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Showing posts from February, 2021

मुखिया की जबाबदेही निभाने गुना-शिवपुरी पहुॅचे सिंधिया सेवा कल्याण मेरा अन्तिम लक्ष्य रहा है और रहेगा

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  विकास गाथा के जिक्र से दूर रहे सिंधिया  वीरेन्द्र शर्मा  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  एक जबाबदेह मुखिया की जबाबदेही निभाने गुना शिवपुरी पहुॅचे पूर्व केन्द्रीय मंत्री राज्यसभा सांसद श्री मंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी सर्किट हाउस पर खबर नबीसो के बीच कहा कि वह अपनी जबाबदेही निभाने आये है वह सांसद मंत्री रहै या न रहै मगर मगर उनकी जबाबदेही इस क्षैत्र के विकास सेवा कल्याण कि है और वह इस जबाबदेही को जीवन पर्यन्त इसी निष्ठा के साथ निभाते रहेगे मगर एक लम्बे अन्तराल के बाद शिवपुरी पहुॅचे के सबाल पर अनौपचारिक तौर पर कहा कि कोविड के बीच अपने लोगो का ख्याल उनके स्वस्थ जीवन की जबाबदेही भी मुखिया की ही होती है फिर कोई भी व्यक्ति अपनी आत्मा से अलग कैसै हो सकता है शिवपुरी गुना तो मेरे दिल मे बसता है मगर इस बीच मे जो भी सेवाकल्याण के मार्ग पर कर सकता था मेने किया और जीवन पर्यन्त करता रहुॅगा । पत्रकारो से चर्चा के पूर्व जहाॅ उन्होने मण्डल अध्यक्षो की बैठक की तत्पश्चात लोगो की समस्या सुन उनका निदान भी मौजूद मंत्रियो के माध्यम से कराया इस मौके पर सिंधिया के साथ उर्जा मंत्री ...

शिवपुरी के कालापानी कहै जाने बाले क्षैत्र का कायापलट 25 बर्षो ने बदला स्वयं का इतिहास

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वीरेन्द्र शर्मा  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  आज से 25 बर्ष पूर्व सबसे पिछड़ा तो कभी शिवपुरी जिले का काला पानी कहा जाने बाला क्षैत्र इतनी जल्द सड़क सिचाई के क्षैत्र मे इतिहास पलट अग्रणी पंति मे खड़ा होगा किसी ने सपने मे भी न सोचा होगा मगर आज यह एक कटू सच है कि इस क्षैत्र मे जहां मजबूत सड़को का जाल बिछ चुका है तो वही दूसरी ओर सिचाई क्षैत्र मे भी यह आत्मनिर्भर हो चुका है तो कोई अतिसंयोक्ति न होगी वेतबा ओर महुअर नदियो और इन नदियो पर बनी संरचनाओ से जहां यह क्षैत्र पूर्ण सिंचित होने की ओर अग्रसर है तो वही दूसरी ओर सड़को के जाल ने इसे अग्रणी क्षैत्र के रूप मे स्थापित कर दिया अब इस कायापलट मे किसका का क्या योगदान है यह तो क्षैत्र के लोग ही जाने मगर इतना तो तय है कि अगर प्रयास हो तो वह असफल अक्षम साबित हो उसकी गुजांइस कोशिसो के बीच कम ही होती है मगर यह प्रयास का सच है जिससे आज सभी को सीख लेनी चाहिए ।  

सुशासन के सर्रराटे से हलक मे, अटकी जान

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  माईबापो को सिर्फ संतुष्टि का सहारा...........तीरंदाज  व्ही. एस. भुल्ले  भैया- सुशासन न हुआ यह तो म्हारे माईबापो को कोराना का बाप हो लिया क्योकि सौ फीसद संतुष्टि ही इसका मुकंबल इलाज माना जा रहा है भगवान की सेवा मे भक्तो की मण्डली ने माईबापो के गले मे सी. एम. हैल्प लाइन की ऐसी घुग्गी फसाई है कि सेवा कल्याण मे जुटे म्हारे माईबापो को न तो उगलते बन रहा न ही निगलते बन रहा अब अगर थारे पास कोई कारगार नुख्सा हो तो हाथो हाथ म्हारे माईबापो को बता और कैसै भी हो रीछ के पैर पकड़ खेल से म्हारे सहारा बने सेवको की जान छुड़ा ।  भैयै - कै थारे को मालूम कोणी बैहतर सेवा कल्याण थारे माईबापो की सेवा मे शामिल है और निष्ठापूर्ण कर्तव्य निर्वहन शफत मे है अगर ऐसे मे सुशासन की खातिर म्हारे माननीयो ने सौ फीसद शिकायत निवारण का कोई फाॅरमूला ढूड़ा है तो इसमे गलत क्या ? जब सारी सुख सुबिधाओ के साथ मोटी मोटी पगार कंगाल खजाने से बैनागा हर माह दी जा रही है तो फिर सौ फीसद सेवा कल्याण की गारंटी क्यो नही ? भैया - हर रोज शिकायतो का अंबार लग रहा है सारा समय बैबीनार वीडियो कान्फ्रेन्स और बैठको मे निकल रहा है फ...

नही थम रहा कच्ची शराब का कारोबार, अशोकनगर शिवपुरी जिले की सीमावर्ती गाॅबो मे खुलेयाम चल रहा है व्यापार

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विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  म.प्र. के दो सीमावर्ती जिलो सीमा से सटे गाॅबो मे जिस तरह से कच्ची शराब का कारोबार पनप रहा है वह किसी से छिपा नही मगर जबाबदेह है जो आॅखे बन्द कर मुरैना की तरह फिर किसी हादसे के इन्तजार तभी तो कई बार शिकायतो के बाबजूद कच्ची शराब से मोटी कमाई करने मे जुटे खुलेयाम कारोबार करने मे जुटे है अब ऐसे मे कोई मरे या जिये किसी को क्या लेना देना ज्ञात हो अभी हाल ही मे मुरैना मे जहरीली शराब से हुई मौतो की सिहाई सूख भी नही पायी की अशोकनगर शिवपुरी की सीमा से सटे गाॅब फिलहाॅल कच्ची शराब की मण्डी के रूप मे आबाद हो रहै है कही ऐसा न हो कि दंश मुरैना ने 20 से अधिक मौतो के रूप मे भोगा है कही अशोकनगर शिवपुरी को भी न भोगना पढ़े जिसमे अशोकनगर कलेक्टर के रूप मे उपचुनाव के दौरान प्रियंका दास ग्राम लिधोरा मे कार्यवाही कर चुकी है अगर सूत्रो की माने तो अभी भी लिधोरा, पहाड़पुर, किर्रशिया ग्रामो मे यह कारोबार खुलेयाम चल रहा है । 

बैहयाई के बीच हाॅपनी भरता सिस्टम , बैलगाम हुये पैरोकार

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बगैर चढाबा चढाये धेला तक मिलना मुश्किल  वीरेन्द्र शर्मा  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  खबर अपुष्ट है और प्रमाण सबूत विहीन ऐसे समाधान की उम्मीद करना भी बैमानी हो जाती है मामला उन संस्थाओ की माली हालत का है जिनके कंधो पर विकास का भार है मगर कंगाल खजाने पर कसरत करते उन संस्थाओ का क्या जिन्है बगैर चढ़ोत्रा चढ़ाये धेली तक नसीब नही हो रही इकन्नी दुअन्नी से शुरू यह कारोबार अनौपचारिक तौर पर अब 5-6 रूपइये तक जा पहॅुचा है ऐसे मे कमाउ पूत भी बगले झाकते नजर आते है यह सही है की चर्चाओ मे सरगर्म ऐसी चर्चाओ का प्रमाण मिल पाना मुश्किल हो मगर आज का सच यही है क्योकि बैलगाम सेवको का कारबाॅ जिस तरह से सेवा कल्याण को ढो रहा है उस टिप्पणी करना उनके साथ अन्याय होगा क्योकि उनकी निष्ठा पर उगली उठाना हिमालय को उठाने जैसा होगा जिसमे जान माल का भी बड़ा खतरा हो सकता है सो अपुन तो फिलहाॅल इतना ही कह सकते सेवा कल्याण पर टूटे सेवको से कि अगर समय रहते इस संस्कृति पर उपर विराम नही लगा तो आने बाले समय या मौजूद पीढ़ी के आगे सर छिपाने के अलावा शेष कुछ न होगा जो किसी भी सभ्य समाज के लिये शर्मनाक भी होगा और दर्...

सुशासन की मार से माफियाओं मे हड़कंप

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खनन, शराब, रसद, शिक्षा, स्वास्थ, वन, परिवहन, निर्माण, सप्लाई, खाद, भूमाफिया कांपे  वीरेन्द्र भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  म.प्र. मे आफत से राहत पाने भले ही सीधे राहत सतुष्टि दिलाने शासन का अचूक अस्त्र सी. एम. हैल्पलाइन शिकायतो से अटा पढ़ा हो मगर जिस तरह से सुशासन के चलते विभिन्न क्षैत्रो मे मौजूद माफिया कांप रहा है उसे लेकर इतना तो तय है कि सुशासन की मार से म.प्र. मे मौजूद माफिया अब किसी भी कीमत पर बचने बाला नही है । जिस तरह से माननीयो के आदेश पर श्रीमानो का झुण्ड समुचे प्रदेश मे माफियाओ के खिलाफ टूट पढ़ा है उसके हालिया परिणाम भले ही लोगो की नजरो से दूर हो मगर इतना तो तय है कि दिन रात की मसक्कत के बीच बचने बाला एक भी नही क्योकि म.प्र. मे जिस तरह से माफिया के खिलाफ दनादन कार्यवाहियाॅ हो का अंबार पट रहा है उससे माफिया दम तोड़ता नजर आ रहा है फिर वह खनन शराब रसद वन खाद शिक्षा स्वास्थ परिवहन निर्माण सप्लाई माफिया हो या फिर ब्यबस्थागत माफिया हो सभी दूर कोहराम मचा देखना होगा कितनी जल्द प्रदेश को  माफिया राज से मुक्ति मिल पाती है । 

शिवपुरी के जंगल मे तेंदुये की मौत

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  वीरेन्द्र भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  प्राप्त जानकारी के अनुसार शिवपुरी ग्वालियर से लगी सीमा हर्षी मगरौनी के जंगल मे आज एक तेंदुये का मृत शरीर वन विभाग द्वारा अपने कब्जे मे लिया गया है जिसे पोस्टमार्टम के लिये सतनबाड़ा रेंन्ज लाया गया है प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार उक्त तेंदुये की मौत एक्सी लेटर वायर के फन्दे के कारण होना प्रतीत हो रहा है ज्ञात हो अभी हाॅल मे इसी क्षैत्र से एक शिकारी सांभर के मास के साथ वन विभाग की टीम द्वारा पकड़ा गया था सूचना मिलते ही वन मण्डला अधिकारी लवित भारती भी मौके पर पहुॅचे है देखना होगा तेंदुये की मौत का असल क्या कारण रहा फिलहाॅल तो तेंदुये की पोस्ट मार्टम रिपोर्ट का इन्तजार करना होगा । ज्ञात हो कि मोहनी पिकपवीयर पर जंगली जानवर पानी पीने के लिये आते है जहाॅ घना जंगल लगा हुआ है सम्भवता उक्त तेंदुये की मौत की घटना भी उसी जंगल की हो ।

मातमो के बीच, मानवीय संबेदनाये, मानव धर्म पर सबाल

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कुतर्को के आगे कंलकित होती कृतज्ञता   व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  कहते है जब जब निष्ठापूर्ण कर्तव्य निर्वहन मे कोताही होती है तो मानव धर्म पर सबाल होना स्वभाविक है मगर जब मातमो पर मानवीय संवेदनाये पर सबाल होने लगे तो समझ लेना चाहिए की सब कुछ ठीक नही चल रहा निश्चित ही सेवा कल्याण सर्बकल्याण के मार्ग पर ऐसा कुछ तो घट रहा है जिसके चलते कृतज्ञता तक कलंकित होने बैबस मजबूर है अध्यात्म मे इसे हम नियती तो विज्ञान मे इसे मानवीय भूल का परिणाम कह सकते है सत्ता मे इसे चूक तो सियासत मे इसे विरोधियो की चाल करार दिया जा सकता है अब ऐसे मे सच क्या है यह तो जीवन के बारे मे बैहतर सोच रखने बाले ही जाने मगर मानव जीवन मे स्वार्थ का जो कुरूप चेहरा नजर आता है उसका कितना योगदान मानव समाज को यहाॅ तक पहुॅचाने मे है आज यही सबसे बड़ी समझने बाली बात है कभी इसी भूभाग पर इच्छा मृत्यु का आधार रखने बालो का भी भबिष्य के लिये यही संदेश था कि राजा प्रजा के लिये होता है प्रजा राजा के लिये नही मगर आज लगता है कि उस समझाइस के उलट हो रहा है भले ही लोकतंत्र मे राजा प्रजा हो मगर व्यवहारिक तौर पर तो र...

हटो बचो की सियासत में भटकता सेवाकल्याण

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अहम अहंकार के बीच झूलता समाधान  व्ही. एस भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. समाधान के नाम जिस तरह से सियासत मे अहम अहकांर और   हटो बचो की संस्कृति सर चढ़कर बोल रही है उससे भले ही विकास सेवा कल्याण अपने मूल मार्ग से भटक बंटाढार के कागार पर हो मगर सियासत है कि वह सुधरने का नाम ही नही ले रही जो हमारे लोकतंत्र के लिये शर्मनाक भी है और दर्दनाक भी है मगर इसके उलट जहाॅ हमारे माननीयो की कमजोरी सतत सत्ता सुख है तो श्रीमानो की बैबसी उनकी अच्छी अच्छी पदस्थापना और वह भी सतत सम्पूर्ण सेवा काल अब ऐसे मे समाधान सेवाकल्याण कैसै हो यह आज उन क्षणिक स्वार्थ मे डूबे लोगो को समझने बाली बात होना चाहिए आज जिस तरह से सियासत अहम अहंकार के रथ पर सबार गांडीब की प्रतंचा खीच समाधान के तीर से विकास सेवा कल्याण के लक्ष्य को भेदना चाहिती हे वह एक अक्षम असफल प्रयास ही नही स्वयं की निष्ठा के साथ क्रूर असंवेदनशीलता भी होगी जिसके परिणाम अगर आने बाले समय मे एक बटाढार व्यवस्था के रूप मे हमारे सामने हो तो किसी को अतिसंयोक्ति नही होना चाहिए । चैपट होते व्यवस्थागत ढ़ाचे के बीच जिसमे आने बाले समय मे माननी...

टूटता विश्वास विलखते लोग , मौजूद व्यवस्था पर बड़ा सबाल

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बैहाल भबिष्य को समृद्धि खुशहाॅली की तलाश  व्ही.एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  भले मौजूद सत्ता सियासत का दाबा भबिष्य की समृद्धि खुशहाॅली को पुख्ता हो मगर व्यवस्था को लेकर टूटता विश्वास आज एक बड़ा सबाल बनता जा रहा है जिससे न तो मौजूद सियासत अछूती है न ही सत्ताये अगर यो कहै कि सत्ताओ को लेकर या सतत सत्ता मे बने रहने को लेकर मचे घमासान को ले तो बिलखते अभाव ग्रस्त लोगो के लिये आने बाले समय मे शायद ही कोई शुभ समाचार हो क्योकि आय दिन टूटता व्यवस्थागत विश्वास अब उस किनारे तक जा पहुॅचा जहाॅ लोगो के सर्ब का बाॅध टूटना तय है फैसला मौजूद सियासत सत्ताओ को करना है कि आखिर ऐसी स्थति आम लोगो के बीच क्यो बनती जा रही है कारण साफ है सत्ता तक पहॅंुचने का आसान तरीका और लोगो की बैहिसाब महात्वकांक्षा तथा तथाकथित स्वार्थ जो न तो सियासत को सही दिशा देने तैयार है न ही सत्ता को अपना राजधर्म पालन कर सर्बकल्याण के मार्ग पर बने रहने समझाईस को तैयार अब ऐसे मे कैसै हो सेवा और कैसै हो कल्याण । समृद्धि खुशहाॅली की तलाश मे भटकता जीवन अब तो स्वयं के सुनहरे सपने को लेकर हैरान परेशान है जो जीवन मे निराश...

सियासी संरक्षण मे दम तोड़ता सेवा कल्याण , मातम मनाता सर्बकल्याण , आहत होते सरोकार

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  ये अंगीकार सियासत सत्ता की बैबसी है या मजबूरी  व्ही. एस. भुल्ले विलेज टाइम्स समाचार सेवा  बहूमूल्य जीवन को बैबजह गबाने बालो की इसे बैबसी कहै या मजबूरी जो अन्य किसी की गलती का खामियाजा उन्है अपनी जान गबाॅकर चुकाना पढ़ता है शायद आज की व्यवस्था का सच यही है सेवाकल्याण को बाधित कर अपना हक माॅगने बाले व सत्ता की दरियादिली का लाभ उठाने बाले उन मूड़धन्यो को कौन समझाये की अपके निष्ठा पूर्ण कर्तव्य निर्वहन का मय सूत के निर्दोशो को कितना बड़ा मूल्य जान देकर चुकाना पढ़ रहा है मगर सियासी संरक्षण है जो सत्ता लालसा के आगे यह मानने तैयार ही नही की कुछ गलत जीवन मे हो रहा है चीखते मानवीय सरोकार इस बात के गबाह है कि किस बैरहमी से उन्है सेवा कल्याण के नाम सरेयाम रौधा जा रहा है कारण स्वार्थवत सियासी संरक्षण और प्राप्त संरक्षण मे पनपता आदमखोर स्वभाव आज यह स्वभाव भले ही स्वार्थपूर्ति और स्वकल्याण का अचूक हथियार हो मगर यह भी सत्य है कि मन का धन जो भी करले मगर रहना सभी को इसी व्यवस्था मे है फिर आज ओहदा जिसका जो भी हो और रसूख जैसा भी बिगड़ी व्यवस्था से बचने बाला कोई नही इसलिये आज सभी को समझने बाली ब...

हटाना लगाना कोई हल नही, सिद्ध करनी होगी स्वयं की सार्थकता

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मौतो पर मातम और माननीय की मार्मिक संवेदना वीरेन्द्र शर्मा  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  म.प्र. सीधी से सतना जा रही बस के नहर मे समा जाने हुई आधा सेकड़ा से अधिक मौतो पर मातम बैहद दर्दनाक है और ब्यवस्था के लिये शर्मनाक भी क्योकि बर्षो से कई मर्तबा हम लोम हर्षक हादसे देखते रहै है मगर समाधान के नाम वही ढाक के चार पात नजर आते मगर अब माननीयो ने जो समाधान ढूड़ा है वह बड़ा हास्य पद हैे फिर वह जहरीली शराब से मौतो का मामला हो या फिर बस का झुलसना या नहर मे गिरना या फिर आमने की टक्कर मे लोगो की जाने जाने का मामला हो हटाना फिर किसी नये को लगाना या फिर निलंबन करना कोई सार्थक समाधान नही न ही यह मानव की सिद्धता कही जा सकती और न ही यह मानव जीवन सफल कृतज्ञता कही जा सकती सिर्फ छड़िक संवेदना मौत पर मरहम नही बन सकती इसलिये समाधान ऐसा हो जिससे फिर पुनरावृति न हो जिसके लिये ब्यवस्था को प्रमाणिक पुरूषार्थ का मार्ग चुनना होगा और माननीयो आपको उसको संरक्षण दे स्वयं की सिद्धता सिद्ध करनी होगी मगर हो सकता सर्बकल्याण के रास्ते यह सम्भव न हो क्योकि सत्ता का मार्ग शायद इसकी इजाजत सियासत को नही देता और यही का...

बगैर रोडमैफ के बर्षता सेवाकल्याण

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अनुभूति के अभाव मे विलखती आशा अकांक्षा व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  जब से विकास कल्याण सर्बकल्याण की ब्यार म.प्र. मे चली है तब अनुभूति के अभाव मे आशा अकांक्षाये कलफने पर मजबूर है कारण बगैर रोडमैफ के सरपट भागता सेवाकल्याण और शोर मचाता सर्बकल्याण मगर समस्या यह नही की परिणाम क्या रहै समस्या तो यह है कि विजय रथ पर सबार सियासत आम जीवन को कहाॅ ले जाकर छोड़ेगी फिलहाॅल कहना मुश्किल है मगर इतना तो तय है कि अगर सियासत का यही हाॅल रहा तो परिणाम सुखद रहने बाले नही क्योकि जिस तरह से प्रतिभा संपदा का तिरस्कार हो रहा है और संसाधनो का दुरूपयोग हो रहा है वह किसी से छिपा नही सच तो यह है कि जो शिक्षा प्रकृति नैसर्गिक भाव मे छिपी है उस ज्ञान विज्ञान को न तो कोई जानना समझना चाहता है न ही विचार करना चाहता जीवन सार्थकता और सफलता तभी सम्भव है जब हम जीवन मे मौजूद रोडमैफ अनुरूप सृजन मे प्रयास करे जो फिलहाॅल न तो सम्भव जाना पढ़ता है न ही कोई जानना चाहता है बहरहाॅल फिलहाॅल तो मौजूद सियासत के बीच यही उम्मीद की जा सकती है सेवा कल्याण और सर्ब कल्याण को ईश्वर सदबुद्धि दे फिलहाॅल आज सियासत को सबस...

गैंग गिरोह बन्दी में जकड़ा सर्बकल्याण ........? तीरंदाज

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व्ही. एस. भुल्ले  भैया- अब तो म्हारे को भी एक अदद महान की तलाश जिसको मने भी अपना वंशज पूर्वज बता अपनी फिल्म चमका सकू और हाथो हाथ अपना नाम भी ग्रेट महान लोगो के वंशजो मे लिखवा अपनी आने बाली पीढ़ी को महान बना सकू क्योकि मने न लागे कि गैंग गिरोह बन्द माहौल मे म्हारी जीवन के प्रति कृतज्ञता कोई काम आने बाली है म्हारे को तो लागेे अब म्हारे इतिहास मे दर्ज म्हारे महानो की कीर्ति यश उनके जीवन की पीढ़ा त्याग तपस्या से पटी कृतज्ञता भी गैग गिरोह बन्द संस्कृति के चलते अब बचने बाली है क्योकि इतिहास का क्या वह तो बैचारा बैसै भी पन्नो मे निर्जीव दर्ज है और जीवंत इतिहास हमारे सामने है जिसका नवनिर्माण बड़ी ही दुत्र गति से चल रहा है मने न लागे की अब म्हारे लिये इतिहास बनाने कोई क्षैत्र दरक शेष बचने बाला है । भैयै - तने तो वावला शै के थारे को मालूम कोणी म्हारा समाज म्हारी संस्कृति म्हारे संस्कार म्हारा स्वाभिमान हमारी वह अनमोल धरोहर बहुमूल्य विरासत है जिस पर आज भी हर मानव को गर्व है कै त्याग तपस्या से सनी हमारी महान कीर्ति इतनी कमजोर है जो चंद गैग गिरोह बन्द लोगो द्वारा यू ही समृद्धि, खुशहाॅली, सेवा, सर्...

समृद्ध राजा, की पहचान दया, भीख नही, बल्कि उसका सामर्थ पुरूषार्थ होता है और सर्बकल्याण उसका लक्ष्य

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सच को आयना दिखाता स्वार्थ, समृद्धि को सिसकता जीवन  व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  सच को आयना दिखाने की आदत तो मानव मे अनादिकाल से रही है मगर सच को सच कह सके यह ताकत राजा मे रही है अब चूकि न तो राजतंत्र है न ही हमारे यहाॅ राजा लोकतंत्र मे तो राजा स्वयं जनता ही कही जाती है ऐसे मे राजा का क्या कर्तव्य होना चाहिए यही आज सबसे बड़ा सबाल है । अगर सच कहे तो जनता के पास 5 बर्ष मे एक मर्तवा वोट देकर सरकार चुनने के बाद सिवाय विभिन्न माध्ययमो से शासन को टेक्स देने के अलावा भीख दया से बचने का कोई माध्ययम नही जो चुनी हुई सरकारो के रहमो करम पर निर्भर करती है क्योकि हमारा विधान इसी कर्तव्य को सर्बोपरि मानता है जिसका पालन हर नागरिक का कर्तव्य होता है ये सही है कि लोकतंत्र मे राजा का खिताब तो जनता के पास होता है मगर सत्ता संचालन का कार्य वैधानिक तौर चुने हुये जन प्रतिनिधि और पढ़े लिखे हमारे सेवक करते है मगर 72 बर्षो कि आजादी के बाद हालात यह है कि लगभग 80 करोड़ सस्ते राशन तो 50 करोड़ के लगभग स्वास्थ सेवा प्राप्त करने आर्थिक सहयोग के मोहताज है और करोड़ो लोग फ्री या सस्ते मकानो कि कता...

श्रेष्ठतम पुरूषार्थ से बन्चित जीवन कंटक युक्त होता है

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  समय का सदउपयोग ही सर्बकल्याण मे सक्षम रहता है  व्ही. एस. भुल्ले.  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  कभी एक नारा होता था कि समय सोना होता है इसे बर्बाद न करे इतना ही नही ग्रन्थो मे भी इस बात का उल्लेख है कि पितामह भीष्म के जीवन का एक ही पाप था कि उन्होने समय पर क्रोध नही किया मगर जटायु के जीवन का एक ही पुण्य था कि उसने समय पर क्रोध किया परिणाम स्वरूप एक को वाणो की शैया मिली और एक को अन्तिम समय प्रभु राम की गोद मिली । मगर अब न तो प्रभु राम है न ही श्रीकृष्ण अगर आज कुछ शेष है तो उनके द्वारा स्थापित जीवन के श्रेष्ठतम जीवन मूल्य और मानव धर्म की वह मिशाल जिसे उन्होने जीवन मे जीकर स्थापित किया और मानव धर्म के मूल्य बताये अगर आज मान भी लिया जाये कि समयचक्र कलयुग की ओर इसारा करता हो मगर धन युग से इन्कार भी नही किया जा सकता स्र्वकल्याण की संस्कृति से दूर स्वार्थवत संस्कृति के हावी होने से मुॅह नही मोड़ा जा सकता आज जिस तरह से सत्ताये समाज सियासत सेवा कल्याण के रथ पर सबार सर्बकल्याण कि ध्वजा पताखा फहराने मे लगे है उससे देखकर तो सिर्फ इतना ही कहा जा सकता है कि लोग मानव धर्म के मायने ही ...

हैदराबाद की सड़क को लेकर चुटकी लेने बालो ने साधी चुप्पी थीम रोड का सवरूप देख चर्चाओे का बाजार गर्म

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वीरेन्द्र शर्मा  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र. कभी कुख्यात डकुओ के आतंक से चर्चाओ मे रहने बाला म.प्र. का शिवपुरी जिला अपनी नई पहचान लेकर चर्चाओ होगा किसी सपने मे भी न सोचा होगा मगर यह सच है कि आजकल यह जिला सड़को को लेकर चर्चाओ मे है जहाॅ सड़को के चैड़ीकरण से लेकर उन्यनीकरण का कार्य जोर शोर से चल रहा मगर हालिया चर्चा शहर के बीचो बीच से गुजरने बाली थीम रोड को लेकर है कभी सियासी लोगो को शहर की बदहाल सड़को का मुददा अहम हुआ करता था और लोग हैदराबाद का उदाहरण दे चुटकिया लेते थे मगर जब से समुचे शहर मे चैड़ी चैड़ी सड़को जाल बिछा भाई लोगो की बोलती बन्द है जिस थीम रोड की झलक ने मानो भाई लोगो के होस फाकता कर रखे बहरहाॅल करोड़ो की लागत से निर्मित नवग्रह हनुमान, भगवान विष्णु मन्दिर से लेकर वायपास तक एक साइड डामर सड़क ने स्वरूप दिखाया लोग वाह वाह करने से नही चूक रहै जब यह सड़क पूर्ण रूप लेगी तो निश्चित शहर की सुन्दरता मे चार चाॅद लगना तय है मगर फिलहाॅल तो निर्माण कार्य दुत्रगति से जारी हे शहर सूरत बदलने की सूत्रधार बनी म.प्र. शासन की कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक श्री मंत यशोधरा राजे सिंधिया की कोसिश ...

स्वार्थवत सियासत और जीवन मूल्य खोते सरोकार

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व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा अपनो के हाथो पुरूषकृत होने मे निश्चित ही गर्व गौरव की अनुभूति होती मगर गर्व और गौरव की बात तो तब होगी जब यह राष्ट्र गौरान्वित होगा । उक्त भाव उस महापुरूष के है जिसने समुचा जीवन अपने राष्ट्र और जन को समर्पित कर स्वयं के जीवन को मौजूद संसाधनो बीच सिद्ध किया जिन्है सेकड़ो बर्ष बाद भी सत्ता सियासत मे सम्मान जनक स्थान प्राप्त है । मगर आज की सियासत जिस रास्ते सरपट दौड़ रही है उसमे न तो जीवन मूल्य न ही सरोकारो का कोई मूल्य नजर आता मगर फिर भी सेवा कल्याण विकास की गाड़ी आशा अकांक्षाओ के उबड़ खाबड़ रास्तो पर सरपट दौड़ रही है लोकतांत्रिक परम्पराओ के विपरीत सर्बकल्याण का जुनून कितना सफल संक्षम साबित होगा यह तो भबिष्य तय करेगा मगर परिणाम की चिन्ता फिलहाॅल जल्दबाजी होगी मगर जिस अन्दाज मे देश मुखिया ने सदन मे भाव प्रकट किये है वह सुखद सियासत के संकेत कहै जा सकते लेकिन जिस तरह से अन्य सियासत दान बिफरे हुये सेवा कल्याण सर्बकल्याण को लेकर वह भी इस महान लोकतंत्र के सामने बड़ा सबाल है कारण स्पष्ट है स्वयं सिद्ध सर्बकल्याण और अहम अहंकार जिसमे सुधार की अतिअवश्कता है औ...

मुखिया ने माना माफिया के खिलाफ कार्यवाही न काॅफी

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सैल्फ असिस्मेंन्ट होगा सुशासन का पैमाना  वीरेन्द्र शर्मा  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  मैराथन वीडियो काॅन्फ्रेन्स मे मुखिया ने साफ कर दिया है कि फिलहाॅल माफिया के खिलाफ कार्यवाही न काफी है 29 दिन डटकर काम और एक दिन मूल्याकंन हो सुशासन का माध्ययम  उन्होने स्पष्ट किया कि वह भी नियमित स्वयं का मूल्याकंन करते है अर्थात सैल्फ असिस्मेन्ट भले ही मैराथन बैठक से बाहर आयी खबर मे स्पष्टता न हो मगर इतना तो तय है कि मुखिया ने एक मर्तबा फिर से सुशासन पर संज्ञान लिया है और अब म.प्र. मे भी बाबा की सरकार की भाॅति हटाने लगाने का दौर शुरू हो चुका है लेकिन यहाॅ यक्ष सबाल यह है कि अघोषित माफियाओ से पटी सियासत सेवा कल्याण विकास संसाधनो के दोहन को रोकने सरकार के पास क्या ब्लूप्रिन्ट और तैयारी है निश्चित ही उ.प्र. की तरह बड़े संकल्प सुचिता की आवश्कता होगी और सबसे बड़ी बाधा तो सत्ता के शक्ति केन्द्रो को लेकर जब कि उ.प्र. मे एक ही शक्ति केन्द्र है मगर कहते है बाधाये कितनी ही क्यो न हो अगर संकल्प पवित्र है तो असंम्भव कुछ भी नही देखना होगा बैठको सुनवाई जानकारियाॅ भोपाल भिजवाने मे ब्यस्थ मातहत...

करोड़ो के विकास कल्याण से कराहता म.प्र.

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  वीरेन्द्र भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  अब होगा ग्वालियर का करोड़ो की लागत से कायाकल्प ऐसा कोई फटेहाल अभाव ग्रस्त जीवन नही बल्कि स्वयं सत्ता प्रमुख का ख्याल है जैसी की खबरो की दुनिया मे भी चर्चा है यू तो करोड़ो के विकास की गंगा विगत 15 बर्षो से म.प्र. मे अनवरत वह रही है मगर लोग है की उनके कण्ठ अभी भी सूखे पढ़े है अब विकास की विरल गंगा के रहते सच क्या है ये विकास पुरोधा या विकास कल्याण को म.प्र. की धरा पर उतारने बाले वह भागिरथ ही जाने जिन्होने अपनी जटा मे विकास की गंगा को बाॅध मानव जीवन को समृद्ध बनाने का बीड़ा उठा रखा है फिलहाॅल तो गगन चुम्बी घोषणा पर विश्वास का सहारा बैसहारा लोगो की सबसे बड़ी पूॅजी है काश यह सच हो पाये तो बैहाल जीवन की यह सबसे बड़ी उपलब्धि होगी ।

यथार्त को त्याग, इतिहास, विज्ञान मे उलझा जीवन

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समृद्ध जीवन को, समझ और ज्ञान की दरकार  व्ही.एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  जिस तरह कि प्राकृतिक सामाजिक सियासी आपदाओ से जीवन बैहाल है यह इस बात के स्पष्ट संकेत है कि कही तो कुछ गलत हो रहा है जो हमारी समझ ज्ञान को चुनौती देने तैयार ही नही हमे चेतन्य बनाने कई संकेत समय बे समय देती रहती है मगर हम कि समझने ही तैयार नही न ही हम सीखने समझने का कोई ऐसी ब्यवस्था स्थापित कर सके जो समृद्ध जीवन निर्माण मे सहायक हो सके । कारण यथार्त को त्याग जिस तरह से हम इतिहास विज्ञान मे खुशहाॅल जीवन की तलाश मे जुटे है वह सार्थकता से कोसो दूर है कहते इतिहास विज्ञान जीवन को सार्थक बनाने मे सहायक तो हो सकते है मगर सम्पूर्ण समाधन नही यह आज हर समझदार और विद्ववानो के लिये समझने बाली बात होना चाहिए ।  जिस तरह से साख्किीय की अनदेखी कर यथार्त की कीमत पर हमने समृद्धि को अंगीकार किया है उसकी कीमत तो हमे आज नही तो कल चुकानी ही है। क्योकि यह क्रम आज भी अनवरत जारी है राहत के नाम नगद राशि जीवन की कीमत बनती जा रही है बजाये सीख लेने के तो परिणाम तो घातक होने ही है क्योकि सत्ता के लिये वावलि सियासत और स...

विकास की धुन्ध और अधर मे सपने सामर्थ हुआ बैहाल

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स्वार्थ के पीछे दौड़ता पुरूषार्थ, शर्मसार हुआ सर्बकल्याण व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  सर्बकल्याण की सारथी सियासत आज जिस चैराहे पर निढाल खड़ी है आज उसे ही अब अस्तित्व के लाले जान पढ़ते है फिर सत्ता सिहांसन पर आरूढ़ हो या फिर सड़क पर स्वार्थवत सियासत और आमआचरण ने यह सिद्ध कर दिया कि सर्बकल्याण मानव जीवन से आज भी कोसो दूर खड़ा है और अधांधुन्ध विकास मे सपने अधर मे ही रहने बाले है बैहाल सामर्थ और स्वार्थ के पीछे भागता पुरूषार्थ ये सिद्ध करने काॅफी है कि आने बाले समय मे अगर यही हाॅल रहा तो समुचा मानव जीवन कंटको से मुक्त नही रहने बाला है । अगर हम म.प्र. को ही ले तो विगत 30 बर्षो मे जिस तरह दो दो पीढ़िया अभावो के बीच सफर कर चुकी है लगता वह क्रम थमने बाला नही कारण जिस तरह से पुरूषार्थ को सामर्थ सत्ता के पीछे भागने की आदत पढ़ चुकी है और स्वयं स्वार्थो के चलते सर्बकल्याण के भाव से विरक्ति हुई है उसने उस युवा पीढ़ी को तो कही का न छोड़ा जिसने पुरूषार्थ का समय सत्ता की कृपा और संसाघनो के अभाव मे निकाल दिया और जो पचपन नये नये सपने लेकर जवान हुआ वह सम्मानजनक संसाधनो के अभाव सियासत का पिछ...

गाॅब गली तक पहुॅच बनाती वीर सैना

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स्थानीय सरकारो मे प्रभावी भूमिका तलाश  धर्मेन्द्र सिंह  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.  वैचारिक व्यवहारिक आधार पर जिस तरह से वीर सैना ने अभियान छेड़ा है उसे देखकर फिलहाॅल यही कहाॅ जा सकता है कि कुछ हो न हो मगर सियासत मे बहुॅत कुछ अवश्य होने बाला है कारण गाॅब गली तक बढ़ती वीर सैना की पैठ जिस अन्दाज मे स्थानीय सरकारो के आसन्न चुनावो मे अपनी उपस्थिति दर्ज करा सर्बकल्याण मे अपनी भूमिका तय करना चाहती है वह गौर तलब है बचपन से लेकर जबानी और समृद्ध बुढ़ापे के लिये उसने माप दण्ड निष्ठा कर्तव्य के तय किये है उसको आमजन के बीच खासा समर्थन मिल रहा है ये बात अलग है कि संसाधन विहीन वीर सैना हताश निराश नही मगर वैचारिक समर्थन के आधार को ही वह अपनी पूॅजी मान अपना सफर तय करना चाहिती है देखना होगा कि मेहगे होते चुनावो एवं मठाधीशो की सियासी मण्डलियो के बीच वह कितनी सफल हो पाती है ।

राष्ट्र नेतृत्व से बेरूखि क्यो ?

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सकारात्मक सृजनात्मक बिरोध विपक्ष का कर्तव्य   व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  लोकतंत्र मे सकारात्मक सृजनात्मक विरोध विपक्ष का कर्तव्य होता है और उसका सत्ता के लिये संघर्ष भी मगर विरोध जब राष्ट्रहित और संबैधानिक पद की अनदेखी कर सिर्फ विरोध को ही सत्ता प्राप्ती का मार्ग समझ ले तो वह न तो सृजन के हित मे होता है न ही जीवन के हित मे और नेतृत्व विरोध तो एक तरह से उस ब्यवस्था का विरोध हुआ जिसे हमने अंगीकार कर रखा है इस तरह के कृत्य से मानव जीवन को तो छति होती ही है साथ ही राष्ट्रीय आचरण पर भी सबाल होते है अगर विधान ने किसी भी दल को 5 बर्ष तक उसकी नीतियो के हिसाब से देश चलाने का मोका दिया है तो फिर उसकी लोकतांत्रिक आस्था पर अविश्वास क्यो ? क्यो उसकी शफथ पर सबाल हो रहै है जब सियासी इसारो पर महिनो आन्दोलन अहिसा पूर्ण हो सकते है तो फिर मात्र डेढ़ माह मे सम्पन्न होने बाले चुनावो मे सत्ताधारी दल से असहयोग कर उसे उसकी करनी का फल नही दे सकते अगर उसने विधि विरूध या आमजन की आशा आकांक्षा विरूध कोई कृत्य किया है तो उसे चुनावो मे क्यो धूल नही चटा सकते ज्ञात हो कि अन्ना आन्दोलन मे ...

सेवा की सुलगती आग मे स्वाहा होते सरोकार

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कंगाली के बीच पनपता बसूली का कारोबार  व्ही. एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  म.प्र. सेवा की सुलगती आग मे आजकल जिस तरह से समृद्ध खुशहाॅल जीवन से जुड़े सरोकार स्वाहा हो रहै है और कंगाली के बीच बसूली कारोबार को चार चाॅद लग रहै है उसके चलते कोहराम मचना तो तय था ही मगर अभी तो इसकी आग सत्ता की गंगोत्री तक सीमित है जैसै ही इस आग का रूख गंगा की ओर बढ़ेगा जिसके प्रदुषण से पहले ही से लोग हलाकान जीवन मुश्किल होने बाला है ज्ञात हो प्रदेश के सत्ता प्रमुख ने म.प्र. की सत्ता की बागडोर सम्हालते ही सार्बजनिक किया था कि वह प्रदेश से भृष्टाचार का खात्मा गंगोत्री अर्थात उपर से करेगे । मगर दुर्भाग्य की वह विगत 15 बर्षो मे भी ऐसा नही कर सके और गाहे बगाहे सेवा की सरपरस्थि मे सरोकारो का स्वाहा होना शुरू हो गया तो वही दूसरी ओर कोरोना मे कंगाली का लाभ उठा भाई लोग बसूली अभियान मे जुटे है खाली खजाने का बास्ता दे घर का पैसा ठेकेदारी मे लगा लोग दो दो बर्षो से भुगतान होने का इन्तजार कर रहै है मगर उनका भुगतान तो दूर उनकी कोई सुनने तक तैयार नही अगर अपुष्ट सूत्रो की माने तो अब तो सिर्फ उन्ही का भुगतान ...

मुखिया की मंशा पर मशवरे से मातहत परेशान

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बजट की बैला पर मुफलिशी से हैरान   व्ही.एस. भुल्ले  विलेज टाइम्स समाचार सेवा  यू तो मशवरा लेने का प्रचलन आदिअनादी काल से चलता रहा है मगर तब मशविरे सर्बकल्याण धर्म रक्षा हेतु सत्ताये या सत्ता प्रमुख लिया करते थे मगर जब से हम श्रेष्ठ विद्या विज्ञान के वंशजो जाने अनजाने मे गुरू मेकाले की शिक्षा दीक्षा प्राप्त कर जीवन रक्षा, धर्म, सर्बकल्याण का ज्ञान विज्ञान हासिल किया है तब से आज तक हम अपने विधि विधान को त्याग उसे दफन कर सेवा कल्याण के रथ पर सबार स्वार्थ की ध्वजा पताखा लहरा सर्बकल्याण पर विजय हासिल करने संघर्ष मे जुटे है मुफलिसी मे ही सही धृतराष्ट्र बनी हमारी सत्ता सियासत पर निश्चित ही हमे गर्व करना चाहिए । क्योकि अब तो हम गूगल, डेटा गुरू की कृपा से अदृश्य होकर ही फोकट मे सलाह मशवरा बटोरने मे माहिर हो चुके है और चापलूसो के सहारे शूरवीर । बहरहाॅल मशविरा किसी गली गाॅब मोहल्ले गरीब बैरोजगार से नही बल्कि मुखिया ने हमारे पढ़े लिखे विद्यवान श्रीमानो से मांगा जा रहा है कि कंगाल खजाना कैसै भरे शासन की आय कैसै बढ़े फिलहाॅल तो माईबाप वीडियो कान्फ्रेन्स बी. सी. जानकारी बैठक जनसुनवाई पाई प...

स्वराज दौड़ प्रतियोगिता सम्पन्न, अक्षय, राहुल, अंकित रहै प्रथम

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म.प्र.के पिछोर में आयोजित स्वराज दौड़ प्रतियोगिता मे नगरीय ग्रामीण छात्र छात्राओ ने बढ़चड़ कर भाग लिया  विलेज टाइम्स समाचार सेवा म.प्र.   31 जनवरी को पिछोर के छत्रसाल स्टेडियम मे आयोजित स्वराज दौड़ प्रतियोगिता मे सेकडो की तादाद मे छात्र छात्राओ ने भाग लिया जिसमे अक्ष्य, राहुल और अंकित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया 100, 200, 400 मी. की दौड़ मे द्वितीयवर्ग मे अशुल, जितेन्द्र, अमित तथा तृतीय वर्ग मे अभय, अमन, अजय विजयी रहै तो वही बालिकाओ के क्रम मे अनुसुइया प्रथम जूली द्वितीय और निहिती पाण्डेय तृतीय रही ।  कार्यक्रम मे बतौर मुख्य अथिति पूर्व मंत्री म.प्र. शासन भैया साहब लोधी तथा विशिष्ठ अथिति बतौर आर. व्ही स्काॅरल के सैल्स सी.ई ओ. आर. शुवीन्द्र मौजूद रहै जिन्होने प्रतिभागियो को प्रस्तिपत्र सहित सील्ड प्रदान की इस मौके पर कायैक्रम के व्यवस्थापक संजीव पुरोहित ने आगन्तुको का स्वागत करते हुये उनका आभार व्यक्त किया इस मौके पर नीरज पाठक अतर सिंह, कमलेश शर्मा रामू राजोरिया विकास कोली संदीप दुबे शिवम लोधी अमित शर्मा वसंत गुप्ता गुरूदत्त पाठक एवं पिछोर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहै । ज्ञात हो...