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Showing posts from August, 2021

समृद्ध जन जीवन के संदेश को धिक्कारता सभ्य समाज

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ज्ञान विज्ञान की वेदी पर समृद्धि का अनुष्ठान  बिलबिलाते जीवन को कर्मवीरो की तलाश  श्रेष्ठ जन जीवन की रक्षा सज्जन शूरवीरो का धर्म  व्ही.एस. भुल्ले  30 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा  प्रभु आपने जो स्वयं जो संदेश जन जीवन को दिया शायद लोग उसे बिसराते जा रहै है मगर जन जीवन को समृद्ध बनाने ज्ञान विज्ञान की वेदी पर जिस तरह के अनुष्ठान जन जीवन को सृमद्ध बनाने चल रहै है और जन जीवन जिस तरह से बैहाल है कि बिलबिलाते जीवन को अब कर्मवीरो से ही कुछ आस है यू तो अनादिकाल से ही श्रेष्ठ जन जीवन की रक्षा का भार शूरवीरो पर रहा है जिसे अपना श्रेष्ठ धर्म कर्म मान उन्होने अपने बहुमूल्य प्राणो की चिन्ता किये बगैर अपने अपने कर्म और धर्म का पालन किया । मगर आज जब 21बी सदी के सामर्थ पुरूषार्थ से भरे शूरवीरो की बात करे तो परिणाम उतने सुखद प्रमाणिक नही रहै कारण जीवन के मूल को छोड़ समृद्धि की तलाश । आज आपका जन्मदिन है और जान से प्रिय गौवंश का जीवन जन की उपेक्षा का शिकार मगर बिलबिलाते जीवन को आज भी यह भान नही कि उसकी मुफलिसी के पीछे के असली कारण क्या है । मगर है प्रभु सज्जनो की इस निष्ठा और ...

सत्ता अभियानो की जंग में कूदे सिस्टम समाधान

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विधान के संरक्षण के बाबजूद मानव जीवन हुआ हलाकान   वीरेन्द्र शर्मा  28 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  अगर यो कहै की विधान संरक्षण के बाबजूद मानव जीवन की मूल आत्मा जिस तरह से लहुलुहान हो हलाकान हो रही वह भी सेवा कल्याण के नाम तो ऐसी स्थिति को मानव जीवन मे सुखद नही कहा जा सकता न ही इसे मानव धर्म रक्षा मे पुरूषार्थ मगर यह सब आज की स्थति सत्ता अभियानो के लिये एक अचूक अस्त्र साबित हो रहा है और इसिलिये सत्ता को लालाहित लोग विधान की परवाह किये बगैर सिस्टम समाधान का दुरूपयोग कर एक ऐसी स्थिति बना देना चाहते है जिससे सिर्फ और सिर्फ सत्ता का तो कल्याण हो मगर सत्ता सिहासन तक पहुॅचाने बाले सिर्फ एक माध्यम सेवा कल्याण से जुड़ी कई संस्थाये आज अपने ही अस्तित्व को लेकर स्वयं पर सबाल करती होगी कि क्या उनका मूल कर्तव्य अब यही बचा है क्या उनका सेवा कल्याण मे अब कोई बजूद शेष नही रहा जो बैठक और अभियानो का भाग बन अपने मूल दायित्वो से इतर होते जा रहै है मगर सत्ता अभियानो या स्वार्थ अभियानो का इससे क्या लेना देना उन्है सिर्फ सत्ता और सत्ता ही सबसे बड़ा सेवा कल्याण है भगवान ऐसी लोगो क...

21सबी सदी और जन जीवन की र्दुगति विकास हुआ धड़ाम

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जीवन की बिगड़ी चाल और मातहत हुये बैलगाम  वीरेन्द्र शर्मा  28 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  ग्वालियर म.प्र. - गत दिनो आई आपदा का हवाई निरीक्षण हुआ जमीनी आसमानी दौरे हुये राहत के ऐलान के साथ कुछ राशन तो कुछ को नगद राशि भी नसीब हुई अगर कुछ न हो सका तो वह र्निबाध जीवन का यथोचित संचालन जो बारिस की आपदा बाढ़ के चलते तेहसनेस हो लिया न तो सुगम आबागमन हो सका न ही उस युद्ध स्तर पर जीवन को संचालित करने बाले उपक्रम जिससे जीवन फिर से रफतार पकड़ सामान्य स्थिति मे आ पाता न ही 21 बी सदी जैसी वह तत्परता जो जीवन का सहारा बन शेष समय को सुगम बना पाती यह सही है कि जो बिनाश लीली लगातार हुई बारिस ने की है उसके जख्म भरने मे समय तो लगेगा मगर जिस युद्ध स्तर पर शुरूआत होनी थी वह नही हो सकी और आम प्रभाबित जीवन सहित अन्य शेष जीवन भी प्रभावित हो रहा है जो आज के संसाधन संकल्प शक्ति पर कलंक ही कहा जायेगा अगर हम वृहत पुलो के विनास को भूल भी जाये तो जीवन प्रक्रिया को सुगम बनाने बाले कार्य तक शुरू नही हो सके फिर वह चाहै फसल सर्वे कार्य हो या फिर बारिस से छदविछद सड़के हो या फिर बिजली पानी राशन सप्ला...

सजृन सिद्धांत की अनदेखी मानव की बढ़ी भूल

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  जीवन में कर्म की सिद्धता ही जीवन का अर्थ  व्ही. एस. भुल्ले  23 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  कहते है सृष्टि मे हर जीवन के लिये सृजन सिद्धांत ही वह धुरी है जहां कर्म की सिद्धता और जीवन का अर्थ सिद्ध होता है जो मानव जीवन ही नही हर जीवन की प्रमाणिकता सिद्ध करने मे सक्षम सफल रहता है बात साधारण और असाधारण भी अन्तर सिर्फ समझ और सोच के साथ उस ज्ञान का है जो जीवन का सारथी बन उस जीवन को शूरवीर बनाता है या फिर सिपाही फिर क्षैत्र जो भी हो । आजकल हमारे लोकतंत्र मे स्वयं या समूहगत श्रेष्ठ और सफल बन सत्ता सियासत मे छा जाने का जो सिद्धांत चल निकला है वह फौरी तौर पर भले ही सफल सिद्ध लगे और लोग इस सफलता सिद्धता पर गर्व कर स्वयं को गौरान्वित भी मेहसूस कर सकते है मगर यह जीवन खासकर मानव जीवन की कृतज्ञता का सम्पूर्ण सच नही यू तो लोकतंत्र मे सत्ता का आधार बहुमत होता है मगर जिस अन्दाज मे बहुमत का आधार दलगत होता जा रहा है वह किसी से छिपा नही जो लोकतंत्र की परिकल्पना पर ही सबाल करता नजर आता है । कुछ बर्षो का लेखाजोखा अगर हम ले तो पायेगे की सत्ता मे है विपक्ष का धर्म किसी भी कीम...

जन जीवन सरोकार , सृजन को चुनौती देता सामथ्र्य

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सर्बकल्याण हुआ अनाथ , श्रेष्ठजनो से पुरूषार्थ की दरकार संघर्ष आदि अनंत है मगर समृद्ध श्रेष्ठ जीवन सीमित  व्ही. एस. भुल्ले  22 अगस्त 21 आज रक्षा बंधन है अर्थात सृजन की श्रेष्ठतम कृति , संस्कार उस महान संस्कृति का दिन है जो श्रेष्ठजनो को मात्र शक्ति की रक्षा उसके मान स्वाभिमान को संरक्षित संबर्धित करने संकल्प समर्पण का दिन है यह आज के परिवेश मे इसलिये भी अहम है क्योकि आज मात्र शक्ति का मान सम्मान ही नही समुचा जन जीवन संकट ग्रस्त हो समृद्ध खुशहाॅल जीवन के लिये संघर्षरत है कारण ज्ञान सृजन से अनभिज्ञ वह भ्रमित सामथ्र्य जो अपनी समझ अनुसार जन जीवन को समृद्ध खुशहाॅल बनाना चाहते न कि जीवन सृजन सिद्धान्त व्यवहार अनुरूप यह व्याधा कोई सीमित भूभाग पर हो या उसका दायरा सीमित हो ऐसा नही बल्कि समुचे जन जीवन से सरोकार रखने बाले हर उस सामथ्र्य के बीच घर कर गया है जिन्होने अपनी श्रेष्ठता पुरूषार्थ से उस सामर्थ को प्राप्त क्या किया जिसका धर्म कर्म सृजन जीवन मे सिर्फ और सिर्फ सर्बकल्याण हो सकता न की स्व कल्याण या फिर स्व, प्रियजनो का कल्याण यही सृजन मे जीवन का श्रेष्ठ सत्य है मगर इस सच से आज असहमति...

बिखरते ,सपने विश्वास खोती साख संकट मे जन , जीवन

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  केन्द्र से सीख ले राज्यो की सरकार विधि का उपहास उड़ाते समाधान , दर्द बना नासूर  वीरेन्द्र शर्मा  21 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  सेवा कल्याण को लेकर जन जीवन के बीच जो विश्वास का संकट खड़ा हो रहा है निश्चित ही उसके चलते आम सपने बिखरना तय है क्योकि जन जीवन के बीच जिस तरह से सेवा कल्याण की साख टूटी है उसने जन जीवन को हताश ही नही निराश भी किया है मगर साख है जो शर्म लेने का नाम ही नही लेती कारण साफ है जिस तरह से जबाबदेही के अभाव मे विधि का माखौल उड़ाने का दौर सर छिपाने सेवा कल्याण मे शुरू हुआ है अब वह किसी से छिपा नही रहा जो सत्य भी है और साख डूबने का प्रमाण भी मगर दुर्भाग्य की अभी भी ऐसे ऐसे कारण गिनाये जाते है जिन्ह देख सुन शर्म भी चुल्लू भर पानी में डूब मरे मगर जीते जागते कुछ जीवन जबाबदेह लोग आज भी इस सच्चाई से अनिभिज्ञ ही रहना चाहते है । अब इसके पीछे की बैबसी मजबूरी क्या है यह तो वही जाने मगर इस रेलम पैल मे उस निरपराध जीवन का डूबना तय है जिसने विधि मे अपनी गहरी आस्था व्यक्त कर अंगीकार किया कोई संगीन अपराध नही यह बात हर उस जबाबदेह के संज्ञान मे होना चाहिए ज...

डूबते जहाज को बचाने जुटे श्री मंत सिंधिया

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41 तक पहुॅचा नई उड़ानो का आकड़ा  वीरेन्द्र शर्मा  20 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार म.प्र.  म.प्र. भले ही सिंधिया हालिया निवाड़ मालवा का रैली कर लौटे हो मगर जिस रफतार से वह केन्द्र में मिली जबाबदेही के चलते उडडयन मंत्रालय को नई नई हवाई सेवाओ के माध्यम से नई उडान देने मे लगे है इसका भबिष्य क्या होगा यह आने बाला समय ही तय करेगा मगर नई उड़ानो को जिस तरह से नई उचाई मिल रही है अगर रफतार यही रही तो डूबने बाला जहाज कहा जाने बाला यह मंत्रालय अवश्य किनारे लग जायेगा क्योकि नई नई उड़ानो का जिस गर्म जोसी से स्वागत हो रहा है और लोगो का रूझान हवाई यात्राओ की ओर बढ़ रहा है उस पर सिर्फ इतना ही कहा जा सकता है कि अगर बर्तमान ठीक रहा तो निश्चित ही भबिष्य भी सुनहरा रहने बाला है ।  

सेवा सुशासन की छबि धूमिल करती आपदाये

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शांत सुस्ंकृत शहर मे सेवाओ की बाढ़  इतिहास रचती कृतज्ञता  वीरेन्द्र शर्मा  20 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  म.प्र. के शिवपुरी शहर मे सेवाओ की बाढ़ से सुशासन भले ही कृतज्ञ न हुआ हो मगर शांत सुस्कृत आवाम अवश्य वाह वाह कर रही है फिर चाहै वह संचार सेवाओ का मामला हो या फिर पेयजल बिजली की निरंतर सप्लाई का मामला हो जिसमे शहर को जिस तरह साफ सुन्दर रखने मे कृतज्ञता दिन रात एक किये हुये वह देखने लायक ही नही सराहनीय भी है घर घर से कचरा एकत्री करण समय पर शुद्ध पेयजल और दिन रात समुचे शहर को रोशन करने बाली बिजली की निरंतर सत्लाई तथा बिजली सेवा मे जुटे महकमे की सत्कार पूर्ण व्यवहार की चर्चाये आम हो यह शहर के सौभाग्य की ही बात है कि कैसी भी बारिस आधी तूफान क्यो न आये मगर सप्लाई निरंतर बनी रहती है यह उस निष्ठा पूर्ण कृर्तव्य निर्वहन का कमाल है जिसे करने बैचारे मातहत दिन रात जुटे रहते है इतना ही नही जहां तक आम शिकायतो का सबाल है तो बर्षो से निरंतर चल रही जनसुनबाई ने तो अपनी निरंतरता के चलते मानो सारे रिकार्ड ही धरासायी कर दिये अगर कम शब्दो मे कहै तो विगत बर्ष से गाॅब गली मे ...

म.प्र. मे बड़ी , बड़े निवेश , रोजगार की सम्भावना

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अंगीकार लोकतंत्र मे बैरोजगारो को बढ़े अवसर  युवाओ में खुशी की लहर , बड़े ब्रान्डो पर मड़राया संकट  वीरेन्द्र शर्मा  19 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  म.प्र. - जब से म.प्र. मे बड़े निवेश की सुगबुहाहट शुरू हुई तब से प्रदेश के युवाओ की बांछे खिल हुई है अंगीकार लोकतंत्र मे बड़े ब्रान्डो को चुनौती देने दो स्तरो पर निवेश की जो संभावनाये बढ़ रही है उसमे एक तो सीधा निवेश हो सकता है तो दूसरा सामूहिक निवेश जिसे सहकारिता भी कहा जा सकता है । अगर अपुष्ट सूत्रो की माने तो यह चर्चा गाॅब गली में बड़े जोर शोर से है कि अगर नये निवेशक हिम्मत जुटाते है तो मौजूद ब्रांडो की बाठ लगना तय है क्योकि निवेश मे समझ रखने बालो का स्पष्ट मानना है कि मौजूदा हालात मे बाजार की कोई कमी नही बल्कि उपभोक्ताओ मे नये ब्रांडो को लेकर काॅफी उत्सुकता है और वह चल रही चर्चाओ से रोमांचित भी जो नये निवेश के लिये शुभ संकेत कहा जा सकता है क्योकि विगत दो दशक से गुणवत्ता और विश्वास का जो संकट आम लोगो के बीच घर कर गया है वह भले ही मौजूद बड़े ब्रांडो के लिये चिंता का बिषय न हो मगर यह नई संभावनाओ के लिये शुभ संकेत है ...

बैमिशाल इन्जीनियरिंग का कायल हुआ शिवपुरी शहर

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72 घन्टे की बाद आने बाली बिजली आयी 22 घन्टे में  उपभोक्ताओ में खुशी की लहर  वीरेन्द्र शर्मा  19 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  म.प्र. शिवपुरी - शिवपुरी मे इन्जीनियरिंग की जितनी प्रसंशा की जाये उतनी कम है क्योकि शिवपुरी मे आते ही इन्जीनियरिंग बैमिशाल जो हो जाती है यू तो इस शहर की सेवा मे इन्जीनियरिंग के बड़े बड़े इतिहास सड़क पानी भवन को लेकर बनते रहै है तो कई विभागो ने ऐसे ऐसे कीर्तिमान अपनी निष्ठा के स्थापित किये है कि उनकी कृतज्ञता से मानो समुचा शहर स्वयं को धन्य समझता है । मगर जो इतिहास बिजली ने आजादी के दिन से पूर्व और स्वतंत्रता दिवस के बाद आजादी के बाद रचा है उसके लिये वह सभी कृतज्ञ महानूभाव भी बधाई के पात्र है । जिनकी निष्ठा के बारे मे अब तो यहां तक लोग कहने से नही चूक रहै कि ऐसो इति न भूतो न भविष्यति मगर दुर्भाग्य की ऐसी कृतज्ञता पर स्वतंत्रता दिवस पर एक को भी सम्मानित नही किया गया । शहर के लिये यह उपलब्धि तब है जब कि शासन से तन्खा प्राप्त एक भी जबाब देने के लिये बाध्य नही और फिर हो भी क्यो जब सबाल जबाब सदनो मे ही नही हो रहै तो फिर तनखइया जबाब क्यो दे ...

सरकार प्रशासन पर गम्भीर आरोपो के बीच चकरघिन्नी मातहत , बाढ़ त्रासदी ने खोली पोेल

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बाढ़ के जख्म कही सरकार को नासूर न बन जाये  17 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  ग्वालियर चंबल मे बारिस बाढ़ के रूप मे आयी आपदा के लिये दोषी कौन करार दिया जायेगा यह तो भबिष्य की बात है मगर इस बिभीषिका मे जो तबाही हुई है उसके जख्म लगता है इतनी जल्द भरने बाले नही चाहै वह जन तबाही हो या धन तबाही घर तबाही हो या फिर फसल पशुधन तबाही ये अलग बात है कि सरकार ने हर व्यक्ति को नुक्सान से भरपायी का आश्वासन दे रखा है तो वही प्रशासन भी युद्ध स्तर से सर्वे कार्य मे जुट चुका है तो वही राशन वितरण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है मगर जो बड़े बड़े पुल करोड़ो की सड़को के परखच्चे उड़ गये या फिर जो बृहत पुल जल समाधि ले वह गये उनका क्या ? क्या उन्है उतनी जल्द उनके मूल असतित्व मे लाया जा सकता जो मार्ग अभी भी बन्द पढ़े है उन्है कब तक चालू किया जा सकता है जो बिजली लाइन उखड़ तास के पत्तो की तरह खेतो मे बिखरे पढे है उनमे कब तक बिधुत प्रवाह हो पायेगा । यह सही तबाही बढ़ी है और जनधन का नुकसान भी बढ़े पैमाने पर हुआ है तो उतने ही बढ़े आरोप भी सरकार के उपर विपक्ष के दो दो पूर्व मुख्यमंत्रियो के भी है जिन्होने हाॅल ह...

चित , आधार से अनभिज्ञ चेतना जगाने का संकल्प , अवसर हुआ तार तार

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अमृत महोत्सव को समृद्ध जीवन के अक्स , आकार , विद्या विश्वास की दरकार  जीवन की जड़ता उसके प्रकल्प सामर्थ अनुसार पुरूषार्थ के प्रमाण उनकी सार्थक प्रमाणिकता हो सकती है आधार  व्ही. एस. भुल्ले  15 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा  कहते है संकल्प मजबूत और साध्य की स्पष्टता संसाधनो के सामथ्र्य अनुसार स्पष्ट हो तो परिणाम भी प्रमाणिक होते है फिर क्षैत्र जो भी हो खुशी की बात है कि आजादी के 75 वे बर्ष मे अमृत महोत्सव की बात हुई है मगर शुरूआती संदेश मे जिस तरह की विवसता बिखरापन सभी का साथ , सभी का विश्वास , सभी के प्रयास के बीच दिखी वह निश्चित ही सात्विक मंशा के बाबजूद निर्रथक दिखी उसने आम जीवन को भले ही बिचलित किया हो मगर भाव तो एक ही है जीवन की समृद्धि सामर्थ पुरूषार्थ की परीक्षा और ऐसा मानव जीवन पुरूषार्थियो के बीच होना भी चाहिए क्योकि जीवन मे कृतज्ञ जीवन की कृतज्ञता का इससे प्रमाणिक प्रमाण का और कोई दूसरा पैमाना हो भी नही सकता है । खास कर जबकि स्थिति मे तब निजाम चलाने की अनिवार्यिता आम सहमति हो और विचार , संस्कृतियां अनेक तथा पीढ़ियो की वह शिक्षा जो 150 बर्ष मे बिलासी संकट कट...

बाजीराव की समाधि पर जायेगे सिंधिया

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  वीर योद्धा को करेगे नमन  वीरेन्द्र शर्मा  14 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार म.प्र.  खबर अगर पक्की है तो केन्द्रीय उडउयन मंत्री श्री मंत ज्योतिरादित्य सिंधिया आने बाले कुछ दिनो मे खरगौन की यात्रा करेगे जहां वह वीर योद्धा बाजीराव की समाधि पर पहुॅच उन्हे नमन कर पुष्पांजलि अर्पित करेगे खबर आते ही सियासी नफा नुक्सान का बाजार भी गर्म हो चुका हे हालाकि इस तरह की यात्राये सिंधिया पहले भी कर चुके है । और अपने जीवन से जुड़े सेवा कल्याण के भाव को स्पष्ट कर चुके है सियासी खबर यह है कि सिंधिया कि यह यात्रा पार्टी स्तरीय कार्यक्रम है जो निर्धारित है अब सच क्या यह तो भाजपा या स्वयं सिंधिया ही बता सकती है मगर सिंधिया की इस यात्रा को लेकर मालवा मे सियासी बाजार काॅफी गर्म है । 

भटकाव में संघर्ष , कल्याण से दूर कृतज्ञता ,मेरे 50 बर्ष

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स्वराज से सत्ता या सत्ता से स्वराज सबाल यक्ष है  समृद्ध जीवन का संकट बरकरार  व्ही. एस. भुल्ले  14 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  यर्थात तो वही है जो था , है , और रहेगा मगर संघर्ष के भटकाव मे जो न हो सका वह है , कल्याण से दूर कृतज्ञता जो आज भी अर्थहीन सिद्ध हो रही है । अनुभव के या जीवन के 50 बर्ष यही एहसास अनुभूति का आभास कराते है । फिर भी जो यक्ष सबाल जीवन की समृद्धि खुशहाॅली को लेकर सेकड़ो बर्षो से जीवन मे संघर्षरत है वह यह कि स्वराज से सत्ता या सत्ता से स्वराज यह सबाल और संकट जीवन मे आज भी बरकरार है आज के ज्ञान विज्ञान से अभिभूत जीवन , जीवन कल्याण और समृद्धि खुशहाॅली मे कितना संक्षम असरदार है कहने की जरूरत नही क्योकि वह तो आज हर जीवन के समक्ष स्पर्शी है वह एहसास है उस सुख दुख का जो जीवन को नितरोज ही किसी न किसी रूप मे अपनी उपस्थिति का एहसास कराता रहता है । अमृत महोत्सव का वक्त है और इस महान भूमि पर सजृन के विधान को त्याग विधि के विधान को अंगीकार करने बाले महानुभावो के लिये परायी सत्ता से मुक्त होने का शुभ दिन जिसके लिये लोग इस महान मातृभूमि के मान सम्मान ...

खबर सही है तो आशा अकांक्षाओ का टूटना तय

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अब माननीयो पर सत्ता मेहरबानी होगी खत्म  वीरेन्द्र शर्मा  11 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  सियासत मे पल बढ़ रहै दागीयो के चुनाव न लड़ने की तल्खी के बाबजूद संख्या घटने के बजाये बढ़ने से चिंतित न्याय की सर्बोच्य संस्था ने अपने तल्ख अंदाज मे यह किलियर कर दिया कि लगता है दागियो को चुनाव से दूर रखने मे दलो कि शायद दिलचस्वी नही क्योकि कई बार दिशा निर्देशो के बाबजूद वह मंशा मूर्तरूप नही ले सकी जिसमे दागी अपराधियो को चुनावो से दूर रखने की बात कही गई अब यह लोकशाही की खामी है या बैबसी जो सीमा का हवाला दे न्याय की सर्बोच्य संस्था को कहना पढ़ा कि लंबे इन्तजार से देश के लोगो का धैर्य जबाब दे रहा है सरकार के विधायी पक्ष की राजनीति के शुद्धिकरण के प्रति कोई प्रतिबद्धता नजर नही आ रही है । कुछ दलो पर आर्थिक जुर्माने के साथ यह भी अब स्पष्ट हो गया कि नेताओ के केस बापसि इतनी सरल सहज नही रहेगी क्योकि सर्बोच्य न्यायालय ने सरकार या लोक अभियोजक हाई कोर्ट की बगैर मंजूरी के आपराधिक प्रक्रिया संहिता  सी आर पी सी के तहत आरोपी सासंदो विधायको के खिलाफ मामले बापस नही ले सकते । बल्कि यह भी स...

जबाबदेही के अभाव में जीवन बना जीवन की दुश्मन

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विधि से अनभिज्ञ जीवन को दण्ड की दरकार   सीधी जबाबदेही से मुक्त बड़े वर्ग को लाना होगा दायरे में  बाढ़ भीषण बारिस ने खोली कर्तव्य विमुखता की पोल  सीमेंट , सरिया , रैत गिटटी मिटटी की गुणवत्ता की हो जांच  वीरेन्द्र शर्मा  10 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  म.प्र. के ग्वालियर चंबल के कई जिलो मे हुई भीषण बारिस , बाढ़ की तबाही के पद चिन्ह मौसम खुलने बारिस रूकने साथ कुछ ज्यादा स्पस्ट नजर आये । मगर बारिस के दौरान जो तबाही आम परेशानी पीढ़ा आम लोगो ने बच्चो ने झेली है जो कुछ इस बारिस बाढ़ की विभीषिका मे लोगो ने गबाया है उसकी पूर्ति शायद इस जीवन मे हो पाये ये अलग बात है राहत बटेगी संवेदनाये मिलेगी नगद राशि मिलेगी मगर इस बीच उसे उसका खोया वह वैभव जो उसने अभावो मे जिन्दा रह खुद के पुरूषार्थ से खड़ा किया था जो सुकुन शान्ति उसने अपना सब कुछ लगाकर हासिल की थी वह शायद उसे हासिल न हो पाये । कारण स्पष्ट है प्रकृति तो अपना कर्तव्य निर्वहन पूरा करने समय वे समय अपना काम करती है मगर मानव जीवन मे जिस तरह से विधि या विधान को मानने , अंगीकार करने बालो के बीच कर्तव्य विमुखता...

मुश्कराकर झूठ बोलने बाले ,जनता को सच बताये

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बड़ी तबाही पर जबाबदेही तय हो , सिर्फ घोषणा नही - कमलनाथ पूर्व मुख्यमंत्री म.प्र.  वीरेन्द्र शर्मा  7 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  होचपौच भरे माहौल मे शिुरू हुई पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की प्रेस वार्ता में बाढ़ से तबाही का मंजर देख पूर्व मुख्यमंत्री बोले कि सबाल शासन प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली मंशा को लेकर कई है मगर वह इस मौके पर सिर्फ वही सबाल करना चाहेगे जो जनता के है आपदा पर सियासत करने की काॅग्रेस की परम्परा नही मैने काॅग्रेस के सभी कार्यकर्ताओ नेताओ से कहा है वह इस आपदा मे लोगो की मदद करे जरूरत हो तो सरकार की भी मदद करे मगर लापरबाही व भृष्ट आचरण पर सबाल न हो यह ठीक नही आज जनता सबाल कर रही है इस आपदा मे 8 लोगो ने जाने गबाॅई है करोड़ो की जन धन हानी हुई है सिर्फ घोषणा और मुश्कराकर झूठ बोलने से काम नही चलेगा न कि मीडिया को संतुष्ट करने से बल्कि शिवराज समय तारीख बताये जबाबदेही तय करे न कि सिर्फ घोषणा उन्होने प्रति प्रश्न करते हुये कहा कोरोना के दौरान कई घोषणाये हुई थी कितनो को अभी तक राहत मिल सकी है । उन्होने अपने 15 माह के कार्यकाल की चर्चा करते हुये कहा क...

राहत के इन्तजार में तबाही का आंकलन शुरू

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हाइबे से लेकर कई पुल पुलियो के परखच्चे उड़े  मंत्रियो की रायसुमारी के बीच आफत से दो चार होते लोग  वीरेन्द्र शर्मा  6 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  भीषड़ बारिस के बीच ग्वालियर चंबल के कई जिले मे आये बारिस के सैलाब ने जहाॅ विकास का भुर्ता बना उन्है जमीदोस कर मिटटी मे मिला दिया तो वही बर्षो पूर्व निर्मित कई पुल पुलिया भवन आज अपनी प्रमाणिकता सिद्ध कर अपने अस्तित्व और उस कुशल कोशल पर गर्व कर रहै है ये अलग बात है कि बारिस के रूप मे आई तबाही की आफत के बीच राहत के लिये आकलन के दौर शुरू हो चुके है लोगो को राहत बटेगी भी और शायद मिलेगी भी मगर लूटे ये दौर खत्म होगा इसकी गारंटी नही जिस तरह से जनता के करोड़ोे खर्च कर बने पुल , सड़क हाईबे की गांरटी है कि वह जहां भी गांरटी मे होगे ठेकेदार बनायेगा और जहां गारंटी नही वहां जनता का धन फिर लगाया जायेगा जिससे आमजन के मार्ग सुगम सहज हो सके अब इस मे कितना समय लगेगा यह गांरटी तो कोई नही दे सकता बस राहत बतौर मुक्त कंठ से आश्वासन अवश्य मिल सकता है जो लोगो को इतनी बड़ी तबाही के बीच बड़ी राहत कहा जा सकता है । प्राक्रतिक आपदा की भेट चढ़ा विक...

भारी तबाही के बीच मंत्री का अपने ही क्षैत्र में कैम्प

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गाॅब गली पहुॅच लोगो बधाया ढाढस , सम्हाली कमान  वीरेन्द्र शर्मा  6 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  शिवपुरी सहित आसपास के क्षैत्रो मे भारी बारिस की सूचना मिलते ही आधी रात शिवपुरी पहुॅची म.प्र. शासन की मंत्री श्रीमंत यशोधरा राजे सिंधिया ने रात को ही भ्रमण कर हालातो का जायजा लिया और अधिकारियो को कोई भी कोताही न बर्तने की हिदायत दी साथ ही भराव बाले क्षैत्रो मे एतियातन बिजली व्यवस्था दुरूस्त रखने व जान माल की सुरक्षा हर कीमत पर करने के निर्देश दिये साथ ही स्वयं गाॅब गलियो मे पहुॅच लोगो की हिम्मत बढ़ाई और संकट की घड़ी मे भरी बरसात मे भी वह भ्रमण करती रही जहां जहां भराव की सूचना थी वहां वहां उन्होने सक्षम अधिकारियो के अलावा कार्यकर्ताओ को भी लगाया और मौजूद समस्या का अधिकारियो के साथ बैठक कर समाधान की दिशा मे आवश्यक निर्देश दिये ज्ञात हो उनके क्षैत्र मे उनका आज 5 बाॅ दिन था उनकी पहली प्राथमिकता लोगो को बारिस की त्रासदी से सुरक्षित रखना इस बीच उन्होने पौहरी पिछोर का भी दौरा किया । 

ऐतिहासिक बर्ष मे बारिस का बटांढार ............? तीरंदाज

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अज्ञानी अहंम और तबाही से मचा हाहाकार  व्ही. एस. भुल्ले  6 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  भैया - ज्ञानी से ज्ञानी मिले कर कर लम्बे हाथ । जीवन झुण्ड मे वह रहै जिसे हो जिन्दा रहने की आस । बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसै पेड़ खजूर पंछी को छाया नही फल लागे अति दूर भैयै - चुप कर कै तने इस तबाही मे बच्चे की जान ही लेकर मानेगा । लगता है इस भीषण तबाही को लेकर तने कुछ ज्यादा ही भावुक हो लिया । कै थारे को मालूम कोणी जीवन बचाने उड़न खटोलो से तबाही का सर्वे शुरू हो चुका है तो दूसरी ओर हमारे जांबाज वीरो का जान बचाओ मिशन म्हारे क्षैत्र मे पूर्ण हो लिया है भीषण बारिस मे बादलो का सीना चीर घनघनाते उड़न खटोलो पर तैनात वीरो ने चुन चुन कर जान बचायी है कोई बाढ़ की तबाही मे खुद को बैबस न समझे इसलिये पूरी की पूरी प्लाटून जान बचाने मे लगाई है ।  भैया - तो क्या मिशन कम्पलीट हो लिया है और तबाही का सर्बे शुरू हो लिया है ।  भैयै - तने तो बाबला शै कै थारे को मालूम कोणी इस समय संकट और कंटको का दौर चल रहा है म्हारा तो पूरा का पूरा कुनवा जान बचाने निकल पढ़ा है । सुना है कब्रिस्तान से लेकर शमसान ...

बारिस की तबाही के बीच राहत और रायसुमारी

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अनियंत्रित विकास का जनाजा , जीवन हुआ हलाकान  न डिटेल न डी. पी. आर , हजारो लोगो की बची जान  मुख्यमंत्री के बाद पूर्व मुख्यमंत्री करेगे दौरा  वीरेन्द्र शर्मा  5 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  म.प्र. के ग्वालियर चंबल मे जिस तरह से विगत दिनो से बारिस ने कहर बरपा रखा उससे आम जीवन तक बैहाल हो चुका है बारिस के कारण रोद्र रूप धारण कर चुकी क्षैत्रीय नदिया सिंध , पार्वती , कूनो , सीप , महुअर , कुआरी इत्यादि नदियो ने कहर बरपा रखा है जिसके चलते 5 पुल वह गये तो कई पुल पुलिया जल समाधि ले चुके है तो नीचले भाग मे बचे लोगो की जान पर बन आयी । मगर इस सबके बीच बगैर डिटेल डी पी आर के विगत एक दशक से दौड़ रहै विकास एक झटके मे ऐसे दम टूटेगा किसी ने सपने न सोचा होगा मगर ऐसा ही हुआ फिलहाॅल यह बैपरिणाम रहने बाली जांच का भाग हो सकता है मगर जनता का करोड़ो रूपया बैभाव ही अनियंत्रित विकास की भेट चढ़ गया और यही लोकतंत्र की सबसे सुन्दर खूबी है हालाकि बर्तमान मुख्यमंत्री इस तबाही के मंजर का हवाई अवलोकन कर चुके है और पूर्व मुख्यमंत्री करने बाले है मगर होगा क्या ? यह सभी जानते है इस बीच के...

पहली ही बारिस मे विकास हुआ धड़ाम कई पुल बहे

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  रतनगढ़ और लाच पुल की चर्चा सरगर्म  वीरेन्द्र शर्मा  4 अगस्त 21 विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  पहली ही बारिस मे जिस तरह से बड़े बड़े पुल धरासायी हो नदी के बहाव मे वह गये उनके पीछे के कारण जो भी रहै हो मगर इस त्रासदी से विकास के पुलन्दे अवश्य सड़क पर आ गये अब इस त्रासदी पर दलीले होगी जांच होगी मगर प्रदेश को क्या मिलेगा वही अवरूद्ध मार्ग जो इन पुलो के सहारे अपने सुनहरे भबिष्य की बाट जो रहै थे ज्ञात हो इससे पूर्व भी दो ओर पुल म.प्र. मे वह चुके है मगर क्या हुआ वही ढाक के चार पात मगर अब क्या होगा यह देखने बाली बात होगी । मगर इस त्रासदी के बीच जिस सिंध नही पर बने यह पुल वहै है उसी सिंध नदी पर एन. एच. ए. आई और आर. डी. सी. के पुल यथावत खड़े है मगर स्टेट के पुलो का वह जाना अपने आप मे सबाल खड़े करता है ।