सेवा सुविधा के नाम मनमाने ढंग से धन उगाही अड्डे बनते एन.एच.आई टोल सत्ता के अहंकार में कलफती सेवा, सुविधा, लोकतंत्र
वीरेन्द्र शर्मा विलेज टाइम्स समाचार सेवा। देश में सेवा, सुविधा, जनकल्याण यूं तो इतना बड़ा ब्लैक हाॅल है। जनधन को ठिये ठिकाने लगाने का जिसका दुरूपयोग सत्तायें राष्ट्र-जन हित के नाम जब-तब करती रही है। मगर मनमाने निर्णयों की आड़ में प्रकाशित कुछ गजट नोटिफिकेशनों पर नजर डाले जो साफ हो जाता है कि जनसेवा, सुविधा के नाम कैसे लोकतांत्रिक मूल्यों की व आमजन के अधिकारों की हत्या होती है वह एन.एच.ए.आई द्वारा निर्मित सड़कों और उन पर बने टोल टेक्स पर आय दिन देखी जा सकती है। भले ही एन.एच.एच.आई द्वारा स्वयं के खर्चे या पी.पी मोड पर सड़कों का निर्माण देश भर में किया जा रहा हो। अभी हालिया मामला आगरा-मुम्बई राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 3 पर बने टोल टेक्सों पर देखा जा सकता है। लगभग 300 कि.मी. लम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग पर 5 टोल है। जहां रात्रि मेे सम्भ्रान्त लोगों की यात्रा बाधित कर उन्हें अभद्र भाषा शैली से अपमानित करने से लोग नहीं चूकते। उदाहरण बतौर कई टोलो के कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस प्रकरण तक दर्ज मारपीट के मामले सामने आये है। उल्लेखनीय बात तो यह है कि जो सुविधायें सड़क निर्माण प्रोजक्ट में सन्नहित है...