक्षी और मलाई काटू लोगो के लिये यह किसी को नीचा दिखाने का कारगार हथियार...

मीठा मीठा गपगप , कड़बा कड़बा थू ............. तीरंदाज ?

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गजब ज्ञान से थर्राई बिद्धबतता  व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  भैया - मने तो कायल हो लिया म्हारे माईबापो का क्या गजब ज्ञान पाया है कि कबाडे पर खड़े हो पुरूषकार का ऐलान खुद ठोकने मे जुटे है और मातमपोशी के समय एक दूसरे की पीठ ठोक रहै । है न गजब का ज्ञान की मीठा मीठा गप गप और कड़बा कड़बा थू । पूरे दो महिने से छाती कूटती आबाम , आबाद हुये शमसान और संक्रमण के ढेर पर मरहम लगाने के बजाये मीनारो से बाग देने बाले अब मैदानो की ओर कूच कर चुके है तो सिपहसालार यह घोषणा करने पर तुले है कि सरदारो की मेहनत और कोर कमाण्डर के अदम्य साहस और रणनीत के चलते अब सुल्तान को भी म्हारी  रणनीत भाई है और शाही सैना मे भी यह ऐलान हो कि म्हारे रणबाकुरो ने किस तरह मुये कोरोना को हाथो हाथ धूल चटाई है ।  भैयै - मुये चुप कर आखिर गर किसी ने सुन लिया तो हाथो हाथ कुल नही तो राष्ट्र्द्रोही साबित हो जायेगा विधि विद्धवानो की ऐसी लम्बी चैड़ी फौज तैनात है कि कौन सी कहां लगी गिनती भी नही गिन पायेगा । इसलिये संस्कार ला और या तने माई बापो की पलटन मे शामिल हो जा ऐसे मे इतने पर तो थारी चल जायेगी ...

बगैर फ्रेमबर्क , दरकते जीवन सरोकार , सत्ता पर बड़ा सबाल

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नेकदिल सियासी इन्सान की नेकनीयती भी न बन सकी समृद्ध , कंटक मुक्त जीवन की ढाल  वीरेन्द्र शर्मा  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  सत्ता के अहंकार मे जबानी जमा खर्च पर समाधान का सिलसिला कहां जा रूकेगा थमेगा भले ही आज सुनिश्चित न हो मगर जिस तरह से बगैर फ्रेम बर्क के , प्रमाणिकता के अभाव मे जीवन सरोकार दरक दम तोड़ने पर बैबस मजबूर नजर आते है ऐसे मे सत्ता की निष्ठा पर सबाल उठना लाजमी है मगर अफसोस की यह सब कुछ उस नेकदिल इन्सान के राज मे हो रहा है जिसकी नेकनीयती भी अब कंटक मुक्त , समृद्ध जीवन की ढाल बनने मे स्वयं को अक्षम सिद्ध पा रही है । हर समस्या जीवन की जरूरत का समाधान जब जबानी जमा खर्च मे होने लगे और कोई भी सार्वजनिक सलाह मशविरे पर बगैर पूर्व तैयारी के सुप्रीम समाधान निकाल लोगो के आगे परोसा जाने लगे तथा समाधान के अभाव मे किसी सबाल का उत्तर देने के बजाय खबरो मे खबर के माध्यम से काउंटर किया जाने लगे ऐसे जीवन के सरोकारो का कलफना बिलखना बाजिब है ।  निश्चित रूप से म.प्र. के मुख्यमंत्री एक नेक दिल इन्सान है मगर वह एक परिपक्व सियासी इन्सान भी है वह व्यवहारिक जीवन मे जितने सरल सु...

सीएमएचओ ने मरीजों को पौधे देकर किया घर रवाना

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जिला चिकित्सालय से प्रतिदिन कई मरीज कोरोना को हराकर स्वस्थ हो रहे हैं। आज भी कई मरीज स्वस्थ होकर जिला चिकित्सालय से डिस्चार्ज हुए।पिछले कई दिनों से जो मरीज आईसीयू में भर्ती थे अब वह स्वस्थ हो गए हैं और आज उन्हें डिस्चार्ज किया गया। आज जिला चिकित्सालय से सुकीर्ति त्रिपाठी, दिनेश सिंह जाटव, संतान सिंह यादव, राजकुमार शर्मा, मरदान सिंंह ठाकुर और कमलेश परमार सहित कुल 6 मरीज डिस्चार्ज हुये।   मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ ए एल शर्मा ने स्वस्थ होकर जा रहे मरीजों को पौधा देकर उनके घर के लिए रवाना किया। मरीजों के परिजनों ने भी अस्पताल के चिकित्सकों एवं उनकी देखभाल कर रहे अन्य स्टाफ की प्रशंसा की और आभार व्यक्त किया

कोरोना का कलंक मिटाने कमाण्डरो को मिला फ्रीहेन्ड

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  शील सप्लाई के साथ ट्र्ेसिग , टेस्टिंग ,ट्र्ीटमेंट , पर जोर  प्रधान मंत्री का 734 जिला कलेक्टरो से सीधा संवाद   वीरेन्द्र शर्मा  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  कोरोना की दूसरी लहर मे बिगड़े हालातो के मददेनजर देश के प्रधानमंत्री ने कोरोना के खात्मे के लिये अपने कमाण्डर अर्थात लगभग देश के 734 जिलो के कलेक्टरो से सीधा संवाद कर शील सप्लाई के साथ ट्र्ेसिंग , टेस्टिंग , ट्र्ीटमेंट के फाॅर मूले पर जोर दिया सिपहसालारो से इतर प्रधानमंत्री ने कमाण्डरो पर विश्वास जाहिर करते हुये उम्मीद जाहिर की अगर काम ठीक से हुआ तो परिणाम जल्द ही सार्थक होगे उन्होने फ्रीहेन्ड देते हुये कहा कि आप मेरी ओर से स्वतंत्र है आप जैसा करना चाहै कर सकते है मगर आम लोगो को कष्ट न हो सप्लाई लाइन प्रभावी रूप से कार्य करती रहे यह सुनिश्चित होना चाहिए । सुप्रीम कमाण्डर से मिले आदेश निर्देशो के मददेनजर अब स्थानीय कमाण्डरो की नई रणनीत कोरोना के सफाये को लेकर क्या होगी यह तो आने बाला समय ही तय करेगा मगर अब इतना तो तय है कि कोरोना की कमर यथासंभव टूटने बाली है । प्रधान मंत्री के इस कदम के मददेनजर स्वराज ने प्...

बगैर कफन , जिन्दा दफन के खौफ मे जीवन .........? तीरंदाज

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हुक्मरानो का हुक्म सर माथे , सकारात्मकता का मूल्य चुकाती काठी  व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  भैया - अब म्हारे माई बाप म्हारे से कै कहना और म्हारी काठी के साथ कै करना चाहै एक तो पहले ही कोरोना महान के श्राफ से शिकार कर काठी पहले ही पी. पी. ई. किट मे ले जा धुनकाई जा रही है कही लकड़ी गैस तो कही इलेक्ट्र्कि भटटी तो कही सीधे ही नदी मे बहाई जा रही है संक्रमण के बीच न नसीब होने बाले संसाधनो का ऐसा खौफ की म्हारी काठी तो बगैर कफन के ही दफन होने बदबदा रही है सच बोल्यू तो भाया पहले तो रोटी रोजगार शिक्षा चिकित्सा सेवा के ही लाले थे जब से मुये कोरोना दस्तक दी है तब से न तो कोई भुगतान न ही कोई काम न ही भी न ही सस्ते राशन के बैग म्हारे को मिलने बाले है जैसै तैसै हवा खाकर प्रदुसित पानी प्रकति से प्राप्त कर जिन्दा रह जीवन का बौझ ढो रहै थे सुना है अब हुक्मरानो का स्वयं जनता की आवाज उनके आग्रह पर हुक्म हुआ है कि 30 मई तक और घरो मे ही बन्द रहना है क्योकि जो संक्रमण म्हारे जैसै लोगो ने गाॅब गली तक पहुॅचाया है उसे न जाने कितने प्रतिशत तक पहुॅचाना है तभी दाल रोटी का जुगाड़ जम...

माॅंगने बांटने की संस्कृति मे पुरूषार्थ हुआ बाॅंझ

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बंटाढार पर मरहम की बजाये दिखाउ मातमपोशी  तर्क कुतर्क के पीछे छिपता सामर्थ  व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  कोरोना से कराहते जान गबांते जीवन के बीच तर्क कुतर्क की आढ़ मे छिपता सामर्थ भले ही लोगो को इस कोरोना महामारी के पंजो से बचाने मे अक्षम असफल रहा हो और कारगार मरहम के बजाये दिखाउ मातमपोशी मे जुटा हो मगर इस बीच जिस तरह से मांगने बांटने की संस्कृति के बीच पुरूषार्थ का सत्यानाश हो वह बांझ हुआ है वह हर उस पुरूषार्थी कौम के लिये शर्मनाक दर्दनाक हो सकता है जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी अपने सामर्थ पुरूषार्थ पर गर्व और गौरव रहा हेै । मगर यहां यक्ष सबाल यह है कि अगर सत्ता शासन या शासक से कोई चूक होती है तो क्या उसके लिये आमजन को जबाबदेह ठहराना उचित है अगर आमजन इतना ही जागरूक जबाबदेह होता तो फिर सत्ता शासन शासको की क्या आवश्कता होती ? अगर हम इतिहास को देखे तो शासक को अपनी चूक की बड़ी कीमत जान गबां कर चुकानी पढ़ती थी जब जनता तो शासन जिसका भी रहै जो जैसै रखता था वह बैसै ही जी लेती थी जिन शासको ने जन कल्याण सर्बोपरि रखा वह लम्बे समय चले फिर वह कितने क्रूर शोषक पोशक रहै हो और जिन ...

सार्थक समाधान मे सभी को सुनना , सत्ताओ का धर्म

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सर्बकल्याण मे ओछा स्वार्थवत ,सियासी विरोध शर्मनाक  सियासी मसूबो के आगे श्रेष्ठ , सज्जन , प्रबुधजनो का तिरस्कार संकट का मूल कारण  शोध , संसाधन , सील , सप्लाई पर काम हुआ होता तो आज यह दिन देश को न देखना पड़ता  आज भी लाखो संक्रमित हजारो जाने जा चुकी है  व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  भले ही देश मे जनवरी तक दो सौ सौलह करोड़ डोज उपलव्ध होने की बात हो चुकी हो मगर संक्रमण और मृत्यु दर मे कोई बड़ी गिरावट का दर्ज न होना निश्चित ही बड़ी चिन्ता का बिषय है मगर जिस तरह से शोध , संसाधन , शील , सप्लाई के सार्थक सिद्धान्त की शुरू से ही अनदेखी हुई उसी का परिणाम है कि देश को आज यह दुरदिन देखने पढ़ रहै है अगर शुरू से अनजाने मे ही सही मैकाले सिद्धांत मे शिक्षित प्रशिक्षित सिस्टम के साथ व्यवहारिक ज्ञान समझ रखने बालो की टीम सियासी समझ से इतर लगायी होती तो आज बगैर किसी अपराध के देश की जगहसाई न होती मगर जिस शर्मनाक आचरण का प्रदर्शन विरोध के नाम देखने सुनने देश बासियो को मिल रहा है वह बड़ा ही दर्दनाक है कि लोग कोरोना से तड़फ तड़फ कर मर रहै है लाखो की संख्या मे हर रोज संक्रमित ...

जरूरत मुझे बताये , जबाबदेही निष्ठा से निभाये , सिंधिया

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स्वास्थ के साथ साफ सफाई और भोजन का रखे ख्याल  वीरेन्द्र शर्मा  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.   म.प्र. शासन की मंत्री श्री मंत यसोधरा राजे ने अपनी नियमित समीक्षा बैठक मे अधिकारियो को निर्देश देते हुये कहा कि आप अपनी जरूरत मुझे बताये मगर जबाबदेही पूरी निष्ठा के साथ निभाये उन्होने कहा कि मरीजो की बैहतर देखभाल के साथ उनके भोजन की गुणवत्ता के साथ साफ सफाई का बिशेष खयाल रखा जाये साथ ही सी. सी. टी. वी. कैमरो के साथ जल्द कन्ट्र्ोल रूम की शुरूआत की जाये जिससे परिजन अपने मरीज का हाॅल जान सके । उन्होने संसाधनो की उपलव्धता सुनिश्चित कर व्यवस्था दुरूस्त करने के भी निर्देश दिये । 

गौरी ज्ञान के अभाव में मौतो का ताण्डव , मानवता हुई बैहाल

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जीवन की सैद्धान्तिक शिक्षा मे उलझे मानव के प्राण  कोसिशो की पराकाष्ठा पर भी , नही मिलेगा समाधान  व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  देखा जाय तो आज गौरी ज्ञान के अभाव मे जो मौत का ताण्डव हमारे बीच कोरोना के रूप मे चल रहा है उससे मानवता भले ही बैहाॅल हो मगर सत्ता सियासत की सैहत पर कोई बहुत बड़ा फर्क पढ़ा हो ऐसा भी नही फिर फर्क पढ़े भी क्यो ? जब उसके संस्कार मे जीवन के मायने का समाधान ही सैद्धांतिक हो और व्यवहार से दूर दूर तक का बास्ता न हो ऐसे मे मानव जीवन का विभिन्न समस्याओ मे उलझना स्वभाविक है और उसके प्राणो का संरक्षण मुश्किल ऐसे मे अगर कोसिशो की पराकाष्ठा भी हो जाये तो भी समाधान का मिल पाना मुश्किल ही नही न मुमकिन ही होगा । कारण आज कोरोना कहर के बीच सबसे बड़ी उम्मीद आमजन को अपनी कार्यपालिका से है कि वह उसके प्राण कोरोना से बचाने मे उसकी मदद करेगी क्योकि वह पीढ़ी दर पीढ़ी अपने गाढ़े कमाई के नोट और वोट से इसे संरक्षित संबर्धित करती आयी है जिस संबिधान को उसने अंगीकार किया है उसमे लिखित हर उस भाग का बगैर पढ़े ही पालन करती आयी है । जिसमे मानव जीवन लेने से लेकर मृत्यु त...

मैदाने जंग का हाॅल जानने भोपाल , महाकौशल , रेवांचल के बाद ग्वालियर चंबल पहुॅचेगे मुखिया , कोरोना कहर जारी

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सिस्टम समन्वय के अभाव मे दम तोड़ता सेवा कल्याण  वीरेन्द्र शर्मा  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  वीडियो कान्फ्रेस वैवीनार के बाद अब जमीनी हाॅल जानने मुखिया भोपाल , महाकौशल , रेवांचल , के बाद अब संभवता ग्वालियर चंबल पहुॅने बाले है कोरोना के खिलाफ छिड़े घमासान के बाद सम्भवतः यह पहला मौका होगा जब स्वयं मुखिया बगैर लावोलश्कर के मैदाने जंग का जायजा लेगे अब जंग मे मोर्चा सम्हाले सिपहसालारो , सरदारो को नये दिशा निर्देश होगे फिलहाॅल देखने बाली बात होगी । अगर खबर सौआने सच है तो मुखिया के इस मौका मुआयना का मुख्य मकसद व्यवस्थाओ को और कारगार बना सरदार सिपहसालारो की पीठ थपथपाना है जो विगत दिनो से कोरोना के खिलाफ मोर्चा सम्हाले हुये है । मगर कोरोना की बढ़ती ताकत से जहां आमजन मे खलबली मची हुई हे तो वही घटती संक्रमण की संख्या भी सरदर्द बनी हुई है जिस तरह की संभावना देखी जा रही है कि तीसरी लहर भी आ सकती है । उसको लेकर लोग कुछ ज्यादा ही चिन्तित है मगर जिस तरह से तीसरी लहर से निबटने के दाबे है वह दुरूस्त हो सकते है । मगर सिस्टम समन्वय के जुदा स्वभाव से समाधान कितना संभव होगा देखने बाली बात हो...

भांड़ , भड़वा , पशु , पिचाश संस्कृति में मानवता हुई शर्मसार ...........................तीरंदाज ?

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व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  भैया - तने ये कै बोल रिया शै , बौराये माहौल में मुये , सारे पत्ते खोल रिया शै , कै थारे को म्हारे माईबापो का जरा सा भी खौप नही , और दफन कफन को तरसती म्हारी महान संस्कृति पर कोई शौक नही  , म्हारे को तो लागे तने भी म्हारे महान किसानो की तरह ठान चुका है  और थारी महान काठी को भी किसी पैड़ पर प्रतिष्ठापित करने का मन बना चुका है जो अब सरेयाम गड़े मुर्दे उखाड़ रहा है और बैबजह ही कोरोना पर कोहराम मचा रहा हे । कै थारे को मालूम कोणी कोरोना का भयंकर कहर चल रहा है और संक्रमण का आंकड़ा फैलने के बजाय सिकुड़ रहा है । अब तो बैसै भी दोनो हाथो से लुट रहा है आॅक्सीजन से लेकर दवा इन्जेक्शन पर्याप्त बैड बैन्टिलेटर सब कुछ तो मिल रहा है फिर भी थारी राख ठन्डी होने का नाम नही ले रही थारी चिता को ठंडा करने गैस भटटी , इलेक्ट्र्कि मशीन , लकड़ी कंडे सभी तो जल रहै है अब शमशान मे भी सी. सी. टी. वी. कैमरे लग चुके है फिर भी तने अर्र बर्र बोल रिया शै कै थारे को इतना महान संकट नही दिख रिया शै मुये सब कुछ बन्द कर कोरोना कोरोना चल रहा है कैसै चैन टूटे इसके लिये अब स...

त्याग की साख पर कलंक , निष्ठा बनी बड़ी बाधा

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नही दे सके सिपहसालार सार्थक परिणाम  फिर से मुश्किल मे महान देश  व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  जरा सी चूक मे काबू कोरोना ने जिस तरह से देश मे कहर बरपा रखा है इसकी जबाबदेही से बचना उतना ही मुश्किल है जितना आज कोरोना के कहर से आम जीवन का अब यह बीमारी क्या है या आने बाली बीमारियाॅ क्या होगी इसके मूल कारण क्या है यह अलग बात है मगर फिलहाॅल पैर पसार चुका कोरोना या उसके आगे की बीमारियाॅ क्या होगी यह भी चर्चा का बिषय हो सकता है मगर इतना तो तय है कि कोरोना को भी आज नही तो कल इस महान देश से जाना ही होगा और आने बाली अन्य बीमारियो के प्रति सचेत हो आगे के कदमो को उठाना होगा ।  मगर सबसे बड़ी बाॅधा तो यह है कि यह होगा कैसै करेगा कौन अभी तक जो हुआ या राष्ट्र्हित किया गया मानो सबका सब पानी मे जाता दिखाई पढ़ता है फिर वह स्वच्छता से लेकर जनधन , बीमा , मुद्राकोष , ग्रीन इण्डिया , स्र्टाटव , मैकइन इण्डिया , जल जीवन मिशन , प्रधानमंत्री आवास , प्रधानमंत्री सड़क , फाॅर लैन इण्डिया , आतंक खून खराबा मुक्त इण्डिया , सुरक्षित इण्डिया , शसक्त इण्डिया , शिक्षित इण्डिया , समृद्ध इण्...

सिंधिया की पहल पर संवाद सेतु शुरू , आयुक्त ने की बात

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परिजन वीडियो काॅल पर सीधे कर सकेगे मरीज से बात  वीरेन्द्र शर्मा  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  कोविड वार्ड मे चिकित्सा लाभ ले रहै मरीजो से परिजन अब सीधे वीडियो काॅल पर बात कर मरीज का हाॅल जान सकेगे उक्त सेवा की शुरूआत म.प्र. शासन की मंत्री श्रीमंत यसोधरा राजे सिंधिया द्वारा दिये गये निर्देशो के तहत की गई है जिसकी पुष्टि ग्वालियर आयुक्त द्वारा वीडियो काॅल पर बात कर हुई अब परिजनो को अपने मरीज का हाॅल जानने परेशान नही होना पढ़ेगा संवाद सेतु हेल्प डेस्क की शुरूआत के मौके पर सी. एच. एम. ओ. डाॅ. अर्जुन लाल ने कहा कि माननीय मंत्री जी के निर्देश थे कि हर परिजन को अपने मरीज की चिन्ता होती है ऐसे मे संक्रमण का खतरा अधिक होता है इसलिये कुछ ऐसी व्यवस्था कि जाये जिससे मरीज के परिजनो को परेशान न होना पढ़े इसी तारतम्य मे यह सेवा शुरू की गई है ।  तो वही आज श्रीमंत सिंधिया ने वैवीनार बैठक मे मेडीकल काॅलेज के अधिष्ठाता से कहा की वह स्टाॅफ की कमी को पूरा करने भर्ती प्रक्रिया का तेज करे और जल्द ही 100 बैड के अतिरिक्त आॅक्सीजन कन्सट्र्ेटर सहित एक नये वार्ड की जगह चिन्हित करे जिससे उसको ...

सत्य को न स्वीकार , स्वयं को बड़ा सेवक घोषित करने की चाहत इतिहास मे घातक सिद्ध हुई है

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  समझ , संसाधनो के अभाव मे कलंकित होता सेवा कल्याण   व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  कोरोना की दूसरी लहर या कोरोना कहर के बीच मानवता जिस तरह दम तोड़ने पर बैबस मजबूर हो चुकी है यह अब किसी से छिपा नही अब कोरोना पर लोग कुछ कहै या चुप रहै मगर सच से मुॅह छिपाना मानव जीवन मे जघन्य अपराध ही कहा जायेगा बढ़ती संक्रमितो की फौज और बैभाव मरते लोग इस स्थति के लिये कितने जिम्मेदार है या थे यह तो अब प्रभु ही जाने मगर उनका दोष सिर्फ यह कहा जा सकता है कि वह समझ ही नही सके की कोरोना के रूप विचरण करते किस दैत्य से उन्है स्वयं ही जूझना पढ़ेगा जिसकी भयाभयता के बारे मे वह ठीक से समझ ही नही पाये थे । और कोरोना की पहली लहर के बाद वह निशफिकर हो चुके और जाने अनजाने उनसे वही चूक हुई जो नही होनी थी परिणाम की कोरोना ने बगैर चूक किये कहर बरपाना शुरू कर दिया और लाशो के ढेर के साथ ही संक्रमण के अंबार लगना शुरू हो गये न लोगो को ठीक से चिकित्सा सेवा न दवा न ही जीवन रक्षक संसाधन समय से मुहैया हो सके अब जब व्यवस्था जागी है तब लगता है कि अब शायद इतनी देर हो चुकी है की समेटने से पहले तीसर...

ठगो की बस्ती मे रेतमाल की दुकान.............तीरंदाज ?

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व्ही. एस. भुल्ले   विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  भैया - अब ठीक है ठगो के बीच मने भी रोजगार पा लिया और रेतमाल के मरहम से मने भी म्हारा फूटा भाग्य चमका लिया म्हारे को तो विश्वास ही नही की ठगो की बस्ती मे मने भी रोजगार पा जायेगा और हाथो हाथ कुबेर पति बनने  म्हारा धन्धा भी रातो रात चमक जायेगा या फिर ठगो की बस्ती मे म्हारा हण्डा कुण्डा भी बै भाव बिच जायेगा आखिर थारा मगज कै बोले । कै मने ठीक किया और चमकता धंधा सही बस्ती मे खोल लिया ।  भैयै - तने फिर म्हारा मगज खाने आ गिया कै थारे को कोरोना महान का कहर नही दिख रहा जो तने कर्फयू मे भी बिचरने निकल पढ़ा कै थारे को मालूम कोणी कोरोना महान के राज मे गाॅब गली ही नही नगर शहरो मे फुल डाउन चल रहा है कोरोना से गुस्ताखी करने बाले या उसकी अनदेखी करने बाले किसी न किसी एक का हर रोज जनाजा उठ रहा है और दवा , अर्थी शामग्री का बाजार खूब फलफूल रहा हेै । भैया - मने भी चेहरे पर ग्लास सहित डबल मास्क लगाया है और हाथो का सेनेट्र्ाइज कर सेनेट्र्ाइजर को गमछे मे फसा साथ लाया हुॅ फिर शाॅसल डिस्टेन्थ भी तो कोई चीज हौबे मने थोड़े ही कोरोना प्रोटोकाॅल का...